आईटीएस डेंटल कॉलेज में दूसरे एडवांस फेशियल एस्थेटिक्स कोर्स के दूसरे मॉड्यूल का आयोजन

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गेस्ट स्पीकर डॉ शोर्य शर्मा ने कॉस्मेटिक डेन्टिस्ट्री के अन्तर्गत चेहरे की सुंदरता को बढ़ाने के लिए प्रतिभागियों को दी जानकारी

गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ रोड़ स्थित आईटीएस डेंटल कॉलेज मुरादनगर के पेरियोडोन्टोलॉजी विभाग द्वारा सोमवार एवं मंगलवार को दुसरे एडवांस फेशियल एस्थेटिक्स कोर्स के दूसरे मॉड्यूल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिनमें निजी दंत चिकित्सक, कॉलेज के पूर्व छात्र, संस्थान के दंत चिकित्सक, एमडीएस के विद्यार्थी और कॉलेज के अध्यापक शामिल थे। यह कोर्स सेंटर फॉर फेशियल एस्थेटिक्स ट्रेनिंग (सीएफएटी) और नोवगोरोड विश्वविद्यालय, रूस के सहयोग से आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम आईटीएस-द एजुकेशन ग्रुप के वाईस चेयरमैन, अर्पित चड्ढा के सहयोग से आयोजित किया गया।

जिसका उद्देश्य मरीजों के बीच चेहरे के सौन्दर्य चिकित्सा के बारे में जागरूकता बढ़ाना एवं चेहरे के सौन्दर्य में वृद्धि की मांग करने वाले रोगियों की प्राथमिक वैकल्पिक लक्ष्यों को प्राप्त करना एवं रोगी को समग्र उपचार प्रदान करना है। दस पाठ्यक्रम के गेस्ट स्पीकर डॉ शोर्य शर्मा थे जो एक फेशियल ऐस्थेटिक्स चिकित्सक के साथ-साथ अर्न्तरष्ट्रीय वक्ता भी है। जिन्होंने फेशियल एस्थेटिक्स पर इस तरह की अनेकों कार्यशालाएं की है। वह एक ट्रेनर के साथ-साथ सेंटर फॉर फेशियल एस्थेटिक्स ट्रेनिंग (सीएफएटी) के अध्यक्ष भी है। कार्यक्रम के दौरान डॉ शौर्य ने कॉस्मेटिक डेन्टिस्ट्री के अन्तर्गत चेहरे की सुंदरता को ज्यादा बढ़ाने के लिए विभिन्न विकल्पों के बारे में सभी प्रतिभागियों को समझाया।

इस कार्यक्रम में डॉ निकिता गोयल जैन, डॉ अमन सांगवान, डॉ अरुण श्रीनिवासन और उनकी टीम ने भी डॉ शौर्य के सहयोगी के रूप में अपनी-अपनी भूमिका निभायी। इस पाठ्यक्रम का उद्देष्य प्रतिभागियों को बोटॉक्स, डर्मल फिलर्स, लेजर द्वारा बालों को कम करना, कैमिकल पील्स और अन्य फैषियल ऐस्थेटिक्स उपचार को सफलतापूर्वक एकीकृत करने के लिये तैयार करना है। कार्यक्रम के पहले दिन प्रतिभागियों को ब्लड डेरिवेटिवस जैसे पीआरपी, पीआरएफ, उनकी तैयारी प्रोटोकॉल और चेहरे और स्कैल्प के कायाकल्प में अनुप्रयोगों की सम्पूर्ण समझ दी गई। कार्यक्रम के दूसरे दिन फेशियल ऐस्थेटिक्स उपचार के क्षेत्र में उपयोग किये जाने वाले विभिन्न प्रकार के लेजऱ की आवश्यकता और उनके प्रक्रियाओं के बारे में समझाया गया। इसके साथ ही डॉ शोर्य एवं उनकी टीम ने रोगियो पर ब्लड डेरिवेटिवस और लेजऱ का लाईव प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रतिभागियों ने मरीजों पर इन नवीनतम उपचारों को हैन्ड्स-ऑन किया गया। डॉ शौर्य ने एमडीएस के विद्यार्थियों और अन्य दंत चिकित्सकों के लिये इस तरह के ज्ञानवर्धक मंच के आयोजन के लिये संस्थान को धन्यवाद दिया। इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को सर्वश्रेष्ठ फेशियल एस्थेटिक्स उपचार के बारे में ज्ञान प्राप्त हुआ। जिसके लिए चेयरमैन एवं वाइस चेयरमैन को ध्न्यवाद दिया।

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