Jammu Kashmir Election 2024: वादे, ईरादे और नया जम्मू-कश्मीर, आज थम जाएगा 24 सीटों पर चुनाव प्रचार

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Jammu Kashmir Chunav 2024: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में चुनावी घमासान चल रहा है और इस घमासान में पहले चरण का मतदान बुधवार 18 सितंबर को होगा। इस लिहाज से देखें तो पहले चरण के 24 सीटों पर होने वाले मतदान के लिए चुनावी प्रचार आज शाम तक ही किया जा सकेगा। यही कारण है कि पहले चरण के लिए प्रत्याशियों ने काफी जोर लगाया और मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए जोर आजमाईश की। घाटी में मुख्य राजनीतिक दल भाजपा, कांग्रेस, पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस हैं। इसके अलावा कुछ सीटों पर क्षेत्रीय दल तो कुछ सीटों पर निर्दलीय भी ताल ठोक रहे हैं।

वादे,इरादे और नया जम्मू-कश्मीर

शनिवार को डोडा में हुई बीजेपी की रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर को लेकर जनता के समक्ष अपनी बात रखी और कहा कि पहली बार भारत के संविधान के तहत घाटी में चुनाव हो रहा है। भाजपा घाटी को आतंकवाद मुक्त कर देश की मुख्यधारा से जोड़ना चाहती है। जम्मू-कश्मीर में अब पत्थरबाजी और आतंकवाद की कोई जगह नहीं है। आतंकवाद यहां पर अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है।

विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा था कि तीन परिवारों की वजह से भारत माता का मस्तक जम्मू-कश्मीर बर्बाद हुआ है। यह चुनाव नौजवानों और तीन खानदानों के बीच है। विपक्षी दलों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता है लेकिन जण्मू-कश्मीर के विकास की कोई चिंता नहीं है। बीते 10 सालों के आधारभूत ढांचे के विकास के विस्तार के प्रयास से ही पहली संविधान के तहत घाटी में चुनाव हो रहा है।

अनुच्छेद 370 के हटने के बाद घाटी में अमूलचल परिवर्तन देखने को मिल रहा है। अब जम्मू-कश्मीर आतंकवाद मुक्त होकर देश के बाकी राज्यों की तरह विकसित प्रदेश बनने जा रहा है। देश के विकास में घाटी अब विकास की नई इबारत लिखेगी। विपक्ष ने हमेशा बाबा साहेब के संविधान की आत्मा को नोचने का काम किया है। आज संविधान का दिखावा करने के लिए विपक्ष के लोग अपनी जेब में संविधान लेकर घूम रहे हैं।

 

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अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए लड़ेंगे

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि वे जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए लड़ेंगे और फिर से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

सफरपोरा में पत्रकारों से बात करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि जमात-ए-इस्लामी और अवामी इत्तिहाद पार्टी के बीच गठबंधन का उद्देश्य लोगों को बांटना है। उन्होंने कहा, “वे (भाजपा) केवल उन्हीं की उपज हैं। मुझे बताएं कि उन्हें आज क्यों रिहा किया गया। लोग ऐसी चालों से अच्छी तरह वाकिफ हैं।”

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “हम फिर से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और ऐसा करना जारी रखेंगे। अब तक दो बार हमारे पक्ष में फैसला आ चुका है।”

सियासी दलों के वायदे और जनता का इरादा

भाजपा ने 10 दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए अपना संकल्प पत्र जारी किया है। इसमें महिलाओं, युवाओं, कश्मीरी पंडितों और आतंकवाद के खात्मे पर केंद्रित 25 वादे शामिल हैं। महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, कश्मीरी पंडितों का पुनर्वास, किसानों के लिए बिजली दरों में कटौती और बुनियादी ढांचे का विकास शामिल हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, अनुच्छेद 370 अतीत की बात हो गई है और अब वापस नहीं आएगा। राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। इस पर कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।

कांग्रेस की सात गारंटी

जम्मू-कश्मीर चुनाव को लेकर राष्ट्रीय कांग्रेस ने सात गारंटी दी हैं। इनमें महिला सम्मान, हमारा हक। अच्छी सेहत, हमारा हक। ओबीसी का हक। कश्मीरी पंडितों का हक। हमारी नौकरी, हमारा हक। राज्य का दर्जा। हमारा अनाज, हमारा हक दिलाने का भरोसा दिया है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि कांग्रेस का घोषणापत्र तैयार है। पहले चरण के चुनाव से 2 दिन पहले इसकी घोषणा की जाएगी। हमारा घोषणा पत्र ‘जुमलों’ पर आधारित नहीं होगा और हम इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।

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