पूजा श्याम
नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में रबी फसलों की बुआई की प्रगति, मौसम की स्थिति, राष्ट्रीय कीट सर्वेक्षण प्रणाली (N.P.S.S.) कृषि उत्पादों के आयात-निर्यात और विपणन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की यदि आंकड़ो पर गोर करें तो 17 जनवरी 2025 तक रबी फसल का कुल क्षेत्र की बुआई 640 लाख हेक्टेयर हो चुकी है। हलांकि पिछले वर्ष की अवधि में 637.49 लाख हेक्टेयर की तुलना में 2.51 लाख हेक्टेयर अधिक है। फसल कवरेज और फसल की बढ़ोतरी पिछले साल की तुलना में बेहतर है। इस दौरान टमाटर, प्याज और आलू (टी.ओ.पी.) की बुआई हो रही है। टी.ओ.पी. फसलों की बुआई पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
राज्य सरकारों के साथ बढ़ाए तालमेल
कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि मुद्दों पर वह स्वयं साप्ताहिक बैठक करने के अलावा, समय-समय पर कृषि मंत्रियों के स्तर पर राज्य सरकारों के साथ भी बैठकें करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से भी कहा कि इन मुद्दों पर राज्य सरकारों के साथ लगातार जुड़े रहें। क्योंकि जमीनी स्तर पर मुद्दों को संबोधित करने के लिए राज्य सरकार के अधिकारियों की भागीदारी की आवश्यकता होगी।
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कीमतों को नियंत्रित करने के लिए करें उपाय
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि फसल की समग्र स्थिति पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर है। उन्होंने बताया कि गेहूं (0.46%), सरसों (0.14%), सोयाबीन (0.25%) की मंडी कीमतें सप्ताह-दर-सप्ताह बढ़ी हैं। जबकि अरहर (1.22%), चावल (1.20%) चना (0.67%), आलू (6.34%) और टमाटर (6.79%) की मंडी कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा बाजार में गेहूं, चावल, चना, सरसों और तिल की कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) से अधिक मिल रहा है। इस बाबत कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उपाय अपनाएं।
