सब्जी उत्पादक किसानों को जल्द मिल सकता है ड्रायर ​मशीन का तोहफा

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भावना त्रिपाठी

गांव देहात में अक्सर एक कहावत कही सुनी जाती है…खेती कर तरकारी, नौकरी कर सरकारी। यानी ​इसका अर्थ हुआ कि खेती ही करनी है तो सब्जी की खेती करो और नौकरी करनी है तो सरकारी नौकरी करो। ऐसे इसलिए कहा जाता है कि इसमें एक निश्चित आमदनी तय मानी जाती है और सौदा मुनाफे का माना जाता है।


लेकिन ये शायद बीते दिनों की बात रही होगी। आज भी किसान नकदी आमदनी के लिए मुख्य फसलों के अलावा सब्जी की खेती तो करते ही हैं लेकिन अचानक सब्जियों के भाव गिर जाने से किसानों को बहुत नुकसान झेलना पड़ता है। तभी तो कभी टमाटर और प्याज के भाव आसमान छूते नजर आते हैं तो कभी कौड़ी के मोल बिकते। लेकिन आपने सोचा है कि आखिर ऐसा होता क्यों है, क्यों हमारे किसान भाई अपनी फसल को अपनी शर्तों पर नहीं बेच पाते। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे यहां भंडारण बड़ी समस्या है। विशेष रूप सब्जी की खेती जिसमें आप लंबे समय तक अपनी उपज को नहीं रख पाते और बर्बाद होने का खतरा बना रहता है।
लेकिन जनाब अब वो बीते दिनों की बात होगी और आज का किसान विज्ञान के साथ तारतम्य बिठा कर चल रहा है। भले ही ये प्रयोग सीमित अर्थों में दिखाई देते हों लेकिन ऐसा कर हमारे किसान भाई नुकसान से तो बच ही जाते हें बशर्ते स्टोर करने की सही व्यवस्था हो।
इस लिहाज से देखें तो विज्ञान ने किसानों के सामने एक ऐसा विकल्प दिया है, जिसमें किसान अपनी सब्जियों को स्टोर कर सकते है और सही समय पर या मनमाफिक अपनी सब्जियां बेच सकते है। और यह विकल्प है ड्रायर मशीन।

कैसे करें इस्तेमाल…
किसान सब्जी को काटकर ड्रायर मशीन के जरिए ड्राई करके एयर टाइट पॉलीबैग में भरकर अच्छे से स्टोर कर सकते है। पहले सब्जी की स्लाइस बना कर मशीन की जालीदार ट्रे में रखा जाएगा। इसके बाद मशीन को ऑन करके 45 डिग्री तापमान पर सब्जियां रखी जाएंगी और एक तय समय के बाद सब्जियों को बाहर निकालकर एयर टाइट पॉलीथिन में पैक कर दिया जाएगा। इसके बाद किसान जब चाहे तब बाजार में इस सब्जी को बेच कर अच्छा पैसा कमा सकते हैं और सब्जियों के दाम गिरने से होने वाले नुकसान से बच सकते है।

आय का एक और जरिया
किसान सब्जियां स्टोर करके तो मुनाफा कमा ही सकते है इसके साथ ही कुछ कंपनियां अब सब्जियों को ड्राई फोम में भी यूज़ करती हैं। यह किसानों की आय बढाने का एक अच्छा विकल्प है। हालांकि सरकार के स्तर पर इसे किसानों को रिकमेंड नहीं किया गया है। बावजूद इसके कई कंपनियां इस दिशा में पहल कर रही हैं कि डेमोंस्ट्रेशन पूरा होने के बाद ही इसे किसानों को सजेस्ट किया जाये।

सब्जी विशेषज्ञ करेंगे डेमोंस्ट्रेशन
हरियाणा के करनाल के घरौंडा में स्थित इंडो इजराइल सब्जी उत्कृष्ट केंद्र में चार ड्रायर मशीनें पहुंची हैं। आपको बता दें कि सब्जी विशेषज्ञ मशीनों से सब्जी को ड्राई करने और पैकिंग करने का डेमोंस्ट्रेशन करेंगे। इस डेमोंस्ट्रेशन में विशेषज्ञ इस मशीन की स्पीड और किसानों के लिए यह मशीन कितनी लाभकारी साबित होगी जैसे बिन्दुओं पर बात करेगी। सबकुछ ऑब्जर्व करने के बाद जो परिणाम सामने आएंगे, उसके आधार पर ही किसानों को ये मशीनें रिकमेंड किया जाएगा। यदि यह प्रयोग सफल होता है तो निश्चित तौर पर हमारे किसानों के दिन बहुरेंगे विशेष रूप से उन किसानों के जो सब्जी की खेती करते हैं और इस आशंका में जीते हैं कि कहीं उनकी फसल बर्बाद न हो जाये या फिर समय पर न बिक पाये।

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