संतोष कुमार सिंह
कभी खाट लुटाते, तो कभी आलू की फैक्ट्री लगा सुर्खियां बटोरते हुए तो कभी खून की दलाली का सवाल उठाते ‘देवरिया से दिल्ली’ किसान यात्रा लेकर निकले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी तो आखिरकार गुरुवार को मेरठ पहुंचे। राहुल ने अपने देवरिया से दिल्ली तक की क़रीब 35 सौ किमी की यात्रा की। वे उत्तर प्रदेश के आधे से ज़्यादा ज़िलों में गए। इस दौरान राहुल गांधी ने 26 दिन किसानों के साथ बिताए, 48 ज़िलों में 26 खाट सभाएं कीं, 26 रोड शो किए और क़रीब सात सौ जगहों पर कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात की। यात्रा खत्म होने पर इस बात पर चर्चा शुरू हो गयी है राहुल सही मायनों में उत्तर प्रदेश के किसानों के साथ उनकी स्थिति से रूबरू होने गए थे या यह यात्रा उत्तर प्रदेश में चुनाव के मद्देनजर एक सियासी यात्रा थी जिससे प्रदेश में कांग्रेस अपने खोये हुए जनाधार को पा सके।
हां इतना जरूर था कि इस यात्रा दौरान राहुल गांधी जनता के साथ खुल कर संवाद करते दिखे। कभी वे खाट पर नजर आए, तो कभी बस में तो कभी रोड शो करते। निशाने पर रहे प्रधानमंत्री मोदी। क्योंकि राहुल गांधी अपनी यात्रा में अखिलेश के प्रति नरम दिखे,और दोनों एक दूसरे को अच्छा बच्चे कहते सुने गए।
कहीं खाट लुटाया तो कहीं आलू की फैक्ट्री लगाई
यात्रा खाट से शुरू हुई थी ठीक मोदी की चाय पर चर्चा के तर्ज पर खाट पर चर्चा। लेकिन खाट को लेकर भगदड़ मचा यह सभा अपने खाट लूटने को लेकर ज्यादा चर्चित रही। कई जगहों से खबरें आई कि लोग खाट सभा के तुरंत बाद खाटें लूट कर ले जा रहे थे। मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा कि कुछ दिन पहले हमारी खाट सभा से किसानों ने दो-तीन दिन चारपाई उठा ली तो बीजेपी के लोगों ने उन्हें चोर बता दिया।उन्होंने लोगों से मुखातिब होते हुए कहा, “आपने भाजपाइयों को यह कहते टीवी पर देखा था कि नहीं. किसान एक खाट उठा लेता है तो वह चोर हो जाता है और 10 हजार करोड़ रुपये चोरी करने वाला विजय माल्या को डिफॉल्टर कहा जाता है।” रामपुर के कैमरी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की किसानों के साथ खाट पंचायत हई। इसमें कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने किसानो को 15-15 लाख रूपए के फ़र्ज़ी चेक बांटे. ये चेक कंगाल बैंक इंटरनेशनल के नाम से बनाए गए थे और ये पैसा भाजपा यानि भारतीय जुमला पार्टी की तरफ से दर्शाया गया था। इस चेक में हस्ताक्षर की जगह फेंकू लिखा था और इस पर तारीख 32/13/5015 लिखी हुई थी. केवल इतना ही नहीं चेंक पर पता भी अजीबो गरीब लिखा हुआ था।
पूरी यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने जिस तरह से किसानों के मुद्दे उठाए, उनकी समस्याएं सुनीं और नरेंद्र मोदी को लगातार किसान और मज़दूर विरोधी बताते रहे राहुल ने यह सवाल बार—बार उठाया कि “उत्तर प्रदेश में 15 लोगों की सरकार नहीं चलेगी. यहां किसान, मज़दूर, छोटे दुकानदार, हर धर्म, हर जाति की सरकार होगी ।” केद्र सरकार की इनकम डिक्लेरेशन स्कीम पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा, “मोदी जी ने कहा 56 इंच की छाती है और भ्रष्टाचार से लड़ूंगा, लेकिन देश के चोरों का काला धन सफेद कराने के लिए फेयर एंड लवली स्कीम ले आए राहुल ने कहा कि काले धन का पैसा किसी के खाते में नहीं आया. आज सिर्फ मोदी के दोस्त ही मस्त हैं।“किसान, मज़दूर और छोटे दुकानदार के जेब मे पैसा नहीं आया।15 उद्योगपतियों की जेब मे पैसा गया. आज केवल मोदी जी और उनके दोस्त मस्त हैं राहुल गांधी ने अपनी किसान यात्रा के दौरान किसानों से आलू की फैक्टरी लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आलू की फैक्टरी लगवाने का काम सरकार का होता है। हम तो विपक्ष में हैं। हम तो सिर्फ दबाव बना सकते हैं और वो हम बना रहे हैं। अगर सत्ता में आए तो जरूर लगवाएंगें आलू की फैक्टरी। लोगों ने उनके इस भाषण के वीडियो को खूब शेयर किया और मज़ाक बनाया। लोगों ने कहा कि राहुल को लगता है कि आलू किसी फैक्टरी में बनते हैं। दरअसल, राहुल गांधी का आशय आलू के कोल्ड स्टोरेज बनवाने से था। यात्रा की सबसे ख़ास बात ये रही कि इस दौरान पार्टी ने 75 लाख किसानों से मांग पत्र इकट्ठा किए। पत्र में वादा किया गया है कि राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार आने पर बिजली बिल आधा किया जाएगा।कर्ज़ माफ़ किया जाएगा और समर्थन मूल्य बढ़ाया जाएगा। किसानों का कहना था कि 2009 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने हज़ारों किसानों के कर्ज़ माफ़ किए थे जिसका फ़ायदा यूपी के किसानों को भी मिला था. इसलिए उन्हें भरोसा है कि यदि राहुल गांधी वादा कर रहे हैं तो पूरा ज़रूर करेंगे।
इस दौरान राहुल मंदिर,मस्जिद,गुरूद्वारा,चर्च सब जगह मत्थे टेकते नजर आए। चार सप्ताह में राहुल कई छोटे-बड़े धार्मिक स्थलों पर पहुंचे। इनमें मथुरा का द्वारकाधीश मंदिर, अयोध्या का हनुमानगढ़ी, मिर्जापुर का विंध्यावासिनी, चित्रकूट का कामतानाथ मंदिर, औरई ता माता सांकता मंदिर और बरेली का दोपेश्वरनाथ मंदिर शामिल हैं। इसके साथ ही राहुल गांधी इलाहाबाद और मुरादाबाद की जामा मस्जिद गए। वहीं अंबेडकर नंगर में किछोछा शरीफ दरगाह, लखनऊ और देवबंद में मुस्लिम लर्निंग सेंटर नदवातुल उलेमा भी गए। लखनऊ, कानपुर और बरेली के गुरुद्वारे में भी राहुल माथा टेकने पहुंचे थे। साथ में ही एक चर्च में भी गए थे।
खाट लुटाते,आलू की फैक्ट्री लगाते,किसानों का कर्ज माफी का वादा करते राहुल दिल्ली आते—आते सर्जिकल स्ट्राईक के जाल में फंसते नजर आए। राहुल ने बयान दिया कि मोदी सरकार सेना के खून की दलाली कर रही है। अब न खाट की चर्चा हो रही है,न आलू फैक्ट्री की, न नरेंद्र मोदी के कॉरपोरेट मित्रों की और न ही कर्ज माफी की बस चर्चा है तो खून की दलाली की और राहुल गांधी इस दलाली के दलदल में सियासी दलों के निशाने पर है। इस तरह कहा जाए तो राहुल 26 दिन चले ढाई कोस की तर्ज पर किसान यात्रा से सीखे गए सबक को सर्जिकल स्ट्राईक वाया खून की दलाली की भेंट चढाते नजर आ रहे हैं और राहुल का किसान सिर्फ खाट लूट कर ही संतोष करता नजर आ रहा है।


