मुरैना। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन व उद्देश्य पर अभिभावकों व छात्रों से चर्चा के लिए मप्र शिक्षक संघ ने शासकीय हाई स्कूल गलेथा में शनिवार को कार्यशाला का आयोजन किया। इस अवसर पर अनेक शिक्षक, गणमान्य नागरिक , मप्र शिक्षक संघ के पदाधिकारी, छात्र, छात्राएं सहभागी रहे।
कार्यशाला में मप्र शिक्षक संघ के संभागीय अध्यक्ष नरेश सिंह सिकरवार ने कहा कि युवा भविष्य की चुनौतियों का मुकाबला कर सकें, इस उद्देश्य से 35 साल बाद नई शिक्षा नीति लाई गई है। एजुकेशन पॉलिसी में किसी भी देश का विजन डॉक्यूमेंट परिलक्षित होता है। इसमें भारतीय जीवन मूल्य होने के साथ विज्ञान तकनीक के क्षेत्र में समावेशी विकास, भारतीय संस्कृति एवं भारतीय भाषाओं को प्रोत्साहित करेगी।
इस नई शिक्षा नीति में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका शिक्षक की है। युवा पीढ़ी व शिक्षकों को प्राथमिक शिक्षा से लेकर कॉलेज तक अध्ययन, अध्यापन व शोध करने का व्यापक अवसर मिलेगा ताकि देश तकनीक विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ सके।
कार्यक्रम में गिरीश शर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति लागू होने से सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण होगा। भारतीयता के विचारों के आधार पर नई शिक्षा नीति से समाज में व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का भाव जागृत होगा।
