फूलगोभी की खेती में न कीड़े न दाग लगने का खतरा, अपनाएं ये देसी खाद का फंडा

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पूजा

 

झारखंड: फूलगोभी एक लोकप्रिय सब्जी है, जिसे लगभग सभी लोग पसंद करते है। फूलगोभी की खेती पूरे वर्ष की जाती है, और फूलगोभी शीतकालीन गोभी वर्गीय सब्जियों में एक प्रमुख सब्जी है। हालांकि फूलगोभी की खेती कई किसान करते है। लेकिन अक्सर कई समस्याएं भी आती है, जैसे फूलगोभी कभी छोटी रह जाती, तो कभी कीड़े लग जाते हैं। ऐसे में रांची जिले के पिथोरिया गांव के किसान रामदयाल, वे अपनी जमीन पर गोभी की खेती करते है। और उनकी एक गोभी का वजन 2.5 से 3 किलो तक होता है।

 

रामदयाल बताते है, वे पिछले कुछ वर्षों से फूलगोभी की जैविक खेती कर रहे है, और इसका श्रेय वे अपनी मेहनत, सही समय पर खाद देने और प्राकृतिक तरीकों को देते है। वे 15 दिन में खाद डालते है, और यह खाद वे घर पर ही तैयार करते है। इसके अलावा सही मात्रा में पानी डालना बहुत जरूरी है। क्योंकि एक छोटी सी गलती से पूरी फसल में कीड़े लग जाते है।

घर पर ही तैयार करते हैं देसी खाद
रामदयाल ने बताया, कि वह घर पर ही देसी खाद तैयार करते है। इसके लिए वे गाय का गोबर लेते और उसमें किचन में बची खाद्य सामग्री जैसे सब्जी के छिलके, चाय पत्ती इस्तेमाल की हुई आदि डालते है। साथ ही नीम का तेल और थोड़ी मात्रा में यूरिया मिलाते है। इसे कम से कम 15 से 20 दिन के लिए छोड़ देते है। फिर इस खाद को वे हर 15 दिन पर थोड़ा-थोड़ा खेतो में डालते हैं। जिससे उनकी फूलगोभी की खेती अच्छी होती है।

 

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केमिकल फ्री खाद का करे इस्तेमाल
इसका सबसे बड़ा फायदा ये है, कि यह पूरी तरह देसी खाद होती है। और इसमें किसी भी तरह का केमिकल नही होता। जिससे उनकी फूलगोभी एकदम ऑर्गेनिक होती है। और कोई दाग-धब्बा नहीं होता। इसी के साथ कीड़े लगने की संभावना भी नहीं रहती। इसके अलावा हर हफ्ते नीम के तेल को 1 लीटर पानी में मिलाकर हर पौधे में कम से कम 10 एमएल डालते हैं।

 

 

चूने का भी करते है इस्तेमाल
उन्होंने यह भी बताया कि वे मिट्टी में हर 20 दिन में थोड़ा-थोड़ा चूना भी डालते है। इससे मिट्टी का पीएच लेवल बैलेंस रहता है, और कैल्शियम की कमी नहीं होती। जिससे फूलगोभी में मिनरल्स की कमी भी नहीं होती। यह तकनीक उन्होंने बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट्स से सीखी है। वहां के कृषि वैज्ञानिक उनकी मदद करते है। कुछ तकनीकें उन्होंने वहीं से सीखी है, और कुछ अपने अनुभव से करते है।

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