वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार व्यवस्थित असमानताओं को चिन्हित कर उसमें लगातार सुधार कर रही है।
मोदी सरकार का अंतरिम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश के अन्नदाताओं के लिए महत्वपूर्ण घोषणायें की। अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि…
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की लगातार ये कोशिश रही है कि विभिन्न स्तर पर समाज में व्याप्त असमानताओं को पहचान कर उसका निदान किया जाये।
इस अंतरिम बजट में वैसे तो हमेशा की तरह ही मोदी सरकार की कोशिश रही कि समाज में हाशिये पर रह रहे लोगों के लिए बजट में विशेष प्रावधान हो। यही कारण है कि इस बार के बजट में भी गरीब, युवा, महिला और अन्नदाताओं पर सरकार का फोकस रहा।
जाहिर है हमारा अन्नदाता कुल आबादी का लगभग 70 फीसदी है, ऐसे में अन्य क्षेत्रों की तरह कृषि क्षेत्र के लिए भी इस बजट बड़े ऐलान किये गये। इस बार के बजट में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के लिए ₹1.27 लाख करोड़ का आबंटन किया गया है।
मोदी सरकार व्यवस्थित असमानताओं कर रही है को चिन्हित
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार व्यवस्थित असमानताओं को संबोधित कर रही है, जिसने समाज विकास की तरफ मोड़ा है।
अंतरिम बजट 2024-25 पेश करते हुए, सुश्री सीतारमण ने कहा कि पिछले दशक में आर्थिक प्रबंधन ने जन-केंद्रित समावेशी विकास को पूरक बनाया है। उन्होंने कहा, “सभी प्रकार के बुनियादी ढांचे का निर्माण रिकॉर्ड समय में किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि कर सुधारों से कर आधार का विस्तार हुआ है।
उन्होंने कहा, “एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) पाठ्यक्रमों में 43% महिलाओं का नामांकन हुआ है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।”
किसानों के लिए इस बजट में क्या-क्या…?
- 20 लाख क्रेडिट कार्ड: वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 20 लाख करोड़ तक किसानों को क्रेडिट कार्ड के जरिए ऋण बांटने का लक्ष्य रखा गया था।
- किसान डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर: किसानों के लिए किसान डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म तैयार करने की बात कही गई थी। यहां किसानों के लिए उनकी जरूरत से जुड़ी सारी जानकारी उपलब्ध होगी।
- एग्री स्टार्टअप को बढ़ावा: केंद्र ने कृषि के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा स्टार्टअप शुरू करवाने पर फोकस किया था। कृषि स्टार्टअप के लिए कृषि निधि के नाम से डिजिटल एक्सीलेटर फंड बनाने का एलान किया गया था। इसके जरिए कृषि के क्षेत्र में स्टार्टअप शुरू करने वालों को सरकार की तरफ से मदद देने की बात कही गई थी।
- मोटे अनाज को बढ़ावा: सरकार ने पिछले बार मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए अलग से श्री अन्न योजना की शुरुआत की थी। इसके माध्यम से देशभर में मोटे अनाज के उत्पादन और उसकी खपत को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया था।
- बागवानी के लिए: सरकार ने पिछले बजट में बागवानी की उपज के लिए 2,200 करोड़ की राशि आवंटित की थी। इसके माध्यम से बागवानी को बढ़ावा देने का फैसला लिया गया था।
- मछली पालन को बढ़ावा: मत्स्य संपदा की नई उपयोजना में 6000 करोड़ के निवेश का फैसला लिया था। इसके जरिए मछुआरों को बीमा कवर, वित्तीय सहायता और किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी प्रदान करने की घोषणा की गई थी।
- प्राकृतिक खेती के लिए मदद: गत वर्ष वित्त मंत्री ने कहा था कि सरकार अगले तीन वर्षों में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए मदद मुहैया कराएगी। देश में 10,000 जैव इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
- प्राथमिक मत्स्य समितियों, डेयरी सहकारी समितियों और सहकारी समितियों की स्थापना: सरकार अगले पांच वर्षों में वंचित गांवों में बड़ी संख्या में सहकारी समितियों, प्राथमिक मत्स्य समितियों और डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना करेगी।
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