वर्षा वर्मा
नई दिल्ली: खाना यानी भोजन हमारे शरीर की बुनियादी जरूरत होता है। जीवित और स्वस्थ रहने के लिए सबसे पहले जरूरी है भोजन। यह सवाल हम सभी के शारीरिक और मानसिक विकास से जुड़ा हुआ होता है। जब खाना सुरक्षित होगा तभी वह हमें पोषण देगा और बीमारियों से मुक्त कर पाऐगा।
हम सभी ने सुना है कि हर इंसान के दिल का रास्त उसके पेट से होकर जाता है लेकिन ये भी बात है कि जैसा हो अन्न,वैसा रहेगा मन ये कहावत तो आपने सुनी ही होगी।
यानी हम जो खाते हैं। उसका सीधा असर हमारे शरीर और मन पर पड़ता है। दरअसल पिछले दो दशकों में हमारे खान-पान की आदतों में काफी बदलाव हुआ है। फास्ट फूड,पैकेज्ड फूड और जंक फूड का चलन तेजी से बढ़ा है। खाने को कई दिनों तक स्टोर करने के लिए फ्रिज का इस्तेमाल हो रहा है।
फल-सब्जियों और फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए फर्टिलाइजर्स और दवाइयों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में हेल्दी और सेफ खाना चुनना एक बड़ी चुनौती है। इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हर साल 7 जून को वर्ल्ड फूड सेफ्टी डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को दूषित खाने के प्रति जागरूक करना होता है।
खाना दूषित कैसे हो जाता है
भोजन को उगाने या उसकी पैदावार करने,उसे स्टोर करने,पकाने खाने लायक तैयार करने और फिर पैकेट के रूप में तैयार करने की प्रक्रिया में भोजन कई चरणों से गुजरता है। किसी भी खाद्य पदार्थ की लाइफ बहुत ज्यादा नहीं होती। फल, सब्जी या पका हुआ भोजन आप ज्यादा लंबे समय तक नहीं रख सकते।
भोजन के खराब होने का अर्थ है कि उसमें बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट्स पैदा हो जाते हैं। इसकेअलावा भोजन के दूषित होने के और भी कई कारण हो सकते हैं। जैसेकि उनकी पैदावार के समय जहरीले केमिकल और दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है।
फलों और सब्जियों धोते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
सबसे पहले तो ऐसे फल-सब्जियां खरीदें जो फ्रेश हों। उसमें किसी तरह की खरोंच या फफूंद न लगा हो। इसके बाद इन बातों का ध्यान रखें। जैसेकि रसोई में कुछ भी बनाने से पहले अपने हाथों को कम-से-कम 20 सेकेंड तक पानी और साबुन से अच्छे से धोएं।
फलों-सब्जियों को साफ करने के लिए साफ पानी का ही इस्तेमाल करें।अगर आप सेब या आलू जैसी कोई ठोस चीज धो रहे हैं। तो उसे पानी की धार के नीचे धीरे-धीरे रगड़ें। इससे उसकी गंदगी अच्छे से निकल जाएगी। पत्तेदार सब्जियों को कई चरणों में पानी से धोना चाहिए। जामुन,मशरूम जैसे नाजुक फलों-सब्जियों को नल के पानी के नीचे रखें और आराम से साफ करें।
दूषित खाने से होने वाली तरह बीमारियां
दूषित भोजन से कई तरह की बीमारियों और संक्रमण का खतरा होता है जैसा कि डायरिया और उल्टी दूषित भोजन से होने वाली सबसे आम समस्या है दूषित भोजन से पेट में दर्द और ऐंठन की समस्या हो सकती है बुखार,सिरदर्द,कमजोरी, दूषित भोजन से होने वाली बीमारियों के लक्षण, फ़्लू, पेट की बीमारी, चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोमऔर गैस्ट्राइटिस जैसी अन्य बीमारियों के लक्षणों से मिलते-जुलते हैं। अगर लक्षण गंभीर लगें और कई दिनों तक बने रहें। तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
विषाक्त भोजन खाद्य जनित रोग, कारण, लक्षण, रोकथाम अन्य लक्षणों में शामिल हो सकता है। पेट में ऐंठन पेट में दर्द भूख में कमी उच्च तापमान मांसपेशियों में दर्द ठंड लगना होता है।
जाहिर है कि देश के सभी नागरिकों को सुरक्षित भोजन मिले यह किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है। बल्कि सरकार से लेकर आम नागरिक तक सभी की इसमें जिम्मेदार सहभागिता जरूरी है। ताकि हर इंसान भोजन से होने वाली बिमारीयों से अपना बचाव कर सकें।
