
पटना: बिहार के किसानों के लिए यह वर्ष आफत का संकेत दे रहा है। दरअसल बिहार का रोहतास इस बार भीषण सिंचाई संकट से जूझ रहा है जून का महीना चल रहा है, लेकिन जिले की नहरों में अब तक पानी नहीं आया है। ऐसे में यहां के किसान धान की बुआई के लिए तैयार हैं. बीज खरीदे जा चुके हैं, खेत जोते जा चुके हैं, पर पानी न होने से बुआई नहीं हो पा रही।नहरों में पानी न आने से किसान बेहद परेशान हैं।
पानी का होगा समाधान
जल संकट के बीच अच्छी खबर आई है। जल संसाधन विभाग ने घोषणा की है कि 15 जून से इंद्रपुरी बराज से पश्चिमी और पूर्वी संयोजक नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा जाएगा, जिससे रोहतास समेत पूरे शाहाबाद क्षेत्र में धान की रोपनी हो सकेगी।
जल संसाधन विभाग की क्या है तैयारी
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि किसानों की लगातार मांग और बुआई के मौसम को देखते हुए 3 जून से ही पश्चिमी नहर में 1009 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिसे अब बढ़ाकर 2226 क्यूसेक कर दिया गया है। वहीं, पूर्वी संयोजक नहर में 15 जून से पानी छोड़े जाने की तैयारी है। अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों जलाशयों में बिहार के हिस्से का पानी पर्याप्त मात्रा में संग्रहित है और उसकी आपूर्ति पर नजर रखने के लिए जल्द ही विभागीय अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
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बिहार में इंद्रपुरी बराज का महत्व
इंद्रपुरी बराज बिहार के 8 जिलो में रोहतास, भोजपुर, कैमूर, बक्सर, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल और पटना की लाखों एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई का मुख्य स्रोत है। ऐसे में समय पर नहरों में पानी आना इस पूरे क्षेत्र की खेती और किसानों की आजीविका के लिए समृद्धि प्रदान करेगा।

