मोदी नीति का मुरीद हुआ श्रीलंका, डिजिटल इंडिया समेत कई नीतियों को लागू करने की तैयारी

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नई दिल्‍ली। आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका को उम्‍मीद की नई किरण मिल गई और वह मोदी मॉडल का मुरीद हो गया है। श्रीलंका आर्थिक पुननिर्माण में मोदी सरकार की नीतियों का अनुसरण करेगा. भारत सरकार की संस्था नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस ने श्रीलंका सरकार के सामने खाका पेश किया था। इसके बाद भारत सरकार की कई नीतियों खासकर डिजिटल पेमेंट, यूपीआई स्कीम को अपने देश में लागू करने पर श्रीलंका सहमत हुआ. पीएम नरेंद्र मोदी के विजन वसुधैव कुटुम्बकम् के तहत विदेश मंत्रालय की पहल और भारत सरकार की ओर से श्रीलंका को यह सहयोग किया जा रहा है। भारत सरकार की संस्था नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (एनजीसीसी) के प्रतिनिधि मंडल ने कुछ दिनों पहले श्रीलंका के राष्ट्रपति रनिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की थी. श्रीलंका सरकार के सामने भारत सरकार की बेहतरीन नीतियों का खाका पेश किया था. इन नीतियों में डिजिटल इंडिया पेमेंट, यूपीआई डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर सहित कई मोदी सरकार की नीतियों का प्रेजेंटेशन श्रीलंका राष्ट्रपति को दिया गया था. इसके बाद श्रीलंका में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए वहां की सरकार मोदी सरकार की कुछ योजनाओं को अपने यहां भी लागू करने की तैयारी कर रही है।


श्रीलंका ने मोदी मॉडल में दिलचस्‍पी दिखाई है, व्‍यवस्‍था पारदर्शी होगी
नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस के डायरेक्टर भरत लाल ने बताया कि भारत सरकार की तीन प्रमुख योजनाओं में श्रीलंका सरकार ने विशेष दिलचस्पी दिखाई है। इनमें डिजिटल इंडिया की तर्ज पर वित्तीय व्यवस्था पारदर्शी बनाने के लिए वहां भी ऐसे सिस्टम को बनाना, श्रीलंका में बेहतर प्रशासक हों इसके लिए गवर्नेंस संबंधित संस्थान की स्थापना, श्रीलंका के नौकरशाहों की भारत में ट्रेनिंग और भारत की तर्ज पर नागरिकों के लिए श्रीलंका में नीतियां बनाई जाए। पीएम नरेंद्र मोदी नीति का कायल श्रीलंका के होने से भारत में अंतरराष्ट्रीय संबंध की पढ़ाई कर रहे छात्रों का भी कहना है कि भ्रष्टाचारग्रसित श्रीलंका में जब ऐसी नीतियां लागू होंगी तो व्यवस्था पारदर्शी होगी और जनता तक फायदा पहुंचेगा। उनका यह भी कहना है मोदी नीति का विश्व भर में स्वीकार्यता इस बात का प्रमाण है।

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