
नयी दिल्लीः बिहार में कृषि मंत्री रहते नीतीश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सुधाकर सिंह की छवी पढ़े लिखे युवा नेता की रही है, लेकिन शायद ही किसी ने सोचा होगा कि कम बोलने वाले, नाप तोल के बोलने वाले सुधाकर किसानों के सवालों पर इतने मुखर होंगे। इसी मुखरता की वजह से सुधाकर को अपना मंत्री पद गंवाना पड़ा और वे अब पूर्व कृषि मंत्री हो चुके हैं लेकिन जिन किसानों के सवालों पर युवा नेता ने नीतीश कुमार जैसे कद्दावर नेता के समक्ष मोर्चा खोला मंत्री से सिर्फ विधायक होने के इस सफर में उन सवालों के साथ न सिर्फ पूरी शिद्दत से खड़े हैं बल्कि और मुखर हुए हैं।
सुधाकर सिंह ने कृषि मंत्री रहते हुए विभाग में जारी भ्रष्टाचार को लेकर खुले मंच से अधिकारियों को चोर कह डाला था। इसके बाद उनसे इस्तीफा ले लिया गया था। सुधाकर सिंह को इस्तीफा दिये हुए करीब एक माह होने को हैं। ऐसे में अब उन्होंने नीतीश कुमार के खिलाफ आगे की लड़ाई दिल्ली में लड़ने की तैयारी कर ली है। इस लड़ाई को धार देते हुए पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेस बुलाया है। जाहिर है इस प्रेसवार्ता का मुख्य विषय किसानों से जुड़ा हुआ ही होगा और किसानों को हो रही परेशानी, मंडी व्यवस्था और कृषि के क्षेत्र में फैले भ्रष्टाचार पर बात होगी। किसानों के सवाल और उनके हितों को लेकर बुलाए गये इस प्रेस वार्ता में उनसे जुड़े मसले पर तो बात होगी लेकिन निशाने पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी होंगे।
कृषि मंत्री के पद से इस्तीफा देने के पहले और उसके बाद से ही लगातार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कामकाज के तौर तरीकों को लेकर हमलावर रहे सुधाकर सिंह नीतीश कुमार के खिलाफ बड़ा ऐलान करेंगे। कृषि मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद से ही वे लगातार किसानों और युवाओं से संवाद कर रहे हैं और उन्हें इन सवालों पर जन समर्थन भी मिल रहा है। वे लगातार किसान संगठनों के संपर्क में हैं और किसानों से जुड़े मसलों पर चाहे कृषि मंडी का सवाल हो या फिर खाद की कालाबाजारी, न्यूनतम समर्थन मूल्य आदि पर चर्चा कर रहे हैं।

एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में पैर पसार रहे हैं वहीं दूसरी ओर उनके समर्थित दल के विधायक और पूर्व मंत्री प्रेस काफ्रेंस कर उनके खिलाफ बड़ा ऐलान करने की तैयारी में। स्वाभाविक रूप से सिंह इस दौरान नीतीश कुमार का पोल खोलेंगे इस पर उनके दल राजद की क्या प्रतिक्रिया होती है यह देखना भी दिलचस्प होगा। इस्तीफा देने के बाद से ही सुधाकर सिंह का जिस प्रकार का तेवर है उसे देखकर ऐसा नीतिश सरकार बिहार में किसानों को लेकर जो रवैया अपनाये हुए है उसे लेकर सुधाकर बिहार सरकार विशेष रूप से नीतीश कुमार पर तो हमलावर होंगे साथ ही केंद्र सरकार की तरफ से लाई जा रही किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ भी वे मुखरता से आवाज उठायेंगे।
उल्लेखनीय है कि सुधाकर सिंह को राकेष सिंह टिकैत जैसे बड़े किसान नेताओं का साथ मिल रहा है। किसानों से जुड़े मसले पर वे सुधाकर सिंह के साथ न सिर्फ खड़े हैं बल्कि लगातार संपर्क में है। बिहार में कृषि मंडी
शुरू करने को लेकर टिकैत ने नीतीश कुमार को पत्र भी लिखा था। इतना ही नहीं सुधाकर सिंह पिछले 20 दिनों से यात्रा पर हैं और लोगों से संपर्क कर रहे हैं। राजद से जुड़े विधायक सुधाकर भले ही राजद नेताओं को लेकर कुछ भी बोलने से बच रहे हों लेकिन नीतीश कुमार और किसानों के सवाल पर वे लगातार मुखर रहे हैं। ऐसे में सुधाकर सिंह द्वारा दिल्ली में प्र्रेस कांफ्रेस कर अपनी बात को रखने की कवायद से यह संकेत भी जा रहा है कि भले ही उनकी पार्टी राजद, नीतीश कुमार के जदयू के साथ सरकार चला रही हो लेकिन सरकार के रीत नीत के प्रति विधायक सुधाकर सिंह की मुखरता जारी रहेगी और वे भले ही मंत्री न हों लेकिन वे किसानों के पक्ष में अपनी बात मुखरता से उठाते रहेंगे ओर स्वाभाविक तौर पर गंठबंधन में शामिल किसी भी नेता द्वारा सरकार पर किया गया हमले से मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार के लिए असहज स्थिती पैदा होगी।
