कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को मरहम लगाने के लिए आगे आए योगी आदित्यनाथ व मनोहर लाल

संतोष कुमार सिंह
लखनऊ: कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों या जिन परिवारों में जनहानि हुई है और उनके बच्चे अनाथ ही गए हैं, ऐसे बच्चों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार (UP government) उठाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना प्रारंभ करने की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी में दौरान जिन परिवारों में जनहानि हुई है और उनके बच्चे अनाथ ही गए हैं। यही कारण है कि मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिया है कि बच्चों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार ( UP government ) उठाएगी।
क्या है स्थिती
वैसे तो को की विभीषिका के कारण प्रदेश में कई बच्चों के माता-पिता का असमय देहान्त हो गया है। ऐसे बच्चों के लालन-पालन और शिक्षा-दीक्षा लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इन बच्चों के प्रति संवेदना का भाव रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath) ने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना प्रारंभ करने की घोषणा की है।

क्या कहते हैं मुख्यमंत्री
इस पहल की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बच्चे जिन्होंने कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता अथवा यदि उनमें से एक ही जीवित थे, तो उन्हें अथवा विधिक अभिभावक को खो दिया हो और जो अनाथ हो गए हों उनकी राज्य सरकार द्वारा समुचित देखभाल की जाएगी। ऐसे बच्चों को जीवन में उन्नति के सभी अवसर उपलब्ध हो सकें, इसके लिए राज्य सरकार सभी जरूरी प्रबन्ध करने के लिए तत्पर है। इसी भावना के साथ उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना प्रारंभ की जा रही है।
इस पहल की औपचारिक घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बच्चे जिन्होंने कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता अथवा यदि उनमें से एक ही जीवित थे, तो उन्हें अथवा विधिक अभिभावक को खो दिया हो और जो अनाथ हो गए हों उनकी राज्य सरकार द्वारा समुचित देखभाल की जाएगी। ऐसे बच्चों को जीवन में उन्नति के सभी अवसर उपलब्ध हो सकें, इसके लिए राज्य सरकार सभी जरूरी प्रबन्ध करने के लिए तत्पर है। इसी भावना के साथ उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना प्रारंभ की जा रही है।

यह होंगे योजना के लाभ

1- बच्चे के वयस्क होने तक उनके अभिभावक अथवा देखभाल करने वाले को 4,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
2- दस वर्ष की आयु से कम के ऐसे बच्चे जिनका कोई अभिभावक अथवा परिवार नहीं है, ऐसे सभी बच्चों को प्रदेश सरकार द्वारा भारत सरकार की सहायता से अथवा अपने संसाधनों से संचालित राजकीय बाल गृह (शिशु) में देखभाल की जाएगी। मथुरा, लखनऊ प्रयागराज, आगरा एवं रामपुर में राजकीय बाल गृह (शिशु) संचालित हैं।

3- अवयस्क बालिकाओं की देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। इन्हें भारत सरकार द्वारा संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (आवासीय) में अथवा प्रदेश सरकार द्वारा संचालित राजकीय बाल गृह (बालिका) में रखा जाएगा। जहां इनकी देखभाल और शिक्षा-दीक्षा के प्रबंध होंगे। वर्तमान में प्रदेश में 13 ऐसे बाल गृह संचालित हैं। इसके अलावा, सुविधानुसार इन्हें प्रदेश में स्थापित किए जा रहे 18 अटल आवासीय विद्यालयों में रखकर उनकी देखभाल की जाएगी।

4- बालिकाओं के विवाह की समुचित व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार बालिकाओं की शादी हेतु रुपये 1,01,000 की राशि उपलब्ध कराएगी।

5- स्कूल अथवा कॉलेज में पढ़ रहे अथवा व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर रहे ऐसे सभी बच्चों को टैबलेट/लैपटॉप की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।                                                                                                                                                  -…अनाथ हुए बच्चों
आगे आए मनोहर लाल
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कोविड के कारण माता पिता की मृत्यु के बाद अनाथ हुए बच्चों के लिए की बड़ी राहत की घोषणा की है।

— मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत ऐसे सभी बच्चे जिन्होंने अपने माता-पिता या उनका पालन पोषण करने वालों को खोया है उनको सरकार देगी आर्थिक सहायता।
— परिवारों को ऐसे बच्चों का पालन पोषण करने के लिए 18 वर्ष तक 2500 रुपये प्रति बच्चा प्रति महीना देगी राज्य सरकार।
— 18 वर्ष तक की आयु तक जब तक बच्चा पढ़ाई करेगा तब तक 12000 रुपये अन्य खर्चों के लिए भी देगी सरकार।
— जिन बच्चों के देखभाल करने वाला परिवार का कोई सदस्य नहीं है उनकी देखभाल बाल देखभाल संस्थान करेंगे।
— बाल देखभाल संस्थान को 1500 रुपए प्रति बच्चा प्रति महीना 18 वर्ष तक सहायता देगी सरकार।
— यह राशि आवधि जमा के रूप में बैंक खाते में डाल दी जाएगी और 21 वर्ष की आयु होने पर बच्चे को मैच्योरिटी राशि दे दी जाएगी।
— अन्य पूरा खर्चा बाल देखभाल संस्थान द्वारा किया जाएगा

जिन लड़कियों ने किशोरावस्था में अपने माता पिता को खोया है उन्हें कस्तूरबा गांधी बाल विद्यालय में आवासीय शिक्षा मुफ्त दी जाएगी।
—इन बालिकाओं को मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत 51000 रुपये भी उनके खाते में डाल दिए जाएंगे,विवाह के समय उन्हें ब्याज सहित पूरी राशि दी जाएगी।                                                                                                          …..अनाथ हुए बच्चों

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