टी ट्वेंटी की पिच पर शौचालय की गूगली

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Photographer/ Mustafa Quraishi

आईसीसी क्रिकेट फार गुड एवं युनिसेफ ने बीसीसीआई के साथ साझेदारी में टीम स्वच्छ क्लिनिकों का लान्च किया…जहाँ-जहाँ क्रिकेट टीम पहुंचेगी वहां ऐसे प्रयास देखे जायेंगे 18 फरवरी को नई दिल्ली, 24 फरवरी को कोलकाता, 27 फरवरी को नागपुर, 1 मार्च को चेन्नई, 3 मार्च को बैंगलोर और 6 मार्च 2016 को टीम मुम्बई पहुंचेगा।

 क्रिकेट जुनून है, क्रिकेट का अपना सुरूर है, क्रिकेट में बहुत पैसा है,क्रि​केट काफी लोकप्रिय है, लेकिन यही क्रिकेट जब समाजसेवा बन जाये, समाज को शौचालय एवं स्वच्छता जैसे विषयों पर जागरूक करने का जरिया बन जाये है, तो कहना ही क्या? इसे कहते हैं आम के आम और गुठलियों के दाम, लेकिन यहां तो गुठलियां आम से ज्यादा कारगर हो रही हैं। कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है..भारत के धर्मशाला और मोहाली में जहां टी ट्वेंटी के मैच के दौरान, जहां क्रिकेटर मैदान पर बल्ला और बैट की जुगलबंदी से दर्शकों और क्रिकेट प्रेमियों का मन मोह रहे थे,वहीं दूसरी तरफ लोगों को खुले में शौच जैसी सामाजिक और स्वास्थय संबधी से समस्या से रूबरू कराते हुए अपनी जवाबदेही का निर्वाह भी कर रहे थे।

गौरतलब है कि भारत को खुले में शौच की समस्या से छुटकारा दिलाने तथा देश भर में सेनिटेशन एवं शौचालयों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए इस खास पहल कि गयी है। जिसके अंतर्गत वल्र्ड टी20 के मद्देनज़र इन्टरनेशल क्रिकेट काउन्सिल क्रिकेट फाॅर गुड एवं युनिसेफ ने बीसीसीआई के साथ साझेदारी में आईसीसी वल्र्ड टी 20 के मेजबान शहर के दौरे के दौरान टीम स्वच्छ क्लिनिकों का लान्च किया है।

dharamshala` अगर धर्मशाला की बात करें तो स्थानीय हीरो ऋषि धवन ने अपने प्रशंसकों के साथ बातचीत की। बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते हुए, ऋषि धवन ने बच्चों के साथ क्रिकेट के टिप्स साझा किए और उन्हें हाइजीन एवं सेनिटेशन (यानि साफ-सफाई) के महत्व के बारे में बताया, बच्चों को स्टेडियम में खास तौर पर बनाए गए टीम स्वच्छ वाॅश क्लिनिकों के बारे में बताया गया। वहीँ दुश्रे मैच के दोरान मोहाली में स्थानीय हीरो गुरकीरत सिंह मान ने अपने प्रशंसकों के साथ बातचीत की। बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते हुए, गुरकीरत सिंह मान ने बच्चों के साथ क्रिकेट के टिप्स साझा किए और उन्हें हाइजीन एवं सेनिटेशन (यानि साफ-सफाई) के महत्व के बारे में बताया, बच्चों को पीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खास तौर पर बनाए गए टीम स्वच्छ वाॅश क्लिनिकों के बारे में बताया गया।

 

Photographer/ Mustafa Quraishi

 इस पहल को ‘सेनिटेशन के लिए सामाजिक आंदोलन’ का नाम देते हुए युनिसेफ इण्डिया में चीफ आफ कम्युनिकेशन मिस कैरोलीन डेन डल्क ने बताया, ‘‘टीम स्वच्छ पहल टीम एवं खेल का मूल दृष्टिकोण है। इस पहल के माध्यम से हम लोगों में खेल के प्रति जुनून का फायदा उठाते हुए देश में शौचालय के इस्तेमाल को बढ़ावा देने तथा बच्चों के जीवन को बचाने हेतू प्रयासरत हैं।’’

 हाँ जहाँ-जहाँ क्रिकेट टीम पहुंचेगी वहां ऐसे प्रयास देखे जायेंगे 18 फरवरी को नई दिल्ली, 24 फरवरी को कोलकाता, 27 फरवरी को नागपुर, 1 मार्च को चेन्नई, 3 मार्च को बैंगलोर और 6 मार्च 2016 को टीम मुम्बई पहुंचेगा।

 इससे पहले अक्टूबर 2015 में आईसीसी क्रिकेट फार गुड एवं युनिसेफ ने न्यूयार्क में पांच वर्षीय विश्व स्तरीय साझेदारी का ऐलान किया। इस साझेदारी के माध्यम से इन्होंने बड़ी संख्या में बच्चों और किशोरों को सशक्त बनाने के लिए क्रिकेट समुदाय को शामिल करने का फैसला लिया। अगले पांच सालों केे दौरान आईसीसी के विभिन्न कार्यक्रमों में कोचों, क्रिकेटरों और क्रिकेट व्यक्तित्वों के सहयोग से विभिन्न सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

क्या है टीम स्वच्छ

टीम स्वच्छ एक राष्ट्रव्यापी पहल है, देश में सेनिटेशन एवं शौचालयों के इस्तेमाल के लिए सामाजिक आंदोलन की शुरूआत करना और इसके द्वारा भारत को खुले में शौच की समस्या से छुटकारा दिलाना इसक पीछे मूल दृष्टिकोण है। समाज के वंचित समुदायों के बच्चों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जागरुकता पैदा करना तथा सेनिटेशन के स्तर में सुधार लाना आईसीसी एवं युनिसेफ की इस संयुक्त पहल का मुख्य उद्देश्य है। आईसीसी वल्र्ड टी20 एक ऐसा मंच है जो भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता का इस्तेमाल करते हुए बच्चों के जीवन को बचाने हेतू तत्पर है।

एक आंकड़े के मुताबिक अभी भी बड़ी संख्या में लोग..यानि लगभग 564 मिलियन से भी ज्यादा लोग खुले में शौच कर रहे हैं और इसकी वजह से डायरिया फैलता है। सिर्फ डायरिया के कारण भारत में प्रतिदिन पांच वर्ष तक के 300 बच्चों की मौत हो जाती   है।

 

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