अमितेश सिंह
गाजीपुर: मनुष्य के लिए पेयजल का संकट है। इसको लेकर अलग—अलग स्तर पर प्रयास किये जाते हैं। लेकिन प्रकृति तो प्रकृति है..इसमें मनुष्य ही नहीं पशु—पक्षियों का भी वास है। लेकिन जब पानी का संकट है ताल—तलैया सूख रहे हैं तो मनुष्य के साथ पक्षियों को भी इसकी पीड़ा का सामना करना पड़ता है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के चेयरमैन पद्म श्री रामबहादुर राय की प्रेरणा से शिक्षण संस्थानों में गाजीपुर एवं पी0जी0 कालेज के संयुक्त तत्वाधान में, गर्मी के निरन्तर चढ़ते पारा को देखते हुए महाविद्यालय परिसर में, पंक्षियों को प्यास बुझाने हेतु विभिन्न स्थानों पर जल पात्र की स्थापना की गई। काशी हिन्दु विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग ने भी विश्वविद्यालय परिसर में जगह-जगह पर जलपात्र स्थापित किया है। इसके लिए जिले के महाविद्यालयों को चिन्हित किया गया और आज विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर औपचारिक शुभारम्भ पी0जी0कालेज परिसर से किया गया और जनपद में इस कार्यक्रम के अन्तर्गत पी0जी0कालेज के साथ ही जनपद के समस्त महाविद्यालयों में पक्षियों के लिए जलपात्र की स्थापना के लिए प्रयास किया जायेगा।
पी0जी0कालेज के पर्यावरण विभाग के विभागाध्यक्ष डा0प्रमोद मिश्र ने कहा कि यह एक सराहनीय कदम है, किन्तु यह भी नितान्त आवश्यक है कि हम जंगल और तालाबों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दें जिससे पशु पक्षी कृत्रिम जल स्रोत पर आश्रित न रहे। वहीं महाविद्यालय के प्राचार्य हरिहर सिंह ने कार्यक्रम को पर्यावरण हितैषी करार दिया। आगे भी प्रेस क्लब के सौजन्य से इस प्रकार के कार्यक्रमों को कराये जाने हेतु क्लब के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया। इस अवसर पर पी0जी0कालेज प्रबंधन समिति के सचिव अजीत कुमार सिंह ने पीजी कालेज की तरफ से इस कार्यक्रम के प्रेरणास्रोत राम बहादुर राय के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया।


