ग्रामीण महिलाओं के जीविकोपार्जन का आधार बनेगा रंगीन मछली का कारोबार

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संतोष कुमार सिंह

पटना: केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याटण मंत्री राधा मोहन सिंह पिछले दो दिनों से बिहार के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने कई कार्यक्रमों में शिरकत की। राधा मोहन सिंह ने पटना में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के लिए आईसीएआर के अनुसंधान परिसर में ‘ग्रामीण महिलाओं की आजीविका की स्थिति में सुधार लाने के लिए रंगीन या सजावटी मछलियों का पालन एवं प्रबंधन’ विषय पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सजावटी या रंगीन मछली पालन के प्रशिक्षण के माध्‍यम से ग्रामीण महिलाओं का सशक्तिकरण करने हेतु पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के लिए आईसीएआर के अनुसंधान परिसर में हाल ही में रंगीन या सजावटी मछलियों के पालन एवं प्रबंधन के संबंध में एक प्रशिक्षण केन्‍द्र की स्‍थापना की गई है। राधा मोहन सिंह ने कहा की राज्‍य की मछुआरिनों और अन्‍य महिलाओं की आजीविका की स्थिति में सुधार लाने से संबंधित सजावटी या रंगीन मछली पालन कार्यक्रम कोई प्रभाव नहीं छोड़ सका। यह योजना वर्ष 2010 में बनाई गई थी और इसे वर्ष 2011-12 से लेकर पांच वर्ष तक कार्यान्वित किया जाना था, हालांकि यह योजना अब तक प्रारंभ नहीं हुई।

इस कार्यक्रम का लक्ष्‍य स्‍वरोजगार के माध्‍यम से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है और इसके लिए एक इकाई की स्‍थापना के लिए प्रति महिला 1.0 लाख रूपये मुहैयाladhu 2_n कराने का फैसला किया गया है। यह निर्णय किया गया कि यह वित्‍तीय सहायता राष्‍ट्रीय मत्‍स्‍य पालन विकास बोर्ड (एनएफडीबी) के माध्‍यम से उपलब्‍ध कराई जाएगी और 50,000 रूपये की राशि अर्थात कुल लागत का 50 प्रतिशत प्रत्‍येक प्रशिक्षित महिला को दिया जाएगा। लेकिन इस कार्यक्रम के लागू न होने की वजह से राज्‍य एनएफडीबी द्वारा उपलब्‍ध कराई जाने वाली वित्‍तीय सहायता से वंचित रह गया। अब केन्‍द्र सरकार ने पटना में सजावटी या रंगीन मछलियों के पालन और प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण केन्‍द्र की स्‍थापना की है, जो बिहार के किसानों को राज्‍य के भीतर ही प्रशिक्षण पाने में सहायता प्रदान करेगा।

 

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