अमितेश सिंह
गाजीपुर: कृषि विज्ञान केन्द्र, पी जी कालेज, गाजीपुर क्षेत्र के किसानों को समय पर कृषि से जुड़े विषयों पर सजग प्रहरी की भूमिका निभाता रहा है कृषि विज्ञान केन्द्र, पी जी कालेज। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए केंद्र द्वारा जय जवान जय विज्ञान दिवस/तकनीकी सप्ताह दिवस का आयोजन 23 दिसम्बर से 29 दिसम्बर तक मनाया जा रहा है, जिसकी शुरूआत कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कृषि विज्ञान केन्द्र में आज की गई। आज क्षेत्र के 200 किसानों के साथ ही बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं, स्कूली बच्चों को कृषि प्रदर्शनी के माध्यम से खेती-किसानी के बारे में जानकारी दी गयी।
इस दौरान उद्यान वैज्ञानिक डाॅ विनोद कुमार सिंह ने किसानों को औद्योगिक फसलों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। किसानों से रूबरू डॉ सिंह ने कहा कि आज हमारी आवश्यकताएॅं बढ़ती जा रही हैं, जिससे हमें उत्पादन क्षमता बढ़ाना है, अतः हमें सब्जियों जैसे-टमाटर, आलू, गोभी, मटर इत्यादि के उत्पादन में वृद्धि के साथ ही पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए पेड़-पौधों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
संस्थान के मृदा वैज्ञानिक डाॅ धर्मेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में हमारी मिट्टी की स्थिति बहुत ही दयनीय होती जा रही है, जिससे आने वाले समय में हमारा उत्पादन गिर सकता है, अतः ऐसी स्थिति में हमें मिट्टी का परीक्षण कराने के बाद, मिट्टी में जिस उर्वरक की जितनी मात्रा की आवश्यकता हो, उसी के अनुसार ही अपने खेतों में डालें। मिट्टी परीक्षण के लिए भारत सरकार द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र, गाजीपुर में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला भी स्थापित है, अतः किसान भाई केन्द्र से ‘‘मृदा स्वास्थ्य काॅर्ड’’ बनवाकर, उर्वरक की मात्रा का प्रयोग करें।
वहीं डाॅ0 धर्म प्रकाश श्रीवास्तव ने किसान भाईयों को सुझाव दिया कि गाय, भैंस, बकरी, सुकर, मुर्गी से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की समस्याएॅं आती हैं, वह केन्द्र पर सम्पर्क करें, सुझाव लें। कृषि इंजी मनोज मिश्रा ने बताया कि कृषि अभियंत्रणों को समय-समय पर ग्रिसींग इत्यादि करना चाहिए, जिससे आपका जो भी कृषि से सम्बन्धित अभियंत्रण हैं, उनको सुरक्षित रखा जा सके। केन्द्र के सीनियर साइंटिस्ट एण्ड हेड डाॅ दिनेश सिंह ने किसानों को भरोसा दिलाया कि कृषि विज्ञान केन्द्र किसानों की सहायता के लिए निरन्तर कार्यरत है, जिस किसान भाई को खेती-किसानी से सम्बन्धित समस्याएॅं आती हैं, केन्द्र पर वैज्ञानिकों की सहायता से उनकी समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। कार्यक्रम में उप कृषि निदेशक डाॅ यू पी सिंह, जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार भी उपस्थित रहे।
