उड़द और मूंग दाल का नहीं होगा आयात..किसानों को होगा फायदा

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  • किसानों के हित को देख लिया निर्णय कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य से घटने से किसानों को नुकसान

 

  • पहले से ही सरकार ने अरहर दाल के आयात को भी प्रतिबंधित श्रेणी में रखा है

पंचायत खबर टोली

नई दिल्ली:दलहन के पैदावार के प्रति किसानों का झुकाव बरकरार रखने के लिए सरकार ने दलहन के कुछेक किस्मों के आयात को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है। इस बाबत सोमवार को  उड़द और मूंग दाल के आयात को प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया है। साथ ही इनकी आयात सीमा तीन लाख टन तय कर दी है। इसका मकसद इनकी कीमतें ज्यादा घटने से किसानो को हो रहे नुकसान से बचाना है।

घरेलू किसानों को होगा फायदा

सरकार के इस कदम से घरेलू कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी। इन दालों की घरेलू कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे चली गई हैं जिससे किसानों को नुकसान पहुंच रहा है। भारत दुनिया में दलहनों का सबसे बड़ा उत्पादक और आयातक देश है। इस माह के आरंभ में सरकार ने अरहर दाल के आयात को भी प्रतिबंधित श्रेणी में दिया है। वाणिज्य मंत्रलय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने भी कहा है कि इन दालों के आयात का वार्षिक कोटा तीन लाख टन का होगा। डीजीएफटी ने एक अधिसूचना में कहा कि उड़द और मूंग दाल का आयात प्रतिबंधित किया जाता है। पहले यह मुक्त श्रेणी में था। जून में समाप्त होने वाले फसल वर्ष 2016-17 में मूंग उत्पादन रिकॉर्ड 20.7 लाख टन हो गया।

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