पठन रुचि को बढ़ाने में सहायक शामली पुस्तक मेला

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कर्तव्य संस्था द्वारा उत्तर प्रदेश के शामली जनपद के वी. वी. इंटर कालेज में हाल ही में दूसरे तीन दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन किया गया। पठन अभिरुचि को बढ़ावा देने के लिहाज से काफी सफल प्रयास रहा।संस्था द्वारा जनपद के लगभग दो सौ गाँवों में व्यापक जनसंपर्क किया गया। तीन सौ से भी अधिक स्कूल के बच्चों को पठन पाठन के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाई गई।मेले में बच्चों के बीच विविध प्रतियोगिताओं का सिलसिला लगातार तीन दिन तक चलता रहा। जिसमें स्पीड प्रतियोगिता,वाद-विवाद, निबंध, भाषण,अंत्याक्षरी सामूहिक नृत्य, स्वरचित कविता पाठ आदि के आयोजन सराहे गए।संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली के सौजन्य से ही मथुरा के ब्रजवाणी सांस्कृतिक कला केन्द्र के बलदेव सिंह आजाद एंड पार्टी के पंद्रह कलाकारों के दल ने प्रसिद्ध नौटंकी अमरसिंह राठौर्य का मंचन किया जो की यहाँ के दर्शकों के लिए अनूठा प्रदर्शन था। लोगों ने संस्था व अकादमी को इस लो विरासत के संरक्षण और प्रदर्शन के प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की ।

kartavya 2मेले मे संस्था एवं रोटरी क्लब के सहयोग से आयोजित बिजनौर के जादूगर पाशा के जादू के खेल ने बच्चों तो क्या बड़ों को भी अपने इंद्रजाल से सम्मोहित किया। लगातार दो दिन तक पठन रुचि को बढ़ावा देते शिक्षा के महत्व को उजागर करते उनके जादू के खेलों की मेले में धूम रही।

इसी का नतीजा था कि मेले में ज्ञानपीठ, साहित्य अकादमी नई दिल्ली से लेकर बिजनौर व अन्य स्थानों से सोलह प्रकाशकों ने अपने स्टाल लगाए। और बच्चों व अन्य आयु वर्ग के 30,000 पाठकों पुस्तक प्रेमियों ने मेले में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मेले में संस्था द्वारा पुस्तक प्रेमियों के लिए विविध आयोजन किए गए। संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली के सहयोग से जोधपुर के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार राजशेखर भट्ट के कठपुतली दल ने कठपुतली का तमाशा दिखाकर मेले में पुस्तक प्रेमियों को चमतकृत कर दिया। विशेष रूप से बच्चों के लिए यह अनूठा आयोजन रहा।

मेले में बच्चों को प्राचीन भारतीय इंजीनियरिंग कला से परिचित कराने के लिए कुम्हार को एक स्टाल में जगह दी गई थी। नई पीढ़ी के बच्चों में से बहुतों ने इसे नहीं देखा था। वे अपने सामने बनते मिट्टी के बर्तनों को देख चमत्कृत थे। स्थानीय ग्राम कनडेला से आए सात सदस्यीय दल ने कर्णप्रिय रागनियाँ सुनाकर लोगों को भावविभोर कर दिया।

kartavyaराष्ट्रीय पुस्तक न्यास नई दिल्ली से आए मानसरंजन महापात्र द्वारा पठन रुचि को बढ़ाने के लिए पाठक मंच की स्थापना को लेकर स्थानीय गाँवों में कर्तव्य संस्था द्वारा चलाई जा रही लाइब्रेरियों के संचालकों व स्थानीय विद्यालयों के शिक्षकों के साथ मेले में कार्यशाला का आयोजन किया। जिसमें दिल्ली से आए वरिष्ठ शिक्षाविद साहित्यकार प्रेमपाल शर्मा व बाल साहित्यऽार रजनीकात शुक्ल ने भी भाग लिया।

मेले के समापन के अवसर पर समाज की बेहतरी के लिए कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। कुल मिलाऽर यह मेला स्थानीय स्तर पर अपनी स्थायी छाप तो छोड़ ही गया। भविष्य के लिए बेहतर उम्मीदें भी जगा गया।

 

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