‘बीबीपुर मॉडल’का बढ़ा दायरा,अब सौ गांव में होगा काम

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पंचायत खबर टोली

जिंद: गांव के विकास कोई खास मॉडल तो नहीं हो सकता,लेकिन अलग—अलग जगहों पर लोग अपने तरीके से गांव—गंवई के जीवन में बदलाव लाने की ​कोशिश में लगे हुए हैं। कुछ इसी तरह की कोशिश हरियाणा के बीबीपुर पंचायत में हो रही है,और इस काम को अब आसपास के जिलों मेवात और गुरुग्राम में महिला सशक्तिकरण के लिए फैलाया जाएगा। इस इलाके के 100 गांवो को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने गोद लिया है। इस मॉडल को लागू करने की जिम्मेदारी बीबीपुर के पूर्व सरपंच सुनील जागलान को ही सौंपी गई जो सेल्फी​ विद् डॉटर कार्यक्रम एवं महिला सशक्तिकरण के लिए अपने काम के जरिए काफी लोकप्रिय हैं।

क्या है बीबीपुर मॉडल

जींद जिले का बीबीपुर गांव देश का पहला ऐसा गांव है, जहां बेटियों को समाज में मान-सम्मान दिलाने की दिशा में सफल प्रयोग हुए हैं। जागलान ने सरपंच रहते हुए यहां महिला पंचायत का आयोजन कराया। घरों के आगे बेटियों के नाम की तख्ती लगवाई। उनका सेल्फी विद डॉटर अभियान पूरे देश में प्रचलित हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम में कई इन अभियानों का उल्लेख कर चुके हैं। गांव की लड़कियों की टीम लाडो का गठन किया गया है। लाडो टीम छुट्टी के दिन गांव की महिलाओं को उनके अधिकार बताने, उनके मोबाइल में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, एसएचओ महिला पुलिस स्टेशन, 1098 महिला हेल्प लाइन के नंबर सेव करने, कंप्यूटर के ज्ञान के प्रति जागरूक करने, स्वच्छता तथा परदा प्रथा के विरोध की जानकारी देती है।

 उम्र सीखने की कोई उम्र नहीं होती, इंसान जब चाहे नई चीजें सीख सकता है। तभी तो हरियाणा के जींद जिले (Jind district of Haryana) में रहने वाली एक-दो नहीं बल्कि ऐसी कई महिलाएं मिल जाएंगी जो भले ही दादी-नानी बन गई हों, लेकिन आज वो बड़े शौक से कम्प्यूटर चलाना सीख रही हैं। बैंक और एटीएम से जुड़ा काम खुद करती हैं। ये सब संभव हुआ है इलाके के पूर्व सरपंच सुनील जगलान  की वजह से। जो बुजुर्ग महिलाओं को कम्प्यूटर शिक्षा  हासिल करने के लिये प्रेरित करते हैं।

प्रणव मुखर्जी भी प्रभावित

बीबीपुर जींद जिले का विकासशील गांव है, जहां शुरू हुई सामाजिक जागरूकता से राष्ट्रपति प्रभावित हैं। राष्ट्रपति द्वारा गोद लिए गए गांवों में मेवात और गुरुग्राम के गांव शामिल हैं। बीबीपुर मॉडल को सौ गांवों में लागू करने की जिम्मेदारी इसी गांव के पूर्व सरपंच सुनील जागलान को सौंपी गई है। राष्ट्रपति ने हाल ही में जागलान की सेल्फी विद डॉटर की शुरुआत की थी।

पांच गांव से शुरू हुआ सफर 100 गांव तक पहुंचा

राष्ट्रपति ने 2016 में गुरुग्राम के पांच गांवों को गोद लिया था। इन गांवों में हुए विकास कार्यो की समीक्षा के बाद 100 गांवों को गोद लिया गया है। राष्ट्रपति भवन के निदेशक आइएएस निरंजन कुमार सुधांशु ने सुनील जागलान को पत्र भेजकर अभियान शुरू करने को कहा है। नए विकसित होने वाले गांव पूर्व में विकसित किए जा रहे गांवों के पांच से सात किलोमीटर के दायरे में हैं। सुधांशु के अनुसार नए सौ गांवों में बीबीपुर मॉडल ऑफ वूमैन एंपावरमेंट एंड विलेज डेवलपमेंट, युवाओं को जागरूक करना, लाडो स्वाभिमान द्वारा सशक्तिकरण और पंचायत प्रतिनिधियों को जागरूक करने का काम शामिल है। सबसे पहले 100 गांवों की पंचायत को आपस में जोड़ने का काम होगा। इसके लिए अलग से वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है।

कौन है सुनील जगलान

हरियाणा के जींद जिले  के बीबीपुर गांव में रहने वाले सुनील जगलान पिछले कई सालों से ‘बीबीपुर मॉडल ऑफ वीमेन एम्पावरमेंट एंड विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम’ चला रहे हैं। इसके लिए उन्होने जींद जिले के तलौडा  रूपगढ़, ढाटरथ, उड़ाना गांवों को गोद लिया है। इन गांव का विकास वो बीबीपुर मॉडल की तर्ज पर कर रहे हैं।

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