संतोष कुमार सिंह
सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ रहा है। मंत्रीगण खुद फेसबुक..ट्वीटर जैसे माध्यमों पर जनता से संवाद कर रहे हैं। उनके सवालों का जवाब दे रहे हैं। समस्याओं को सुन रहे हैं। समाधान के रास्ते सुझा रहे हैं। आज केंद्रीय किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह खुद फेसबुक पर लाईव संवाद करते दिखे।#AskRMS के जरिए सवालों को आमंत्रित किया। और विस्तार से जवाब दिया। इस दौरान उनसे खेती—किसानी, पशुपालन, तकनीकि,सरकारी योजनाओं से जुड़े सवाल रखे गए। फेसबुक पर प्रश्नोतर के दौरान राधामोहन सिंह ने सैकड़ों सवालों के जवाब दिये। न तो सवालों से भागते दिखे, और न ही किसी प्रश्न को टालते। उनका यह प्रयास निश्चित रूप से सरकार के पारदर्शिता और जनता से सीधा संवाद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जैसा कि उन्होंने कहा भी है कि वे समय—समय पर इस तरह से संवाद करते रहेंगे। हमें भी यही उम्मीद है कि…. माना कि कोहरा घना है लेकिन दीया जलाना कहां मना है। इस घने कोहरे में दीया जलाने का उनका प्रयास निश्चित रूप से सार्थक होगा।
उनमें से कुछ महत्वपूर्ण सवालों को आप यहां देखें।
हितेन्द्र मेहता ने सवाल किया कि.. Hello Sir,
आप और आपका मंत्रालय कैसे किसानो को Digitally जोड़ रहा है |
राधा मोहन सिंह Radha Mohan Singh हमारे विभाग ने digitization के लिए विभाग में बायोमेट्रिक अटेंडेंस तथा फाइल ट्रैकिंग शुरू किया है किसानो के लिए कई पोर्टल जैसे फार्मर्स पोर्टल, एम् किसान पोर्टल, इन्सुरांस पोर्टल, सोइल हेल्थ पोर्टल, पी जी एस पोर्टल , इ-नाम इत्यादि शुरू किये है इसके आलावा मोबाइल एप्प जैसे किसान सुविधा, पूसा कृषि आदी शुरू किये है जिससे किसान घर बेठे मोबाइल पर कोई भी जानकारी व् विभाग की सुविधाये प्राप्त कर सकते है
Hitendra Mehta थैंक्स ! ये तो आपके मंत्रालय की एक उपलब्धि भी कह सकते है। क्या आपके मंत्रालय ने गाओं गाओं जाकर किसानो को practical knowledge देने का कोई प्लान बनाया है ?
Arvind Kumar Singh सर जी आपसे अनुरोध है की नीलगाय फसल को बर्बाद कर देती है जिससे किसान को बहुत नुकसान होती है इससे दलहन की खेती में बहुत खराब असर पड़ता है इसके लिए कोई उपाय बताये
राधा मोहन सिंह Radha Mohan Singh यह मामला पर्यबरण एब जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत आता है अत: आप इस मंत्रालय से संपर्क करे|
राधा मोहन सिंह Radha Mohan Singh भारत सरकार जंगली पशुओं जैसे नील गाय आदि द्वारा वन से सटे हुए क्षेत्रों में फसलों के नुक्सान को कम करने के लिए परम्परागत /रासायनिक रिपलेंट, खाइयां ,विद्युत्/सौर ऊर्जा घेराबंदी, जैव घेराबंदी और अन्य नवीनतम प्रणालियों के उपयोग को बढ़ावा देने की सलाह देती है |
इसी तरह खेती में प्रयोग और किसानों तक उसकी पहुंच को लेकर सवाल किया गया……
Ramesh Kumar देश में प्रयोगशाल से खेत की कड़ी अभी भी कमजोर बनी हुई है। इसकी मजबूती के लिए सरकार के प्रयासों पर रोशनी डालें
राधा मोहन सिंह Radha Mohan Singh मोदी सरकार ने मेरा गॉव, मेरा गौरव योजना चालू की है| जिसके तहत २०००० कृषि वैज्ञानिकों के ५००० समूह बना कर देश भर के गॉव मे भ्रमण कर किसानों को कृषि की नई तकनीकों के बारे मे बताया जा रहा है| अभी तक १५००० ग्रामों का भ्रमण किया जा चुका है| इसके अलावे देश के सभी जिला मुख्यालय मे स्तिथ ६४३ कृषि विज्ञान केंद्रों का सुदृढ़िकरण किया जा रहा है| नव-सृजित ५० जिलों मे मार्च, १७ तक कृषि विज्ञान केंद्र खोलने की योजना है, राज्य सरकारों से जमीन ली जा रही| राज्य सरकारों के माध्यम से ATMA के द्वारा खेत पाठशालाओं का अयोजन किया जा रहा है इस हेतु राज्यों को प्रयाप्त राशि अवंटित की गयी है| देश के १०३ राष्ट्रीय कृषि अनुशंधान संस्थान / केन्द्रों एवं ७३ कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से अग्रिम प्रदर्शन एवं राज्य सरकारों के माध्यम से एवं खेतों तक प्रदर्शन कर रहे हैं |
पंचायत खबर की तरफ से सवाल
ग्रामीण विद्युतिकरण और उत्तराखंड में कृषि विकास पर सवाल किये गये..
Singh Amit सर ग्रामीण विधुतिकरण की तरह ही प्रधानमंत्री सिचाई योजना भी पुरे भारत में लागू करनी चाहिए तभी हम किसानो की इस समस्या का समाधान करसकते है|
राधा मोहन सिंह Radha Mohan Singh कृषि सिचाई योजना भी देश के सभी राज्यों में लागू है
Manoj Joshi #ASKRMS उत्तराखण्ड में कृषि को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार ने पिछली यूपीए सरकार के हटकर क्या निर्णय लिये?
राधा मोहन सिंह Radha Mohan Singh देश के साथ उत्तराखंड मे मोदी सरकार ने कई नई योजना प्रारंभ की है, जैसे की साइल हेल्थ कार्ड, फसल बीमा योजना, जैविक खेती के विकास के लिए परम्परागत कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय कृषि बाजार, नीम कोटेड यूरिया अादी कई योजनाएं प्रारंभ की गयी है| कृषि राज्य सरकारों का विषय होता है इसलिए हमारी सभी योजनाएं राज्य सरकारों के माध्यम से क्रियान्वित हो रही है|
किसान को क्यों नहीं अपने फसल के मूल्य निर्धारण का हक जैसे जरूरी सवाल भी पूछे गए..
Parvesh Choudhary एक उद्योगपति या एक ठेले वाला अपने समान का मूल्य निर्धारण कर सकता है क्या किसान को ये अधिकार आपकी अन्नदाता हितेषी सरकार देगी ?
राधा मोहन सिंह Radha Mohan Singh श्री चौधरी जी, हाल ही मे सरकार ने इ- नाम यानी राष्ट्रीय स्तर पर इलेक्ट्रॉनिकएग्रीकल्चर मार्केटिंग प्लेटफार्म के माध्यम से कृषि उत्पाद के क्रय बिक्रय की शुरूवात की है. आशा है की किसान इसके माध्यम से अपनी उपज का मूल्य उसकी गुणवता के अनूरूप तय/ प्राप्त कर सकेंगे
अलग किसान बजट क्यों नहीं?
Niranjan Singh आम बजट से अलग कर किसान बजट होना चाहिए ,,,,,,क्या कहना है
राधा मोहन सिंह Radha Mohan Singh अजादी के बाद अलग बजट का अर्थ है उसके लिए अधिक चिंता करना| पहली बार मोदी सरकार ने कृषि बजट को दुगुना अवंटन इस वर्ष किया है| गॉव और किसान से जुडे हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय, उर्वरक मंत्रालय एवं अन्य मदो की जो राशी है उससे स्पष्ट है की अजादी के बाद पहली बार गॉव के विकास एवं किसान के कल्याण के लिए पहली बार इतनी राशि बजट मे दिया गया है|
Akhileshwar Singh नमस्ते। माननीय मंत्री जी का ध्यान निम्नलिखित बिंदुओं के आकृष्ट कर रहा हूँ। 1.EMU Bird के पालन से किसानो के आय में बढ़ोतरी हेतु कोई विशेष योजना/राज सहायता दी जाती है/देने का विचार है जैसा की सुनाने में आता है की इस ऑस्ट्रेलियाई पक्षी के पालने से बहुत लाभ…
राधा मोहन सिंह Radha Mohan Singh ईमू पालन के लिए 11वीं पंचवर्षीय योजना के तहत एक कार्यक्रम था, जिसका किसानों को सामान्यीत: कोई लाभ नहीं हुआ। इसलिए इसे किसानों एवं बेरोजगारों के हित में 12वीं पंचवर्षीय योजना में बंद कर दिया गया। किसानों एवं बेरोजगारों के रोजगार सृजन हेतु भारत सरकार द्वारा मुर्गी पालन, बकरी पालन, भेड पालन एवं सुकर पालन के लिए राष्ट्री य पशुधन मिशन की योजना कार्यानवित की जा रही है। मुर्गी, बकरी, भेड एवं सुकर पालन के लिए उक्ता योजना बिहार सहित सभी राज्योंन में लागू है। इस हेतु आप अपने क्षेत्र के राष्ट्री यकृत अथवा ग्रामीण अथवा सहकारी बैंक के माध्य म से लाभ ले सकते हैं। इसमें सामान्यक श्रेणी के लाभार्थी को 25 प्रतिशत सब्सिअडी का प्राविधान है एवं अनुसूचित जाति, जनजाति तथा पुर्वोत्तपर राज्योंा के लाभार्थियों के लिए 33.33 प्रतिशत सब्सिजडी का प्रावधान है।
जैविक कृषि को लेकर सवाल भी पूछे गए..
Deepak Amit हेलो सर, आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए और सीधे किसानों को इससे जोरने के लिए क्या-क्या प्रयास किया जा रहा है? धन्यवाद।
राधा मोहन सिंह Radha Mohan Singh परम्परागत कृषि विकास योजना सभी राज्यों में चलायी जा रही है. जिसमे क्लस्टर के माध्यम से सर्टिफाइड आर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है कृपया जिला कृषि अधिकारी से अधिक जानकारी प्राप्त करें. साथ ही मंत्रालय की वेबसाइट http://agricoop.nic.in/ scheme guideline देखें.

