गर्मी के मौसम में प्यास बुझाएगा ये रसीला फल, बाजारों में बढ़ेंगी तरबूज की मांग

0
273

पूजा

 

छत्तीसगढ़: गर्मी जैसे जैसे बढ़ रही है, लोग सूखते गले को शीतल करने के लिए ठंडा पानी, खीरा, ककड़ी, तरबूज जैसे मौसमी फलों का उपयोग करते है। जिसमें तरबूज की मांग सबसे अधिक होती है। तरबूज का स्वाद मीठा व रसीला होने के साथ ही तरबूज प्यास बुझाने वाला फल है जिसका आनंद बहुत से लोग गर्मी के दिनों में लेते है। इसके अलावा किसान तरबूज की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते है। ऐसे मे धमतरी में इस साल तरबूज का अच्छा उत्पादन होने से शहर में तरबूज की अच्छी आवक हो रही है। शहर के अलग-अलग स्थानों से काफी संख्या में तरबूज बिक रहा है। जानकारी के अनुसार धमतरी शहर में तरबूज की आवक कांकेर, पखांजूर, दुर्ग, भिलाई से हो रही है। तरबूज की अच्छी आवक होने व दाम कम होने से लोगों को कम कीमत में ही यह मिल रहा है।

 

 

गर्मी में बढ़ी फलों की मांग
गर्मी के मौसम में रसीले फलों का अपना अलग ही महत्व है। इस सीजन में तरबूज, खरबूज, आम, अंगूर सहित अन्य रसीले फल बहुतायत में मिलते हैं। लगभग महीने भर से शहर के अलग-अलग स्थानों में काफी संख्या में तरबूज की बिक्री हो रही है। इसके अलावा धमतरी शहर के आंबेडकर चौक, रुद्री रोड, कलेक्ट्रेट मार्ग, सिहावा रोड, जैन मंदिर, रत्नाबांधा रोड, गोल बाजार, इतवारी बाजार, रामबाग, सिहावा चौक में स्थित दुकानों के अलावा नया रायपुर रोड में बड़े संख्या में तरबूज की बिक्री हो रही है। बठेना वार्ड के दुर्गा मंदिर के पास तरबूज बेंच रहे फल व्यवसायी राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि सीजन के हिसाब से फल बेचते हैं। तीन साल से गर्मी में तरबूज बेचते आ रहे हैं। इस साल पखांजूर से तरबूज की आवक हो रही है। गर्मी बढ़ने के बाद तरबूज तेजी से बिकेगा। अभी 50 रुपये से 80 रुपये तक साइज के हिसाब से तरबूज बेच रहे हैं। मालूम हो कि श्यामतराई के थोक सब्जी बाजार से तरबूज व अन्य सब्जियां फल खरीदकर फुटकर विक्रेता गांव व शहर के अन्य चौक-चौराहों पर सामानों की बिक्री करते हैं।

 

थोक में सात रुपये बिक रहा तरबूज
फल विक्रेता घनश्याम देवांगन बताया कि दुर्ग भिलाई से तरबूज की आवक हो रही है। अन्य शहरों में उत्पादन अच्छा होने से धमतरी में आवक अच्छी हो रही है। थोक में यह छह रुपये से सात रुपये प्रति किलो में मिल रहा है। धमतरी के श्यामतराई थोक सब्जी मंडी में भी काफी संख्या में तरबूज की आवक हो रही है। यहां से स्थानीय फुटकर विक्रेता तरबूज खरीदकर चिल्लर में बेच रहे हैं।

 

ये भी पढ़े…

 

करेले की बेल में डालें ये चीज, पौधे करेले से लद जाएगा

तरबूज की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु मिट्टी
तरबूज एक लम्बी अवधि वाली फसल है, जिसकी ज़्यादा तापमान होने पर अधिक वृद्धि होती है। इसलिए इसकी खेती अधिक तापमान वाले क्षेत्रों में की जाती है। इसकी स्वाभाविक वृद्धि के लिए 36.22 से 39.22 सेल्सियस तापमान अनुकूल माना गया है। तरबूज की खेती अत्यधिक रेतीली मिट्टी से लेकर चिकनी दोमट मिट्टी तक में की जा सकती है। हालांकि विशेष रूप से नदियों के किनारे रेतीली भूमि में इसकी खेती की जाती है। राजस्थान की रेतीली भूमि में तरबूज़ की खेती अच्छी होती है। मैदानी क्षेत्रों में उचित जल निकास वाली रेतीली दोमट वाली भूमि सर्वोत्तम मानी गई है। 5.5 से 7.0 पीएच वाली भूमि इसके लिए उपयुक्त रहती है पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से करना और उसके उपरान्त 2 से 3 बार समतल या खरपतवार चलाना इसके लिये अच्छा कहा जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here