पंजाब निकाय चुनाव… भाजपा के अरमानों पर किसान आंदोलन का ग्रहण,कांग्रेस को बढ़त,अकाली नहीं दिखे प्रभावी

आलोक रंजन

चंडीगढ़: लगभग 3 माह से चल रहे किसान आंदोलन पर भाजपा द्वारा यह अक्सर आरोप लगाया जाता रहा है कि य​ह कांग्रेस का ​आंदोलन है। यह आंदोलन सिर्फ पंजाब और हरियाणा के किसानों का है। कुछ हद तक भाजपा की बातों को पंजाब में हुए निकाय चुनाव के परिणामों ने सही साबित किया है। निकाय चुनाव के परिणाम कृषि कानूनों के खिलाफ जारी प्रदर्शन के बीच पंजाब में हुए निकाय चुनाव के नतीजे कांग्रेस के पक्ष में जाते दिख रहे हैं। यदि यही ट्रेंड रहा तो भाजपा के लिए खतरे की घंटी है क्योंकि इससे अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की एक झलक भी मिल जाएगी। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले की अग्नि परीक्षा के तौर पर स्थानीय निकाय चुनाव को देखा जा रहा था और बाजी कांग्रेस के पक्ष में जाती दिखी है। नतीजों से ऐसा लग रहा है कि भाजपा को कृषि कानूनों का नुकसान होता दिख रहा है।


क्या कहते हैं नतीजे
चुनाव नतीजों से यह संकेत तो मिल रहा है कि कांग्रेस अच्छा कर रही है और भाजपा को कृषि कानून का नुकसान हो रहा है। लेकिन बड़ी बात ये है कि इन चुनावों में कांग्रेस को छोड़ शिरोमणी अकाली दल और आम आदमी पार्टी के लिए भी अच्छे संकेत नहीं हैं।
कांग्रेस को मिली कई जगह पर जीत
बठिंडा में बनेगा कांग्रेस का मेयर

बठिंडा में कांग्रेस पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की है। लगभग 53 साल बाद कांग्रेस ऐसा करिश्मा कर दिखाया है जिससे बठिंडा में कांग्रेस पार्टी का मेयर बनना तय दिख रहा है। पहले से बठिंडा शिरोमणि अकाली दल गढ़ रहा है।
पठानकोट में कांग्रेस ने मारी बाजी
पठानकोट नगर निगम में कांग्रेस अब तक 30 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है। जबकी भाजपा को मात्र 9 सीटों पर ही बढ़त मिली। एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार ने भी जीत हासिल किया है। जबकी फिरोजपुर की मद्दकी नगर पंचायत में कांग्रेस पांच सीटों पर कब्जा करने में सफल रही वहीं अकाली दल को 8 सीटों पर जीत मिली।


संंगरूर जिले में कांग्रेस ने जीती 49 सीट
पंजाब के संगरूर जिले में कांग्रेस ने 49 सीटों पर जीत दर्ज की है। शिरोमणी अकाली दल को छह सीटें मिली है। चार सीटों पर आप को जीत हासिल हुई है, जबकि 15 सीटों पर निर्दलीयों ने अपना परचम लहराया है वहीं भाजपा को शून्य से संतोष करना पड़ा है।
कपूरथला में कांग्रेस की बंपर जीत
कपूरथला निगम के लिए 50 वार्ड में 43 वार्ड में जीत हासिल हुई है। वहीं, अकाली दल को तीन सीटों पर जीत मिली है। जबकि भाजपा के साथ आम आदमी पार्टी यहां पर खाता भी नहीं खोल पायी है।


गुरुदासपुर व बरनाला में भी कांग्रेस को जीत
गुरुदासपुर में कुल 29 वार्ड हैं, जिनमें से अभी तक 15 पर कांग्रेस पार्टी जीत हासिल करने में कामयाब हुई है। वहीं बरनाला में कांग्रेस,अकाली दल और आप को जीत हासिल हुई है जबकि भाजपा फिसड्डी साबित हुई है। इसी तरह पटियाला,अजनाला आदी स्थानों पर कांग्रेस का परिणाम अच्छा दिख रहा है, वहीं कुछेक स्थानों पर शिरोमणी अकाली दल, आम आदमी पार्टी और कहीं,कहीं निर्दलिय ने भी बाजी मारी है जबकी भाजपा के भविष्य पर किसान आंदोलन का ग्रहण लगता दिख रहा है और यदि यही संकेत रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा के अच्छे दिन कदापी नहीं कहे जा सकते।
उल्लेखनीय है कि निकाय चुनावों को कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जैसे सभी चार मुख्य राजनीतिक दलों के लिए एक एसिड टेस्ट के रूप में देखा जा रहा था। इस लिहाज से भाजपा पिछड़ती दिख रही है। हालांकि अकाली दल के साथ गठबंधन टूटने के बाद यह पहला मौका है जब भाजपा ने स्थानीय चुनावों में अपने प्रत्याशी उतारे थे।

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