
Pusa Agricultural Science: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज 22 फरवरी को नई दिल्ली में पूसा कृषि विज्ञान मेला (PKVM) 2025 के उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि कृषि विकास के लिए किसानों का विज्ञान से जुड़ना जरूरी है। देशभर में 17 जगह कृषि मेला का आयोजन किया जा रहा है। कृषि मंत्री ने कहा कि वह किसानों से वार्ता करने जा रहे हैं। उन्होंने आधुनिक किसान चौपाल के प्रसारण की जिम्मेदारी आईसीएआर को लेने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि हमारे वैज्ञानिक नए बीजों को उन्नत करने में जुटे हैं। हमारा उद्देश्य फसलों का उत्पादन बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि गेहूं का उत्पादन बढ़ाने की गुंजाइश है। आज बीज खरीदने के लिए किसानों की लाइन लगी है। आज अच्छे बीजों की जरूरत है और इसको आईसीएआर पूरा कर रहा है।
आधुनिक किसान चौपाल का प्रसारण आईसीएआर करेगा
विज्ञान और किसान को जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि हम आधुनिक किसान चौपाल के जरिए किसान और वैज्ञानिक से बातचीत होती है। आधुनिक किसान चौपाल की जिम्मेदारी आईसीएआर की होगी। ताकि उसका प्रसारण देशभर में हो। अगले महीने से आईसीएआर जिम्मेदारी लेगा। किसानों से सवाल मंगाए जाएं और उनके हल वैज्ञानिक देंगे।
ये भी पढ़े…
कृषि विकास में उत्तर प्रदेश सबसे आगे, मध्य प्रदेश समेत इन राज्यों ने भी किया अच्छा प्रदर्शन
किसानों को उपज ले जाने का भाड़ा देगी सरकार
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि सभी दालें एमएसपी पर सरकार खरीदेगी। किसान किसी भी तरह की चिंता न करें। किसानों को दाम ठीक दिलाने के प्रयत्न किए गए हैं। आजकल टमाटर के दाम घट गए हैं। किसान को दाम नहीं मिल रहा है। इसलिए टमाटर, प्याज, आलू के लिए योजना बनाई है कि किसान पैदा करें और नेफेड या राज्य एजेंसियों के जरिए खरीदा जाएगा। किसानों को भाड़ा केंद्र सरकार चुकाएगी। ताकि किसान मंडी तक अपने उत्पाद को लेकर पहुंच सके।
कृषि विभाग के अफसरों को खेतों में जानें का निर्देश
शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विभाग के सभी अफसरों को खेतों में जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आप भी चलें मैं भी चलूं और वैज्ञानिक भी खेतों तक जाएंगे। खेती को और आगे ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि किसान खेती की आत्मा हैं। आप आज यहां पधारे आप सभी का धन्यवाद। उन्नत किसानों के लिए किसान दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। ताकि किसानों के बीच बैठकर नीति बनाई जा सके और उनकी समस्याओं का सटीक हल दिलाया जा सके।

