अमितेश सिंह
गाजीपुर: उत्तर प्रदेश में पुलिस ज्यादती की बातें तो मीडिया की सुर्खिया बनते अक्सर आपने सुना होगा। लेकिन जब कानून को लागू करने वाले ही डर—डर कर जिंदगी व्यतित कर रहें हो तो प्रदेश के कानून व्यवस्था की स्थिति को आसानी से समझा जा सकता है। कुछ ऐसा ही उत्तर प्रदेश में होता दिख रहा है। आम जनता के जान माल की सुरक्षा करने वाले पुलिस कर्मी वर्तमान में अपने ही जान की सुरक्षा के लिये चिन्तित है। जनपद के दर्जनो थाने एवं पुलिस चौकियां जर्जरावस्था में हैं। गुरूवार को सामाजिक संस्था समग्र विकास इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रज भूषण दूबे के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शहर कोतवाली की पुलिस चौकी गोराबाजार की जर्जर अवस्था पर सुवह 9 से 10 बजे तक सत्याग्रह किया।
दूबे ने कहा कि गुलामी के दिनो में अग्रेजों द्वारा स्थापित पुलिस चौकी काफी जीर्ण-शीर्ण है। दीवालें इतनी जर्जर हैं कि इस पार से उस पार तक दिखायी देता है। दीवालों की जर्जरता इस प्रकार है कि पैर के एक ठोकर को भी बर्दाश्त न कर पायें। सीमेण्ट सीट आधे से अधिक टूट गयी है जिससे सूर्य का प्रकाश व बरसात का पानी सीधे भीतर आता है। पेयजल का भी समुचित प्रबन्ध नहीं है। शौचालय जनता के सहयोग से बना है जो स्तरीय नहीं है। खुला बरामदा होने के कारण ठण्ड में पुलिस के जवानो को ठिठुरना पडा है। दूबे ने कहा कि इसके लिये उन्होने पुलिस अधीक्षक राम किशोर से लिखित अनुरोध किया था कि जर्जर थाने व पुलिस चौकियों का जीर्णोद्धार कराया जाय। आवश्यकता पडने पर थानो पर टेण्ट लगाये जाए।
जावेद अहमद एवं नीरज सिंह ने कहा कि जनपद के जर्जर थानो व चौकियों को ठीक कराने तथा पुलिस कम्रियों को मौलिक सुविधाएं प्रदान कराये जाने हेतु अभियान चलायेंगे। उक्त अवसर पर रूद्रेश कुमार निगम, विनोद कुमार तिवारी, आनन्द कुशवाहा, लक्ष्मीकान्त चैबे, पवन पाण्डेय, धीरज विस्वा, दिनेश यादव, शीर्षदीप, सोनू सिंह आदि ने सत्याग्रह में भाग लिया। पुलिस चैकी सैदपुर, हंसराजपुर, शाहनिन्दा लोटन इमली के अलावा जर्जर थाना शादियाबाद, सैदपुर, गहमर, जमानियां आदि के लिये भी सत्याग्रह करने के विषय पर भी व्यापक चर्चा हुयी।

