पंचायत खबर टोली
मऊ : तय मानक की धज्जियां उड़ाते हुए नगर में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व मदरसों में मिड-डे मिल की सप्लाई करने वाली संस्थाएं मनमाने ढंग से भोजन का वितरण कर रही हैं। इनके चयन में भी शिक्षा विभाग द्वारा व्यापक गड़गड़ी की गई। परिणाम स्वरूप मीनू के हिसाब से भोजन न देने के साथ ही उपलब्ध खाद्य पदार्थ में कीड़ा मिलने के बाद विरोध करने पर मदरसा दानिश गाहे निस्वा में गत नवंबर माह से बच्चों को मध्यान भोजन मिला ही नहीं है। अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी भी इस बात से सहमति जताते हुए भोजन वितरण करने वाली संस्था द्वारा नियम विरुद्ध भोजन वितरण की बात स्वीकार करते हैं। इस दिशा में उन्होंने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
मदरसा दानिश गाहे निस्वा मोहसिनपुरा के प्रबंधक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर सूचित किया मदरसे में अध्ययनरत बच्चों को गर्म पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराने वाल संस्था तरुण चाइल्ड एंड वोमेन डेवेलपमेंट सोसइटी द्वारा मीनू के अनुसार खाना नहीं दिया जाता है। चावल-दाल में कीड़े-मकोड़े तथा सुखी लाई में चूहों के विष्ट होते हैं। भोजन लेने में छात्र हिचकते हैं। दूसरी ओर इससे उनके स्वास्थ्य पर भी खतरा बना रहता है। प्रबंधक ने बीएसए को संस्था द्वारा 11 नवंबर 2015 से भोजन नहीं दिए जाने की सूचना के साथ उस संस्था द्वारा मध्यान भोजन बंद करने की बात कही। इसके बाद अभिलेखों में जांच का खेल आरंभ हो गया। इस बीच मदरसा प्रबंधन द्वारा अभिलेख व रजिस्टर में व्यापक गड़गड़ी पाए जाने पर प्रधानाचार्या को निलंबित कर दिया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा एक माह का वेतन भी रोक दिया गया।
15 नवंबर 2016 को नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय में मरदसा प्रबंधन द्वारा दिए गए पत्र के अनुसार नवंबर माह से अब तक मदरसा पर मध्यान भोजन नहीं दिया गया है। मिड-डे मिल पहुंचाने वाली संस्था पर भोजन लेने के दबाव दिया जा रहा है। कमीशन के लिए भोजन प्रदान करने वाली संस्थाओं का मनमाने ढंग से हुए चयन की यह एक बानगी भर है। नगर के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक में भी मिड-डे मिल मानक और संख्या के हिसाब से नहीं मिल रहा है।
मिल रही शिकायत, होगी कार्रवाई
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव बताते हैं कि इस संदर्भ में कई मदरसों द्वारा मानक के विपरीत व संख्या से कम मध्यान भोजन दिए जाने का प्रकरण सामने आया है। इसमें सुधार के लिए सभी मदरसों का एक व्हाट्स अप ग्रूप बनाया गया है। इसमें प्रतिदिन दिए जाने वाले भोजन की फोटो डाला जाएगा। ऐसी घटना पर संस्थाओं पर कार्रवाई करने के लिए बीएसए व जिलाधिकारी को लिखा जाएगा। भोजन में गुणवत्ता के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।



