राजस्थान को जल जीवन मिशन के लिए 23,941 करोड़ की परियोजना का मंजूरी मिल गई है। जिसमें 5 वृहद परियोजना और 33 लघु परियोजनाओं को स्वीकृति मिली। एसीएस सुबोध अग्रवाल की अध्यक्षाता में 37वीं राज्य स्तरीय परियोजना मीटिंग में ये मंजूरी मिली।
11 जिलों को पेयजल राहत
राजस्थान के 11 जिलों में 15.50 लाख ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है.केंद्र सरकार ने 23,941 की 11 परियोजनाओं की 5739 गांवों के लिए मंजूरी मिली है. इसके अलावा 130 करोड़ की 33 लघु परियोजना की भी स्वीकृति मिली. जिसमें 59 गांवों में हर घर नल के जरिए पानी पहुंचेगा.
पहली परियोजना
स्वीकृत वृहद परियोजनाओं में इंदिरा गांधी नहर परियोजना आधारित 8 हजार 83 करोड़ रुपये की सीकर-झुंझुनूं परियोजना के माध्यम से सीकर जिले के 864 तथा झुंझुनूं जिले के 269 गांवों यानी कुल 1133 गांवों के 4 लाख 55 हजार 226 घरों में हर घर जल कनेक्शन दिए जाएंगे.
दूसरी परियोजना
सतही जल आधारित 5 हजार 685 करोड़ रूपए की चम्बल-अलवर-भरतपुर परियोजना भी स्वीकृत की गई. इसमें अलवर जिले के 882 गांव तथा भरतपुर जिले के 335 गांव यानी कुल 1237 गांवों में 3 लाख 96 हजार 223 घरों में जल कनेक्शन होंगे.
तीसरी परियोजना
जाखम बांध आधारित 4674 करोड़ रुपये की वृहद परियोजना से चित्तौड़गढ़ जिले के 708, उदयपुर के 375, राजसमंद के 297 एवं प्रतापगढ़ जिले के 93 गांवों यानी कुल 1473 गांवों में 2 लाख 93 हजार 607 घरों में जल कनेक्शन दिए जाएंगे.
चौथी परियोजना
4657 करोड़ रूपए की चम्बल-करौली-सवाई माधोपुर वृहद परियोजना से करौली जिले के 851 तथा सवाई माधोपुर जिले के 581 गांवों यानी कुल 1426 गांवों में 4 लाख 64 हजार 150 जल कनेक्शन दिए जाएंगे.
पांचवी परियोजना
842 करोड़ रूपए की कालीतीर-धौलपुर वृहद परियोजना से धौलपुर जिले के 376 तथा भरतपुर जिले के 94 गांवों में कुल 1 लाख 21 हजार 598 जल कनेक्शन दिए जाएंगे.एसएलएसएससी की 37वीं बैठक में केन्द्र सरकार की ओर से राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक प्रदीप सिंह शामिल हुए. उम्मीद है कि राजस्थान के जल जीवन मिशन की आने वाल समय में रैंकिंग सुधरेगी,जिससे और तेज गति से काम हो पाएगा.
