बक्सर। जिले में जैविक कोरिडोर योजना के तहत जो किसान जैविक खेती करते है या फिर नमामि गंगे योजना के तहत जो किसान जैविक खेती से जुड़े हैं। उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए जिला कृषि भवन के प्रांगण में आगामी 25 मार्च को जैविक कृषि मेला का आयोजन कृषि विभाग के द्वारा किया जा रहा है। इस सम्बंध में विस्तृत जानकारी देते हुए जैविक कॉरिडोर योजना के डीपीएमयू ऋषभ राज ने बताया कि 25 मार्च को जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में जैविक कृषि मेला का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर तैयारियां चल रही है। इस मेला में हिस्सा लेने के लिए बक्सर जिले के 11 प्रखंडों के किसानों को बुलाया जा रहा है।
डीपीएमयू ऋषभ राज ने बताया कि प्रत्येक प्रखंड से 20 किसानों को आमंत्रित किया जा रहा है। इस जैविक कृषि मेला में किसान अपने जैविक उत्पादों को लेकर आएंगे। वहीं कृषि भवन में जैविक कृषि मेला को लेकर कई स्टॉल लगाए जाएंगे। जहां किसानों के उत्पादों का क्रय-विक्रय भी होगा। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य यह भी है कि जो जिले के किसान रासायनिक खेती करते है उनके बीच में भी जैविक खेती का प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि सभी किसान जैविक खेती से जुड़ सके।
किसानों को जैविक खाद बनाने का दिया जाएगा प्रशिक्षण
जैविक कॉरिडोर योजना के डीपीएमयू ऋषभ राज ने बताया कि जैविक मेले के दौरान किसानों को जैविक खाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि रासायनिक खाद के छिड़काव से खेतों की उर्वरा शक्ति कम होती है. इसके लिए किसानों को जैविक खाद व जैविक कीटनाशक दवा तैयार करने की विधि सिखाई जाएगी। इसके लिए बकायदा प्रशिक्षक भी मौजूद रहेंगे। इसमें जीवामृत, बीजामृत, अग्निअस्त्र सहित कई जैविक खादों के बारे में जानकारी किसानों को दी जाएगी. इस मेले में एफपीओ के लोग भी मौजूद रहेंगे जो जैविक उत्पादों को खरीदते है और उसका बिक्री करते है।
बक्सर को मॉडल जिला बनाने का चल रहा प्रयास
जैविक कॉरिडोर योजना के डीपीएमयू ऋषभ राज ने बताया कि जैविक कृषि मेला में यह जानकारी दी जाएगी कि जैविक खाद अथवा दवा का कितना प्रयोग किया जाता है। किस मात्रा में किया जाता है और कब किया जाता है। इस संबंध में सारी जानकारियां किसानों को दी जाएगी। इस दौरान किसान अपने अनुभव को एक दूसरे से साझा करेंगे. जिससे जैविक कृषि का अच्छा माहौल बनेगा। वहीं उन्होंने बताया कि जिला कृषि विभाग का यह प्रयास है कि बक्सर जिला को जैविक खेती के मामले में पूरे राज्य में मॉडल जिला के रूप स्थापित किया जाए।
