गेहूं की दस नई प्रजातियों पर मुहर

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  • बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान में 11 वैज्ञानिकों के पैनल ने की गहन चर्चा
  • करनाल के गेहूं की तीन और जौ की चार प्रजातियों को मिली मंजूरी

 वाराणसी: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू)के कृषि विज्ञान संस्थान से देश को 10 नई बेहतरीन प्रजातियां मिल गई हैं। 11 वैज्ञानिकों के पैनल ने गहन चर्चा के बाद गेहूं की छह और जौ की चार प्रजातियों पर अपनी मुहर लगाई। हालांकि कृषि विज्ञान संस्थान में इस बार स्वीकृति के लिए कुल 11 प्रजातियां आई थीं लेकिन किन्हीं कारणों से जौ की एक प्रजाति को वैज्ञानिकों की संस्तुति नहीं मिल पाई। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की प्रजाति को अभी स्वीकृति नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि इस पर आइसीएआर की मुहर लगनी बाकी है। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने गेहूं की एक नई प्रजाति तैयार की है।

देश को गेहूं व जौ की नई प्रजातियों को संस्तुति देने के लिए 25 अगस्त से ही संस्थान के शताब्दी प्रेक्षागृह में अखिल भारतीय गेहूं व जौ समन्वित विकास परियोजना सम्मेलन चल रहा था। सम्मेलन के तीसरे दिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने वैज्ञानिकों को सम्मानित किया था। देश भर के 20 केंद्रों पर वैज्ञानिक पुष्टि के बाद फसलों की नई प्रजातियां यहां प्रस्तुत की गई थीं। संस्थान के निदेशक प्रो. ए. वैशंपायन ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की मुहर नहीं होने के कारण बीएचयू को यह उपलब्धि नहीं मिल पाई है। हां, अगले दो-तीन माह में यहां की नई प्रजाति रिलीज हो जाएगी। आयोजन सचिव प्रो. रमेश कुमार सिंह ने बताया कि राजस्थान की 10 प्रजातियों में से अकेले गेहूं अनुसंधान संस्थान करनाल की ही गेहूं की तीन व जौ की चार प्रजातियों को संस्तुति दी गई। वैज्ञानिकों ने किसानों की आय दोगुनी करने पर भी चर्चा की।

खास हैं ये प्रजातियां

गेहूं की जो प्रजातियां हैं उनमें जिंक व आयरन की मात्र अधिक है। ये पाच्य और कुकिंग के लिए भी बेहतर मानी जा रही हैं। उपज में भी बेहतर होगी।

विदेश से नहीं मंगाएंगे माल्ट

प्रो. रमेश कुमार सिंह ने बताया कि बीयर, बिस्कुट, बच्चों के लिए प्रोडक्ट सेरेलेक आदि के लिए विदेश से माल्ट यानी जौ के बेहतर दाने मंगाए जाते हैं। अब इन नई प्रजातियों में यह सारे गुण हैं। कई शोध में यह परिणाम सामने आया कि यह जौ तमाम प्रोडक्ट के लिए बेहतरीन साबित हुआ है।

(दैनिक जागरण से साभार)

 

 

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