Ekta parishad

गांधी 150 वीं जयंती मनाते वक्त न भूलें बापू के सपने को…

पी वी राजगोपाल वर्तमान में विकास का ऐसा दौर चल रहा है जिसमें गांव भी बर्बाद हो रहे हैं, शहर भी बर्बाद हो रहे हैं। यानी हम ऐसे मॉडल में फंसे हैं जिसमें न गांव बचेगा और न शहर बचेगा। भारत के शहरों को देखिए तो वहां बेतरतीब तरीके से झुग्गी बस्तियां पसर रही हैं, …

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गंगा-यमुना ही नहीं सभी नदियों को जीवित ईकाईं मानते हुए कानून बने: राजेंद्र सिंह

संतोष कुमार सिंह नयी दिल्ली: नदियों के पुर्नजीवन के सवाल पर एक तरफ सरकार चिंतित दिख रही है वहीं दूसरी ओर पानी पर काम वाले जनसंगठन भी नदियों और देश में पानी की समस्या देखकर और उसके कारन उत्पन्न होने वाली समस्या को लेकर चिंतित है। यही कारण है कि एकतरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नर्मदा …

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झारखंड में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की सीबीआई जांच हो:पी वी राजगोपाल

संतोष कुमार सिंह झारखंड में हुई ​पुलिसिया हिंसा पर सरकार और सामाजिक संगठनों के बीच ठन गयी है। एक तरफ जहां पुलिस का दावा है कि उकसाने की कार्रवाई और हिंसक गतिविधियों को ग्रामीणों की तरफ से अंजाम दिया गया और पुलिस को कार्रवाई करने पर मजबूर किया गया,वहीं सामाजिक संगठनों का कहना है कि …

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देखकर सीखने का करें प्रयास…

राजगोपाल पी.व्ही. पिछले कुछ दिनों से मैं इस कोशिश में लगा हूँ कि कुछ छोटे-छोटे देशों से और उस देश में चलने वाली गतिविधियों से अपनी समझ बनाऊँ। इसी सिलसिले में मैंने सेंट्रल अमेरिका के निकारागुआ का भ्रमण किया। निकारागुआ में सीखने लायक बहुत कुछ है, लेकिन सबसे अच्छी बात यही है कि देश के …

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आजादी से आर्थिक आजादी की ओर …

निर्भय सिंह जब पहली बार सरवाही पहुचें तो पता चला यह गाँव पनिका समाज के बुनकरों का गाँव है। कुछ तो बुनाई कर रहे और कुछ तो टेलरिंग व शहरी मजदूरी व खेतीहर मजदूरी में लगे हैं। बुनाई का तो सामान खपरैल के उस कोने में रखा है, जहां एक कोने में खाना बनता है …

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आज़ादी की एक लड़ाई चम्बल की घाटी में

अंकित झा आज़ादी किसे पसंद नहीं है? सभी मनुष्य की आत्मा में निहित एक अधिकार आज़ादी. सभी बंधनों से मुक्ति, ना कोई शासक ना कोई शासन. स्वयं का स्वयं पर अधिकार. एक आज़ादी की लड़ाई चम्बल से.जाति संघर्ष के परे,वर्ग संघर्ष के परे. परन्तु सब को समाहित किये एक अनोखा संघर्ष. मध्य प्रदेश के चम्बल …

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