शाश्वत सिंह
नई दिल्ल़ी: भारत में क्रिकेट एक धर्म की तरह पूजा जाता है। क्रिकेट एक ऐसा खेल है जो 140 करोड़ भारतीय को जोड़कर रखता है। क्रिकेट में कई महानतम खिलाड़ी हुए है उन्हीं महानतम खिलाड़ियों में भारत के स्टार क्रिकेटर विराट कोहली का भी नाम शुमार है। आज के बाद हम विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट में खेलते हुए नहीं देख सकेंगे क्योंकि आज के दिन भारत के स्टार क्रिकेटर विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है।
हालांकि 36 वर्षीय कोहली ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल के ज़रिए अपने फ़ैसले की घोषणा की। उन्होंने लिखा, “टेस्ट क्रिकेट में बैगी ब्लू पहने हुए मुझे 14 साल हो गए हैं। ईमानदारी से कहूँ तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह फ़ॉर्मेट मुझे किस सफ़र पर ले जाएगा। इसने मेरी परीक्षा ली, मुझे बहुत कुछ दिया और मुझे ऐसे सबक सिखाए जिन्हें मैं जीवन भर अपने साथ रखूंगा।
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टेस्ट क्रिकेट में धोनी से सफल कप्तान थे कोहली
जब एमएस धोनी 2014-15 की बॉर्डर-गावस्कर सीरीज़ के बीच में ही रिटायर हो गए, तो कोहली ने कप्तानी संभाली। उस समय, भारत ICC टेस्ट रैंकिंग में 7वें स्थान पर था। 2022 में जब उन्होंने पद छोड़ा, तब तक भारत तालिका में शीर्ष पर पहुंच चुका था। कोहली के कार्यकाल की खासियत टेस्ट क्रिकेट पर उनका जबरदस्त पकड़ था। उन्होंने भारत को न केवल घरेलू धरती पर बल्कि चुनौतीपूर्ण विदेशी परिस्थितियों में भी अपनी लपटानी में जीत दिलाया।
विराट ने 2011 में टेस्ट क्रिकेट में किया था प्रदार्पण
2011 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने के बाद से, विराट कोहली ने 123 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 46.9 की औसत से 9,230 रन बनाए हैं। उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 254 रन रहा है, जहां उन्होंने 30 शतकों और 31 अर्धशतकों लगाया जो उन्हें भारत के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक बनाता है। कोहली ने जिस तरह से टेस्ट क्रिकेट में अपना योगदान दिया पिछले डेढ़ दशक में वो क्रिकेट इतिहास में सुनहरे अक्षर में लिखा जाएगा ,हालांकि विराट कोहली वन डे मैच पहले की तरह खेलते रहेंगे।


