Navratra 2024: नवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है जो शक्ति की देवी मां दुर्गा को समर्पित है। यह नौ दिनों का त्योहार है जिसमें मां दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि शब्द का अर्थ है ‘नौ रातें’ इस दौरान श्रद्धालु उपवास करते हैं और अलग—अलग मंदिरों में जाते है और श्रद्धा भाव से पुजा अर्चना करतें है। लेकिन बहुत से ऐसे मंदिर भी है जिनकी अपनी एक अलग ही पहचान है।
उनमें से ही एक मंदिर है श्री मनसा देवी का और इस बार माता रानी के मंदिर को कोलकाता के गेंदे जरबेरा, गुलाब, कार्नेशन, आर्केड, विलियम, रजनीगंधा सहित अन्य फूलों के साथ सजाया जाएगा। यह फूल कोलकाता से ट्रेन के माध्यम से पंचकूला में मंदिर तक पहुंचेंगे। इसके अलावा मंदिर को रंग बिरंगी लाइटों से भी सजाया जा रहा है।
मनसा देवी मंदिर की स्थापना
माता मनसा देवी के मंदिर का निर्माण मनीमाजरा के महाराजा गोपाल सिंह ने साल 1811 और 1815 के बीच में करवाया था। बताया जाता है कि यहां पर माता सती का मस्तिष्क गिरा था। जिसके बाद इस भव्य मंदिर का निर्माण करवाया गया। करीब 200 सालों से इस मंदिर में श्रद्धालु माता मनसा देवी के दरबार में माथा टेकने पहुंचते हैं। इन्हें शिव और पार्वती की पुत्री तथा विष की देवी के रूप में भी माना जाता है। 14 वी सदी के बाद इन्हे शिव के परिवार की तरह मंदिरों में आत्मसात किया गया। यह मान्यता भी प्रचलित है कि इन्होने शिव को हलाहल विष के पान के बाद बचाया था। परंतु यह भी कहा जाता है कि मनसा का जन्म समुद्र मंथन के बाद हुआ था।
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लिफ्ट के माध्यम से करेंगें श्रद्धालु दर्शन
शारदीय नवरात्र वीरवार से शुरू हो रहे हैं। माता श्री मनसा देवी में श्रद्धालुओं को दर्शन करने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो। इसके लिए माता श्री मनसा देवी श्राइन बोर्ड की ओर से सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर में इस बार बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और दंडवत प्रणाम करके आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग से लाइन बनाई जाएगी। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं लिफ्ट के माध्यम से माता श्री मनसा देवी मंदिर में आसानी से पहुंच सकेंगे। मंदिर में त्रिकोड़ा पार्क में रोजाना शाम 7 बजे से 9 बजे तक भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। विधानसभा चुनाव को देखते हुए श्राइन बोर्ड की ओर से इस बार वीआईपी पास नहीं दिए जाएंगे। श्रद्धालु 500 रुपये का ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से टोकन लेने के बाद माता श्री मनसा देवी के गर्भगृह के दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा अगर कोई श्रद्धालु हवन करवाना चाहता है तो वह 1100 रुपये की पर्ची कटवाकर हवन यज्ञ करवा सकता है।
श्रद्धालुओं के लिए इन रूटों से चलेंगी बसें
नवरात्र में श्रद्धालुओं के लिए ट्राइसिटी से विशेष बसें चलाई जाएंगी। माता मनसा देवी मंदिर के लिए कालका, जीरकपुर, बरवाला, नारायणगढ़, चंडीमंदिर, कालका में माता श्री काली देवी मंदिर, चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन, सेक्टर-43 बस स्टैंड और सेक्टर-17 बस स्टैंड से स्पेशल बसें चलेंगी, जिससे दूर से माता के दर्शन करने के लिए आने वाले भक्तों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। यह बसें ट्राइसिटी में हर 15 मिनट में चलेंगी।
सुरक्षा के लिए कड़े प्रबंध
माता श्री मनसा देवी मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए होमगार्ड के जवान और वालंटियर्स तैनात किए जाएंगे। मंदिर परिसर के आसपास पुलिस की ओर से अलग-अलग स्थानों पर 13 नाके लगाए जाएंगे। मंदिर को चार जोन में बांटा जाएगा और प्रत्येक जोन में एक-एक इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को इंचार्ज नियुक्त किया जाएगा और सुरक्षा के लिए पूरी व्यवस्था की जाएगी।
24 घंटे तैनात रहेंगे डाॅक्टर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंदिर में पर्याप्त संख्या में 24 घंटे डाॅक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा। इसके अलावा अप्रिय घटना से निपटने के लिए एंबुलेंस और दमकल विभाग की गाड़ी मंदिर में उपलब्ध रहेगी। डेंगू को देखते हुए कहीं भी लारवा पैदा न हो इसके लिए दवा का स्प्रे और फॉगिंग की जाएगी। प्रसाद और लंगर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टर और खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम के द्वारा सैंपल लिए जाएंगे।

