यूपी,दिल्ली,बिहार समेत राज्यों में चांद निकलने का समय,खरीदारी में जुटीं महिलाएं

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Karwa Chauth: करवा चौथ का व्रत सम्पूर्ण दिन निर्जला और निराहार रखा जाता है। हिन्दू संस्कृति मे करवा चौथ के त्यौहार का बढ़ा महत्व होता है पत्नी अपने पति कि लम्बी उम्र और सात जन्म के रिश्ते के लिए भगवान से मनोकामना करती है। इस दिन महिलाये बाजारों से अपने लिए सामान खरीदती है पूजा अर्चना करती है और करवा माता कि पूजा भी करती है और कहानी भी सुनती है। महिलांए त्यौहार के दिन सोलह श्रंगार भी करती है।

बाजारों में करवाचौथ की चहल पहल
करवाचौथ पर महिलाएं कुछ दिन पहले से ही खरीदारी शुरू कर देती हैं। सबसे पहले कपड़ों की खरीदारी होती है। कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि करवाचौथ पर सबसे पहले लहंगे और साड़ियों की खरीदारी होती है। इसके बाद ही महिलाएं मैचिंग के अनुरूप अन्य सौंदर्य प्रशासन व साजसज्जा की सामग्री खरीदती हैं। बाजार में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कम बजट में भी बेहतरीन साड़ियां, लहंगे,मेहंदी डिजाइन और मेकअप के सामान सहित पर्व के मौके पर करवा चौथ के लिए तमाम तरह के पैकेज भी लांच किए जाते हैं।

करवा चौथ से जुड़ी पूजा सामग्री की सूची
करवाचौथ कि पूजा में इन सामग्री का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है। चंदन,शहद,अगरबत्ती,पुष्प,कच्चा दूध,शक्कर,शुद्ध घी,दही,मिठाई,गंगाजल,कुंकू,अक्षत (चावल),सिंदूर,मेहंदी,महावर,कंघा,बिंदी,चुनरी,चूड़ी,बिछुआ,मिट्टी का टोंटीदार करवा, ढक्कन,दीपक,रुई,कपूर,गेहूं,शक्कर का बूरा,हल्दी,पानी का लोटा,गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी,लकड़ी का आसन,चलनी,आठ पूरियों की अठावरी,हलुआ,दक्षिणा (दान) के लिए पैसे, इ‍त्यादि

चांद निकलने का समय
करवा चौथ पर चतुर्थी तिथि 20 अक्टूबर को सुबह 06 बजकर 46 मिनट से प्रारंभ होगी और 21 अक्टूबर को सुबह 04 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में शाम होने के बाद से ही महिलाओं को चांद के निकलने का इंतजार रहता है। लेकिन इस बार चांद देखने के लिए महिलाओं को ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। इस बार रविवार को चंद्रमा का उदय शाम 7 बजकर 40 मिनट पर हो जाएगा। और राजधानी दिल्ली-नोएडा से लेकर प्रयागराज और अयोध्या तक तमाम बड़े शहरों में चांद इस समय दिखाई देगा।

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किस शहर में कब दिखेगा चांद
शहर के नाम
लखनऊ में 7 बजकर 42 मिनट पर, कानपुर में 7 बजकर 47 मिनट पर,नोएडा में 7 बजकर 52 मिनट पर,दिल्ली में 9 बजकर 10 मिनट पर,प्रयागराज में 7 बजकर 42 मिनट पर,अयोध्या में 7 बजकर 38 मिनट पर,वाराणसी में 7 बजकर 32 मिनट पर,
बरेली में 7 बजकर 46 मिनट पर,गाजियाबाद में 7 बजकर 52 मिनट पर,आगरा में 7 बजकर 55 मिनट पर,कोलकाता में 7 बजकर 46 मिनट पर,देहरादून में 7 बजकर 9 मिनट पर,अमृतसर 7 बजकर 54 मिनट पर,भोपाल में 8 बजकर 29 मिनट पर,अहमदाबाद में 7 बजकर 38 मिनट पर,चेन्नई में 8 बजकर 43 मिनट पर,मुंबई में 8 बजकर 59 मिनट पर,कुरुक्षेत्र में 8 बजे,शिमला में 7 बजकर 47 मिनट पर,जम्मू में 7 बजकर 52 मिनट पर,पंजाब में 7 बजकर 48 मिनट पर,बिहार में 8 बजकर 29 मिनट पर,झारखंड में 8 बजकर 35 मिनट पर।

करवाचौथ का महत्व
प्राचीन समय में जब पुरुष व्यापार या युद्ध के लिए लंबे समय तक घर से बाहर रहते थे। तब महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना करती थीं। इस दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर महिलाएं करवा माता,भगवान शिव, गणेश और कार्तिकेय की पूजा करके व्रत का संकल्प लेती हैं। करवा चौथ के अवसर पर व्रत करने वाली महिलाएं कई नियमों का कठोरता से पालन करती हैं। इस दिन मंगलसूत्र का विशेष महत्व होता है। जिसे पति के जीवन की रक्षा करने वाला और उनके समक्ष आने वाले संकटों को दूर करने वाला माना जाता है।

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