जैसे-जैसे बिहार पंचायत चुनाव नजदीक आ रहे हैं, चुनाव की रुपरेखा स्पस्ट होती जा रही है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायत चुनाव में नामांकन के लिए शुल्क निर्धारित कर दिए गए हैं । पंचायत चुनाव में खर्च की सीमा में बढ़ोतरी की गयी है । पढ़े लिखे प्रतिनिधिओं के लिए मैट्रिक का प्रमाणपत्र भी जन्मतिथि के लिए मान्य माना गया है।
कितना होगा नामांकन शुल्क
पंचायत चुनाव में छह पदों के लिए होने वाले चुनाव में 250 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक नामांकन शुल्क देना होगा. मुखिया पद के लिए एक हजार रुपया नामांकन शुल्क लगेगा। वहीं एससी, एसटी और पिछड़े वर्ग के प्रत्याशियों को आधा शुल्क देना होगा। कोई भी अभ्यर्थी किसी पद के लिए दो से अधिक नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर सकेगा। इसके लिए एक ही नामांकन शुल्क देना होगा. दूसरी ओर अलग-अलग शुल्क देकर एक व्यक्ति एक से अधिक पद पर चुनाव लड़ सकेगा। ग्राम कचहरी के पंच, ग्राम पंचायत सदस्य के सामान्य श्रेणी के प्रत्याशी को 250 रुपया, जबकि आरक्षित श्रेणी के प्रत्याशी को 125 रुपया देना होगा।
मुखिया, सरपंच और पंचायत समिति सदस्य के सामान्य श्रेणी के प्रत्याशी एक हजार रुपये जबकि आरक्षित श्रेणी के प्रत्याशी पांच सौ रुपये जमा करेंगे। जिला परिषद सदस्य के सामान्य श्रेणी के प्रत्याशी दो हजार रुपया जबकि आरक्षित श्रेणी के प्रत्याशी को एक हजार रुपया नामांकन शुल्क के रूप में देना होगा। अगर अनारक्षित पद पर कोई आरक्षित कोटि का अभ्यर्थी नामांकन कराता है, तो उसे आरक्षित कोटि की दर से ही नामांकन शुल्क देना होगा।
खर्च की सीमा में हो सकती है बढ़ोतरी
राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के अंतर्गत छह पदों के लिए चुनावी खर्च की सीमा बढ़ाने की सिफारिश की है। जिला परिषद सदस्य पद के लिए पहले 50 हजार था, अब 1 लाख 40 हजार रुपये प्रस्तावित है। मुखिया और सरपंच दोनों पदों के लिए पहले 25 हजार था, अब 70 हजार, पंचायत समिति सदस्य पद के लिए पहले 20 हजार था, अब 60 हजार और वार्ड व पंच दोनों पद के सदस्यों के लिए पहले 10 हजार था, अब 20 हजार रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। दूसरी ओर, पंचायत चुनाव के विभिन्न पदों के लिए जो नामांकन के समय जमानत राशि ली जाती है, उसमें कोई बढ़ोतरी नहीं करने की सिफारिश की है।
मैट्रिक का प्रमाणपत्र भी मान्य होगा जन्मतिथि के लिए
राज्य निर्वाचन आयोग ने जिलों को निर्देश दिया है कि पंचायत चुनाव में किसी भी पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करते समय प्रत्याशियों द्वारा अपनी शैक्षणिक योग्यता का ब्योरा दे। अगर कोई प्रत्याशी मैट्रिक या समकक्ष परीक्षा पास है तो प्रमाणपत्र में जो जन्म तिथि दी गयी है, उसे ही वैध माना जायेगा। निर्वाची पदाधिकारी द्वारा प्रत्याशी के मैट्रिकुलेशन या उसके समकक्ष के प्रमाणपत्र में दर्ज उम्र के आधार पर उसके उम्र की गणना की जायेगी, चाहे मतदाता सूची या मतदाता पहचान पत्र में उसकी उम्र इससे भिन्न ही क्यों नहीं दर्ज हो। आयोग ने सभी जिलों को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट कर दी है. यह कहा गया है कि नामांकन दाखिल करते समय मैट्रिक या उसके समकक्ष परीक्षा पास प्रत्याशियों को प्रमाणपत्र की स्व अभिप्रमाणित छाया प्रति नामांकन पत्र के साथ संलग्न करनी होगी। अगर कोई प्रत्याशी मैट्रिकुलेशन या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण नहीं हुआ हो तो मतदाता सूची में दर्ज उम्र के आधार पर उसकी उम्र के संबंध में निर्णय लिया जायेगा। प्रत्याशियों के नामांकन के दिन उम्र सीमा 21 वर्ष होनी चाहिए। 21 वर्ष से कम उम्र के प्रत्याशी का नामांकन पत्र अस्वीकृत हो जायेगा।


