शौचालय होगा अब और ‘सुलभ’..चला डिजिटल की राह

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संतोष कुमार सिंह
नयी दिल्ली: शौचालय के महत्व को आम जनमानस के चर्चा के केंद्र में लाने वाले सुलभ शौचालय के मुखिया डॉ बिंदेश्वर पाठक ने सरकार के विमौद्रिकरण के फैसले के साथ कदम—ताल मिलाकर चलने का निर्णय लिया है। इस संबंध में महत्वपूर्ण घोषणा पश्चिमी दिल्ली स्थित सुलभ मुख्यालय में गत मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा की गयी। सुलभ जल्द ही कुछ सार्वजनिक शौचालयों में डिजिटल भुगतान की सुविधा शुरू करेगा।

amit-sah08_nसुलभ ग्राम का दौरा करने आये अमित शाह ने कहा  कि “यह हमारे लिए शर्म की बात है कि आजादी के 70 सालों के बाद भी लोगों को स्वच्छता से होने वाले लाभों के बारे में जागरूक करने के लिए देशव्यापी अभियान चलाने की जरूरत है।”  उन्होंने कहा कि स्वच्छता के कार्यक्रम को यदि जन आंदोलन बनाया गया होता तो आज समस्या नहीं रहती। सरकार द्वारा किए गये काम की चर्चा करते हुए अमितशाह ने कहा कि पीएम मोदी ने लाल किले से स्वच्छता की बात की और देशभर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता स्वच्छता को बढ़ावा देने के साथ देश में सिर पर मैला ढोने की प्रथा खत्म करना भी है। देशभर में 2502 गांव, 67 जिले और तीन राज्य ऐसे हो गए हैं जहां खुले में शौच और सिर पर मैला ढोने की प्रथा खत्म हो चुकी है।
सुलभ के डिजिटल पेमेंट संबंधी कार्यक्रम के विषय में विस्तार से बात रखते हुए डॉ बिंदेश्वर पाठक ने कहा कि डिजिटल भुगतान एसबीआई दोस्त (SBI BUDDY) के माध्यम से किया जा सकता है। देश में डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए ई-बटुआ सुविधा का शुभारंभ भारतीय स्टेट बैंक ने किया है। स्टेट बैंक ने इस सुविधा को ‘SBI BUDDY’ का नाम दिया है हालाँकि यह सुविधा अभी देश की राजधानी में उपलब्ध है लेकिन धीरे-धीरे पूरा देश इस सुविधा का लाभ ले पायेगा।

amit_nबिंदेश्वर पाठक ने कहा कि देशभर में फैले सुलभ इंटरनेशनल के शौचालयों में अब डिजिटल लेनदेन की सुविधा शुरू होने जा रही है। करीब 8500 शौचालयों और स्नानघरों में डिजिटल लेनदेन की योजना बनाई गई है।
गौरतलब है कि डॉ.पाठक को हाल में ही ‘रेल स्वच्छ मिशन’ का ब्रांड अम्बेसडर बनाया गया था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर में शौचालय मिशन को आगे बढ़ाते हुए ग्रामीण स्वच्छता के लिए एक अभियान चलाया जिसके अन्तर्गत यह सुनिश्चित किया कि 2019 तक आवश्यक लगभग 12 करोड़ शोचालयों का निर्माण कर सकें। डॉ. पाठक ने भारत की जनता और व्यापारिक घरानों और संगठनो का आह्वाहन करते हुए कहा कि “यह एक बड़ा काम है, लेकिन हम एक साथ मिलकर इसे पूरा करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। यह देश के लिए अपने प्यार को दिखाने का अनूठा अवसर है।”

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