इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी- मद्रास के शोधकर्ता ने कम लागत और सौर ऊर्जा से चलने वाले एक ऐसा फ्रीजर बनाने का दावा किया है, जिसके माध्यम से परिवाह के दौरान किसान अपनी उपज को बचा सकते हैं।
तीन पीएचडी छात्रों – सौम्या मुखर्जी और रजनी कांत राय जो जैव प्रौद्योगिकी विभाग से अपनी पढ़ाई पूरी कर रहे है एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग से शिव शर्मा ने पोर्टेबल कोल्ड स्टोरेज विकसित किया है, जिसे टैन 90 नाम दिया गया है।
इस तकनीक के विकास के दौरान बागवानी, मांस / मछली से लेकर उच्च मूल्य के फार्मास्यूटिकल्स उत्पादों के साथ परीक्षण किया गया। इस दौरान तमिलनाडु, पुदुचेरी, राजस्थान, कर्नाटक और तेलंगाना के किसानों के उत्पादों को इसमें शामिल किया गया।
इस परीक्षण के दौरान सब्जियों की ताजगी बनाए रखना और दीर्घकालिक परिवहन के लिए एक स्थिर तापमान देने पर जोर रहा। इसे जैविक कृषि उत्पादकों के लिए उपयुक्त बताया जा रहा है। टैन 90 ने हाल ही में आयोजित इंडिया इनोवेशन ग्रोथ प्रोग्राम 2.0 में ओपन इनोवेशन चैलेंज जीता भी जीता है।
इस शोध के दौरान छात्रों के मार्गदर्शक रहे सत्यनारायण शेषाद्रि, सहायक प्रोफेसर, आईआईटी-मद्रास बताते है कि “टैन 90 कृषि उपज का जीवनकाल को बढ़ाता है, क्योंकि इसमें एक बेहतर इन्सुलेशन डिज़ाइन का प्रयोग किया गया है, जो इसके तापमान को 10 घंटों के लिए 10 डिग्री सेल्सियस पर बनाए रखता है। ”
