
Bihar Assembly Elections: मुजफ्फरपुर बिहार में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। शीघ्र ही जिलों को EVM मशीन भी मिलने वाली है। इस बार एम-3 ईवीएम का इस्तेमाल विधानसभा चुनाव में होने जा रहा है। एम-3 ईवीएम अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। 21 मई तक इसके मिलने की संभावना है। 25 मई से फर्स्ट लेवल चेकिंग शुरू हो जाएगी। करीब एक माह तक 25 अभियंता मिलकर इस कार्य को करेंगे। इस ईवीएम का विशेषता है कि छेड़छाड़ या एक स्क्रू भी खोला तो यह निष्क्रिय हो जाएगा। आगामी विधानसभा चुनाव में इसी का इस्तेमाल किया जाएगा।
किया जा रहा कर्मियों का सत्यापन
बिहार निर्वाचन आयोग अब चुनाव कराने को लेकर कर्मियों का सत्यापन किया जा रहा है। जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से सभी विभागों को कर्मियों की सूची भेजी गई है। उन सभी का सत्यापन करते हुए रिपोर्ट देने को कहा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद चुनाव के दौरान उनकी ड्यूटी लगाई जा सकेगी। जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से पूछा गया है कि उक्त कर्मी अभी कहां पदस्थापित हैं। क्या वे कार्य कर रहे हैं अथवा सेवानिवृत हो चुके हैं। उन्हें स्वास्थ्य संबंधित किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं है। ऐसे विभिन्न बिंदुओं पर सत्यापन करते हुए रिपोर्ट मांगी गई है। सभी कर्मियों का डाटा बेस तैयार किया जा रहा है। इसके लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने दो दर्जन से अधिक कर्मियों की प्रतिनियुक्ति कार्मिक कोषांग में कर दी है, ताकि डाटाबेस शीघ्र तैयार हो सके।
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बूथों का मानक बदला
आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव के लिए बूथों का मानक बदल दिया गया है। पहले हर बूथ पर 1500 मतदाताओं के मतदान की व्यवस्था होती थी। अब नए मानकों के अनुसार 1200 मतदाताओं पर एक बूथ का गठन किया जाएगा। वर्तमान में राज्य में 77895 बूथ हैं। अब बूथों की संख्या बढ़कर लगभग 92000 हो जाएगी। इसको लेकर भारत निर्वचान आयोग से 1200 प्रति बूथ मानक के अनुसार 16 हजार कंट्रोल यूनिट, 17 हजार वीवीपैट और 22 हजार बैलेट यूनिट की मांग की गई है। वर्तमान में लगभग 1 लाख से अधिक ईवीएम जिलों के बज्रगृहों में भंडारित की गई है, ईवीएम का एफएलसी चरणवार तरीके से किया जाएगा।

