स्वच्छ भारत अभियान में धन की कमी बाधा नहीं बनेगी- बीरेन्दर सिंह

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दिल्ली की सडको पर भले ही कचड़े को लेकर संग्राम हो, और पैसे की कमी कि वजह से कर्मचारी हड़ताल पर हों, और बिहार में सरकार को पंचायत चुनाव में शौचालयों की अनिवार्यता से इसलिए पीछे हटना पड़ा हो क्योंकि आधी से ज्यादा आबादी खुले में शौच कर रहे हों लेकिन केंद्र सरकार का यह दावा है की पैसे की कोई कमी नहीं है और स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों के निर्माण की गति ने रफ्तार पकड़ ली है।

जी हाँ स्वच्छ भारत अभियान के प्रति केन्द्र की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री बीरेन्दर सिंह ने आज राज्यों को भरोसा दिलाया कि देश में स्वच्छता एवं पीने के पानी के लक्ष्यों को अर्जित करने के लिए धन की कमी बाधा नहीं बनेगी। यहां स्वच्छता एवं पीने के पानी पर राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने संतोष जताया कि ग्रामीण भारत में शौचालयों के निर्माण की गति ने रफ्तार पकड़ ली है और पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, राजस्थान एवं महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने एकल परिवार शौचालयों एवं समुदाय शौचालयों के निर्माण में अग्रणीय स्थान हासिल कर लिया है। मंत्री महोदय ने कहा कि कई राज्य 02 अक्टूबर, 2019 के लक्ष्य से बहुत पहले 2017 या 2018 तक ही खुले में शौचालय से मुक्त स्थिति का दर्जा हासिल कर सकते है। सिक्किम और केरल अब खुले में शौचालय से मुक्त स्थिति (ओडीएफ) का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं।

The Union Minister for Rural Development, Panchayati Raj, Drinking Water and Sanitation, Shri Chaudhary Birender Singh at the National Review of State Ministers’ Conference on Sanitation and Drinking Water, in New Delhi on February 02, 2016. The Minister of State for Drinking Water & Sanitation, Shri Ram Kripal Yadav, the Minister of State for Panchayati Raj, Shri Nihalchand and other dignitaries are also seen.
The Union Minister for Rural Development, Panchayati Raj, Drinking Water and Sanitation,  Chaudhary Birender Singh

उन्होंने कहा कि केवल शौचालय निर्माण का लक्ष्य हासिल करना ही स्वच्छता अभियान का उद्देश्य नहीं है, बल्कि इस कार्यक्रम को बनाए रखने तथा बर्ताव में बदलाव लाने को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि भविष्य में मंत्रालय के कुल बजट का 8 से 10 प्रतिशत विभिन्न अभियान रणनीतियों पर खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान का ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तत्व एसबीएम निजी क्षेत्र के छोटे एवं मझोले संस्थानों के लिए अपशिष्ट प्रबंधन में शामिल होने तथा ग्रामीण पर्यावरण प्रबंधन ढांचे को बेहतर बनाने के लिए संभावना प्रस्तुत करता है।

The Minister of State for Drinking Water & Sanitation, Shri Ram Kripal Yadav addressing at the National Review of State Ministers’ Conference on Sanitation and Drinking Water, in New Delhi on February 02, 2016. The Union Minister for Rural Development, Panchayati Raj, Drinking Water and Sanitation, Shri Chaudhary Birender Singh, the Minister of State for Panchayati Raj, Shri Nihalchand and other dignitaries are also seen.
The Minister of State for Drinking Water & Sanitation,  Ram Kripal Yadav

ग्रामीण विकास राज्य मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि वर्तमान में देश में लगभग 49 प्रतिशत परिवारों में शौचालय है और आबादी के लगभग इतने ही प्रतिशत लोगों को पीने के पानी की नलीदार आपूर्ति प्रणाली मुहैया कराई गई है। उन्होंने कहा कि कई राज्य 2022 के लक्ष्य से पहले ही कम से कम 90 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों में नलीदार पीने के पानी की आपूर्ति एवं कम से कम 80 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों में पारिवारिक कनेक्शन के साथ पीने के पानी की नलीदार आपूर्ति अर्जित कर सकते हैं।

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