
Navratri 2nd Day Maa Brahmacharini: आज चैत्र शुक्ल पक्ष की उदया तिथि द्वितीया और सोमवार का दिन है। इसी के साथ नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विधान है। द्वितीया तिथि आज सुबह 9 बजकर 12 मिनट तक रहेगी, उसके बाद तृतीया तिथि लग जाएगी। आज चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी और चंद्रघंटा दोनों ही स्वरूप की पूजा की जाएगी। ब्रह्मचारिणी का अर्थ, ब्रह्म का अर्थ होता है तपस्या और चारिणी का अर्थ आचरण से है, यानी ये देवी तप का आचरण करने वाली हैं। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार ये हिमालय की पुत्री थीं तथा नारद के उपदेश के बाद भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए इन्होंने कठोर तप किया। जिस कारण इनका नाम तपश्चारिणी अर्थात् ब्रह्मचारिणी पड़ा देवी मां के इन रूपों की पूजा करने से भक्तों को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। तो चलिए जानते हैं कि चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन माता रानी को क्या भोग लगाएं और किन मंत्रों का जाप करना चाहिए।
मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप
मां ब्रह्मचारिणी सफेद वस्त्र धारण किए हुए दाहिने हाथ में जप माला और बाएं हाथ में कमंडल है। इनकी पूजा से व्यक्ति के अंदर जप-तप की शक्ति बढ़ती है। मां ब्रह्मचारिणी अपने भक्तों को संदेश देती हैं कि परिश्रम से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। हालांकि नारद जी के उपदेश से मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शंकर को प्रसन्न करने के लिए कठिन तपस्या की थी। इसलिए इन्हें तपश्चारिणी भी कहा जाता है। मां ब्रह्मचारिणी कई हजार वर्षों तक जमीन पर गिरे बेलपत्रों को खाकर भगवान शंकर की आराधना करती रही और बाद में उन्होंने पत्तों को खाना भी छोड़ दिया। जिससे उनका एक नाम अपर्णा भी पड़ा। लिहाजा देवी मां हमें हर स्थिति में परिश्रम करने की और कभी भी हार न मानने की प्रेरणा देती हैं।
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मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र महत्व
आज मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाएगी। मां दुर्गा का ये स्वरूप अनंत फल देने वाला है। कहते हैं आज जो भी व्यक्ति मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करता है, वह जीवन के किसी भी क्षेत्र में जीतने की शक्ति हासिल कर सकता है। इससे व्यक्ति के अंदर संयम, धैर्य और परिश्रम करने के लिये मनोबल की भी बढ़ोतरी होती है। अगर आप भी किसी कार्य में अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहते है, तो आज आपको देवी ब्रह्मचारिणी के इस मंत्र का जप जरूर करना चाहिए। ‘ऊं ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:।’ आज आपको इस मंत्र का कम से कम एक माला, यानि 108 बार जप करना चाहिए। इससे विभिन्न कार्यों में आपकी जीत सुनिश्चित होगी। साथ ही आज माता को शक्कर और पंचामृत का भोग लगाने से व्यक्ति को लंबी आयु का वरदान मिलता है।

मां ब्रह्मचारिणी को लगाएं इन चीजों का भोग
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की विधिपूर्वक पूजा करें। और उन्हें चीनी या गुड़ का भोग लगाएं। मां ब्रह्मचारिणी को चीनी या गुड़ अर्पित करने से अकाल मृत्यु का संकट दूर हो जता है। इसके साथ माता रानी दीर्घायु का आशीर्वाद भी देती हैं। माता चंद्रघंटा को गाय के दूध से बनी खीर का भोग लगाएं। इसके अलावा खीर का भोग लगाने से जातक को सभी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा माता चंद्रघंटा को दूध से बनी मिठाई का भोग भी अर्पित कर सकते हैं।

