पंचायत खबर डेस्क
गुमला : पूर्व लोकसभा उपाध्यक्ष और खूंटी लोकसभा के सांसद कड़िया मुंडा ने अपने संसदीय क्षेत्र गुमला जिले के पालकोट प्रखंड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने 10 करोड़ से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया। जिसमें पालकोट के कैंबा गांव के समीप मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत निर्मित पुल का उद्घाटन और पालकोट से गोनमेर जाने वाली सड़क का शिलान्यास शामिल है।
इस अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सांसद करिया मुंडा ने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार गांवों के विकास के लिए कृत संकल्प है। लेकिन यह तभी संभव होगा जब ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी व सहयोग प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार अब पंचायतों के माध्यम से गांव के विकास की योजना बनायी है। इसके लिए पंचायत के चुने हुए प्रतिनिधि ईमानदारी पूर्वक योजनाओं का चयन व कार्यान्वयन कर अपनी जवाबदेही पूरी करें। कड़िया मुंडा के इस कार्यक्रम से ग्रामीणों में भी उत्साह का संचार देखा गया।
सांसद ने झारखण्ड में चल रहे योजना बनाओ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि गांव में योजना बनाते समय समेकित विकास का ध्यान रखकर योजना बनायें। सिंचाई के लिए वर्षा जल को रोकने और बहुफसली खेतों को तैयार करने तालाब व डोभा निर्माण में अधिक ध्यान दें। गांव का विकास कृषि के विकास से ही संभव है इसलिए कृषि के अलावा पशुपालन पर भी अधिक ध्यान केंद्रित करें जिससे खेतों की पैदावार तो बढ़ेगी पशुपालन से नकद कमाई का रास्ता भी खुल सकेगा।
इस मौके पर ग्रामीणों नें भी अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को रखा जिस पर करिया मुंडा ने कहा कि ग्रामीण पांच लाख तक की योजना बनायें ताकि उसके लिए राशि की व्यवस्था की जा सके। इस मौके पर सविन्द्र सिंह, सुमीत केशरी, बालमुकुन्द महतो, सूरजदेव सिंह, यशवंत सिंह, मनोज केशरी, दयानंद केशरी, प्रतिमा केशरी, वंशीधर गुप्ता, गोपाल केशरी और रामअवध साहु सहित अनेक भाजपा के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
क्या है योजना बनाओ अभियान
पहले किसी भी योजना के निर्माण में ग्रामीणों से सुझाव नहीं लिया जाता था। झारखंड सरकार ने योजना बनाओ अभियान को शुरू किया है। मुख्यमंत्री रघुवर दास खुद योजना बनाओ अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। सरकार ने गांव की छोटी-छोटी योजनाओं को शामिल करने के लिए इस अभियान की शुरुआत की है । सरकार का उद्देश्य है कि गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में रहे, जिससे कि सिंचाई की व्यवस्था सुदृढ़ हो सके़। ग्रामीणों से क्षेत्र में डोभा, चेक डैम और सड़क बनाने को लेकर सुझाव लिये जा रहे हैं, ताकि उनकी प्राथमिकता के अनुसार विकास का काम किया जा सके। सरकार इन योजनाओं को बजट में शामिल कर विकास का काम करना चाहती है। इस योजना के तहत अब तक सरकार के मंत्री और सचिव 300 पंचायतों तक पहुंच चुके हैं।इसके अलावा जिलों के उपायुक्त भी योजना बनाने को लेकर ग्रामीणों से सुझाव ले रहे हैं।

