दिल्ली महिला आयोग ने किया खूंटी की आराधना सिंह को सम्मानित

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अपराजिता संतोष

खूंटी की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की थाना प्रभारी आराधना सिंह को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल ने मंगलवार को नयी दिल्ली में सम्मानित किया । आराधना सिंह को यह पुरस्कार मानव तस्करी के मामले में बेहतर कार्य करने के लिए दिया गया ।

aradhna singhपुरस्कार मिलने के बाद पुलिस अधिकारी आराधना सिंह पंचायत खबर से बातचीत में कहा कि वह सम्मान पाकर गौरवान्वित हुई हैं । उन्होंने कहा कि सम्मान में मिली राशि जरुरतमंद लड़कियों में दान करेंगी और आगे भी मानव तस्करी के खिलाप अभियान चलाती रहेंगी । उन्होंने कहा कि इस पुरस्कार के बाद दिल्ली सरकार से मदद मिलने की काफी उम्मीद बंधी है। एक पुलिस अधिकारी के रूप में भले ही उन्हें पुरस्कार के लिए चुना गया हो, लेकिन सही मायने में यह झारखंड के बच्चियों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि एक अधिकारी के रूप में लड़कियों को बरामद करना, तस्करों को पकड़ना उनके काम में शमिल है,लेकिन उनकी सबसे बड़ी समस्या उन लोगों को लेकर है जो लड़कियों को प्लेसमेंट एजेंसी से काम पर ले जाते हैं, वह उनलोगों को सजा नहीं दिलवा पाती है। रेस्कयू आपरेशन के विषय में आराधना सिंह ने बताया कि प्रत्येक रेसक्यू आपरेशन के बाद लड़किया इतनी डरी सहमी होती हैं कि उन्हें इस ट्रामा से बाहर लाना काफी चुनौती पूर्ण है। कई बार तो लड़कियां अपना नाम तक भूल जाती हैं। इसके साथ ही आराधना ने कहा कि जिन बच्चियों को छुड़ाया जाता है,वैसे तो उनकी कोशिश होती है कि जो जिस लायक हों उनका पुर्नवास हो, पढाई लिखाई करें, उनका कौशल विकास हो। इसके लिए उनकी कौसलिंग के साथ आगे बढने में मदद की जाती है,लेकिन प्रदेश में व्याप्त गरीबी और गांव गांव तक फैले दलालों के जरिए फिर से तस्करी के जाल में फंस जाने का खतरा बना रहता है ।

हालांकि आराधना सिंह कहती है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्यन्यायधीश के सतत प्रयास से लड़कियों और माता पिता में तस्करों के चंगुल में न फंसने की जागरूकता बढ़ी है। वे कहती है उन्होंने जिन लड़कियों को छुड़ाया उनमें से कई लड़कियां कस्तूरबा गांधी स्कूल में पढाई कर रही है। इसके साथ ही लगभग 20 लड़कियों का कौशल विकास कराया जा रहा है। प्रदेश में बेटी बचाओं और आशा किरन जैसी योजनाओं से जागरूकता बढी है। शक्ति वाहिनी के ऋषिकांत ने आराधना सिंह के काम की पशंसा करते हुए कहा कि ऐसे ही अधिकारियों से यह उम्मीद बंधती है कि प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए तस्करी का धंधा करने वाले तस्कर किसी भी कीमत पर नहीं बच पायेंगे और झारखंड की बेटियां ऐसे तस्करों से इन पुलिस अधिकारियों के भरोसे महफूज रह पायेंगी।

गौरतलब है कि आराधना दिल्ली से कई मानव तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी हैं । पिछले एक साल में उन्होंने 65 मानव तस्कर को सलाखों के पीछे भेजा और सौ से ज्यादा बच्चों को मुक्त कराया है । उनके प्रयास से सैकड़ों लड़कियों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया जा सका है।

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