
- यूनिसेफ के गो ब्लू अभियान के तहत नीले रंग से जगमग होंगी ईमारतें, अंतरर्राष्ट्रीय बाल दिवस तक बाल अधिकारों को लेकर आयोजित किए जाएंगे कई कार्यक्रम
नयी दिल्ली: दनादन गोल। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर केवल चौके छक्के ही नहीं लगाते बल्कि चाहे खेल का कोई फॉर्मेट हो क्रिकेट हो या फूटबॉल, वो अपनी छाप छोड़ ही जाते हैं। और इस बार मास्टर ब्लॉस्टर उतरे हैं फूटबॉल के मैदान में बच्चों के अधिकारों के संरक्षक की भूमिका मे।
जी हां, इस पूरे सप्ताह बच्चों के अधिकारों को लेकर न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी गहमागहमी होगी। हो भी क्यों न… 14 नवंबर को चाचा नेहरू के जन्म दिन पर बाल दिवस मनाया गया और आगामी 20 नवंबर को अंतरर्राष्ट्रीय बाल दिवस भी मनाया जाना है। यानी इस पूरे सप्ताह यानी 14 नवंबर से 20 नवंबर तक भारत में यूनिसेफ बाल अधिकार सप्ताह के रूप में आयोजित करता है और इस दौरान आयोजित किये जाते हैं कई तरह के कार्यक्रम। इस साल विश्व बाल दिवस का थीम है हर बच्चे के लिए समावेशी वातावरण, जलवायु परिवर्तन, शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य, और लैंगिक समानता। इस मौके पर बच्चे और युवा अपनी पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं और वयस्कों से उनके लिए बेहतर भविष्य बनाने का आह्वान भी कर रहे हैं। साथ ही उन्हें यह उम्मीद भी है कि दुनिया उनके विचारों और मांगों को सुने।
आयोजनों के इसी श्रृंखला में यूनिसेफ इंडिया बुधवार, 16 नवंबर, 2022 को बच्चों के साथ एक कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है जिसमें सांसद, विशेषज्ञ, नीति निर्माता, बच्चों के साथ बातचीत करेंगे उनकी चुनौतियां, उनकी कहानियां और उनकी उम्मीदों और उनसे जुड़ी उम्मीदों पर बातचीत करेंगे। इस दौरान वे बच्चे भी जुड़ेंगे जिन्होंने खेलों के माध्यम से बाधाओं और लैंगिक रूढ़ियों को पार किया है और दूसरों के लिए मार्ग प्रशस्त करते हुए एक निष्पक्ष और समावेशी खेल खेलना जारी रखा है। उल्लेखनीय है कि खेल बच्चों को नेतृत्व, अनुशासन, टीमवर्क, सहनशीलता, कड़ी मेहनत और सहयोग जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशल विकसित करने में भी मदद करते हैं। बड़ी बात ये है कि इन बच्चों की हौसला आफजाई करने के लिए सेलिब्रिटी भी खुद मैदान में उतरेंगे।
यहां तक की 18 नवंबर, 2022 को, यूनिसेफ दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में एक ऐसे कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है जहां यूनिसेफ के सेलिब्रिटी अंबास्डर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और आयुष्मान खुराना फुटबॉल खेलकर बच्चों के साथ जुड़ेंगे। इतना ही नहीं विश्व प्रसिद्ध संगीतकार, रिकी केज भी मैदान में उपस्थित होंगे। अपने बयान में भारत में यूनिसेफ प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्री ने कहा कि “समावेशी खेल सामाजिक मानदंडों को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और लड़कियों को उनके सपनों और आकांक्षाओं को साकार करने के लिए रास्ते खोजने में मदद कर सकते हैं। इस साल, बच्चे हर बच्चे के लिए समावेश और गैर-भेदभाव को बढ़ावा देने के लिए खेल की शक्ति का लाभ उठाएंगे।” बता दें कि चाइल्ड राउट्स पर कन्वेंशन के आर्टिकल 31 में हर बच्चे के आराम, अवकाश और खेलने के अधिकार को मान्यता दी गई है। लाइफ स्किल बढ़ाने, समावेश करने, नेतृत्व को बढ़ावा देने और बच्चे के फिजिकल-मेंटल डेवलपमेंट के लिए खेल महत्वपूर्ण है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की साझेदारी में आयोजित इस कार्यक्रम की अगली कड़ी होगी गो ब्लू का आयोजन।
गो ब्लू के तहत बाल अधिकारों के मुद्दे पर एकजुटता व्यक्त करने के लिए 19 और 20 नवंबर को विश्व बाल दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन सहित भारत की प्रतिष्ठित इमारतों के साथ-साथ कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों और घरों को नीले रंग से रोशन किया जाएगा। ‘गोब्लू कैंपेन’ बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण बनाने की दिशा में समर्थन का प्रतीक है।
इस बाबत यूनिसेफ का कहना है कि भारत भर में राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, राज्य विधान सभा भवन और प्रतिष्ठित ऐतिहासिक स्मारक नीली रोशनी में जगमगाएंगे। साथ ही मध्य प्रदेश में धार गांव, सरगुजा क्षेत्र में, बस्तर क्षेत्र में और मध्य क्षेत्र में हजारों गांव की सड़कें बाल अधिकारों के साथ एकजुटता में नीली हो जाएंगी।

