बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान लगातार बिहार में चुनावी रैली करने और विकास के वादे के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार की सुध लेनी शुरू कर दी है। केंद्र और राज्य के प्रमुखों के बीच चुनावी कटुता अब खत्म होने लगी है,और दोनों मिलकर बिहार का विकास करना चाहते हैं । ऐसा ही नजारा प्रधान मंत्री के बिहार दौरे में दिखा। बिहार के विकास पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुर शनिवार को एक रहे।
प्रधानमंत्री बिहार चुनाव के बाद पहली बार एक दिन के बिहार दौरे पर आए। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के बगैर भारत विकसित देश नहीं बन सकता। भारत का भाग्य बदलने के लिए पहले बिहार का भाग्य बदलना होगा। बिहार के विकास के लिए केन्द्र और राज्य सरकार को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने भरोसा भी दिया कि केन्द्र सरकार बिहार के विकास में हरसंभव सहयोग करेगी। श्री मोदी शनिवार को यहां राघोपुर दियारा के छौंकिया (हाजीपुर) में पूर्व मध्य रेलवे के बड़े समारोह में बोल रहे थे।

कहीं शिलान्यास….कहीं उद्घाटन
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने दीघा-सोनपुर और मुंगेर रेल सह सड़क पुल का लोकार्पण किया, साथ ही मोकामा में राजेन्द्र पुल के समांतर दूसरी रेल पुल का शिलान्यास कर बिहार को तीन महत्वपूर्ण सौगातें दीं । पटना से लखनऊ तक नई ट्रेन की सौगात दी। प्रधानमंत्री ने खुद सोनपुर-पाटलिपुत्र ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
मोदी ने पूर्वी भारत को देश के विकास का केन्द्र बिन्दू (नर्व्ज सेंटर) बताया और कहा कि बिहार समेत इस क्षेत्र का विकास जितनी तेजी से होगा, देश उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगा। यह भी कहा कि सत्ता संभालने के बाद पिछले18 माह से बिहार उनकी प्राथमिकता में रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अटलजी प्रधानमंत्री थे और नीतीशजी रेल मंत्री थे, तब का यह सपना (दीघा और मुंगेर रेल सह सड़क पुल) अब जाकर पूरा हुआ है। 10 साल में बिहार की उपेक्षा हुई। रूटीन बजट से की राशि दी जाती तो 5-7 साल पहले ये योजनाएं पूरी हो जातीं। देर के चलते ही 600 करोड़ की योजना 3000 करोड़ की हो गई।
प्रधानमंत्री ने नीतीश के काम को सराहा
प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार की यह कहते हुए तारीफ की कि गांवों में बिजली पहुंचाने की योजना को गति देने में पूरा सहयोग के लिए मैं उनका आभारी हूं। केन्द्र-राज्य तय कर लें तो बिहार गांवों में सबसे पहले बिजली पहुंचाने का लक्ष्य पूरा करने वाला गौरवशाली राज्य बनेगा। कहा कि 1000 दिन में 18000 गांवों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 6000 गांवों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है।
बिहार के गांव में पहले पहुंचाएंगे बिजली
– नरेंद्र मोदी ने कहा कि बिहार हमारी प्राथमिकता में है। आजादी के 70 साल हो गए आज भी 18000 गांव ऐसे हैं जहां बिजली नहीं पहुंची है।
– ”जो काम इतने साल में न हो सका हमने उसे 1000 दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।”
– ”अभी 1000 दिन पूरा भी नहीं हुए हैं और 6000 गांव में बिजली पहुंच गई है।”
– ”बिहार सरकार इस दिशा में अच्छा काम कर रही है।”
– ”राज्य सरकार का इसी तरह सपोर्ट मिला तो हम सबसे पहले बिहार के सभी गांव में बिजली पहुंचा देंगे।”
– ”इसके लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार को मिलकर काम करना होगा।”
नीतीश की पीएम से अपेक्षा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांधी सेतु के जर्जर हाल का जिक्र करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। भरोसा है कि इसके लिए वह योजना मंजूर करेगी। पांच बार संसद में मुझे मौकामा के प्रतिनिधित्व का मौका मिला। यहां समानांतर पुल बनने से व्यक्तिगत खुशी भी होगी। जब वह रेल मंत्री थे तो सोनपुर-दीघा रेल पुल योजना शुरू हुई थी। मेरे रेल मंत्री रहते अपने जन्मदिन पर अटलजी ने मुंगेर रेल पुल की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार प्रधानमंत्री के बिहार आने से लोगों की उम्मीद बढ़ गई है। वह बिहार की तरक्की के लिए बार-बार यहां आते रहें। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य मिलकर बिहार के विकास की गाड़ी आगे बढ़ाएं।

