प्रयागराज : चाइनीज मांझे से दस साल के बच्चे की मौत, हाईवे पर हुआ हादसा

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प्रयागराज: भारत में पतंग उड़ाना एक आम खेल है। गुजरात राज्य में मकरसंक्रांति के दिन उतरन मनाया जाता है। इस दिन आसमान उड़ती पतंगों से भरा होता है। पतंग उड़ाना खेल है तो उसमें प्रतियोगिता भी संभव है। आप जानते ही होंगे कि पतंग उड़ाने वाले किस तरह की प्रतियोगिता करते हैं! प्रतियोगी एक दूसरे की पतंग काटने की होड़ करते हैं। सामने वाले को हराने के लिए वह साधारण सूती धागों का उपयोग न करके चीन से आयातित नायलॉन के धागों का उपयोग करते हैं ताकि प्रतियोगी की पतंग काटने में सफल हो सकें। यह खेल तभी तर सुरक्षित है जब तक खुले मैदान में खेला जाय लेकिन शहरी क्षेत्रों में खाली जगह के अभाव में बच्चे अपने छतों पर पतंग उड़ाते हैं। इनके मंझे दूर तक जाते हैं। कटी पतंगे सड़क पर तेज गति से जा रहे दो पहिया वाहनों पर सवार लोगों के लिए काल बन जाती हैं। पतंगों के धागे लोगों के गले में फस जाते हैं, नायलॉन के यह धागे आसानी से नही टूटते। यह गले को रेत देतें हैं जिससे व्यक्ति घायल भी हो सकता है या उसकी जान भी जा सकती है।

 

 

गत 1 फरवरी को ऐसी ही एक घटना सामनें आई। बृहस्पतिवार की शाम तकरीबन पांच बजे सचिन अपने मौसेरे भाई सत्यम के साथ सरपतीपुर गांव में एक कार एजेंसी के पास स्थित अपने पिता की पान की गुमटी पर कुछ सामान पहुंचाने जा रहा था। दोनों बाइक से सरायइनायत थाने के पास पहुंचे ही थे कि चाइनीज मांझा उसकी गर्दन में फंस गया।

 

वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर हनुमानगंज क्षेत्र में बाइक में पीछे बैठे दस साल के बच्चे के गले में चाइनीज मांझा फंसने से मौत हो गई। अधिक रक्तस्राव होने की वजह से जान गई। हादसे में बाइक चला रहा उसका मौसेरा भाई बाल-बाल बच गया।

गुरुवार की शाम लगभग पांच बजे सचिन अपने मौसेरे भाई सत्यम के साथ सरपतीपुर गांव में एक कार एजेंसी के पास स्थित अपने पिता की पान की गुमटी पर कुछ सामान पहुंचाने जा रहा था। दोनों बाइक से सरायइनायत थाने के पास पहुंचे ही थे कि चाइनीज मांझा उसकी गर्दन में फंस गया। इससे उसका गला बुरी तरह कट गया। मौके पर ही वह खून से लथपथ होकर बाइक से गिर पड़ा। कुछ ही देर में उसकी जान चली गई।

हंडिया थाना क्षेत्र के सैदाबाद अजोरावा गांव निवासी सचिन पुत्र अशोक यादव पिछले चार साल से अपने माता-पिता के साथ सरायइनायत थाना क्षेत्र के कुंआडीह गांव में अपने नाना विजय यादव के यहां रहता था। वह सरायइनायत के एक निजी स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था।

आपका क्षणिक मनोरंजन किसी की जान भी ले सकता है, किसी छोटे बच्चे का भी। मनोरंजन के तमाम साधन उपलब्ध हैं। आप किसी अन्य का भी चयन कर सकते हैं। ऐसे खेलों से बिल्कुल परहेज करन की आवश्यकता है जिसमें आपकी या किसी अन्य की जान को जोखिम हो।

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