महाराष्ट्र के परभणी में भड़की हिंसा..संविधान का अपमान, आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग

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वर्षा वर्मा

Maharashtra Violence: महाराष्ट्र के परभणी में अंबेडकर स्मारक में की गई तोड़फोड़ के विरोध में बुलाए गए बंद के दौरान अचानक हिंसा भड़क उठी। इलाके में गाड़ियों और दुकानों में तोड़फोड़ के बाद आगजनी की घटना सामने आई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। एहतियातन इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोपन दत्ताराव पवार ने मंगलवार को रेलवे स्टेशन के सामने अंबेडकर स्मारक में संविधान की प्रतिकृति को तोड़ने की कोशिश की थी। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने उसे बुरी तरह से पीटा था और बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

संविधान की प्रतिमा तोड़ने के खिलाफ लोगों ने बुधवार को परभणी बंद बुलाया था। इस दौरान आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की गई। बंद के दौरान हिंसा भड़क गई और लोगों ने तोड़फोड़-आगजनी शुरू कर दी। कई रिहायशी इमारतों पर भी पत्थरबाजी की गई। उपद्रव को देखते हुए इलाके में धारा 163 लागू कर दी गई है। परभणी हिंसा पर एनसीपी (शरद गुट) सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, जिस तरह से एक शख्स ने परभणी शहर में भारत रत्न डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के पास संविधान की रेप्लिका को क्षतिग्रस्त किया, वह अपमानजनक है। ऐसा करने वाले शख्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जो लोग संविधान की अवहेलना करते हैं, उन्हें कहना होगा कि इसके समानता के सिद्धांत अमान्य हैं।

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हालांकि वंचित बहुजन अघाड़ी के प्रमुख प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि, परभणी में जातिवादी मराठा उपद्रवियों द्वारा बाबासाहेब की प्रतिमा पर भारतीय संविधान की धज्जियां उड़ाना, कम से कम कहने के लिए तो बहुत ही शर्मनाक है। यह पहली बार नहीं है जब बाबासाहेब की प्रतिमा या दलित पहचान के प्रतीक पर इस तरह की तोड़फोड़ की गई हो।

 

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