होगा ई-गवर्नेंस में सुधार

0
341

“संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने 3 दिसंबर को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी कि भारत सरकार “डिजिटल इंजिया” कार्यक्रम का कार्यान्वयन भारत को डिजिटल रूप से एक सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था के रूप में परिवर्तित करने के विज़न के साथ कर रही है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत भारत सरकार ने ई-क्रांति के कार्यान्वयन का प्रस्ताव किया है, जिसमें देश में विभिन्न ई-शासन सेवाओं के प्रावधान की परिकल्पना की गई है। ई-क्रांति योजना का फोकस ई-शासन सेवाओं का कायाकल्प करने पर है। इसके लिए विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा चलाई जा रही ई-शासन योजनाओं के अंतर्गत मिशन मोड परियोजनाओं (एमएमपी) के फोर्टफोलियो का विस्तार करने, सरकारी प्रक्रिया रि-इंजीनियरिंग (जीपीआर), कार्यप्रवाह स्वचालन शुरू करने क्लाउड और मोबाइल प्लेटफॉर्म जैसी नवीनतम प्रौद्योगिकियों को शुरू करने और सेवाओं के एकीकरण पर फोकस किया गया है।

सरकार ने, जहां कहीं भी लागू है, अपनी विभिन्न ई-शासन परियोजनाओं और पहलों में आधुनिक प्रौद्योगिकियों को लागू किया है। क्लाउड कम्युटिंग के लाभों का सदुपयोग करने और लाभ उठाने के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डीईआईटीवाई) में मेघराज-जीआई क्लाउड परियोजना शुरू की है जिसमें सरकार के आईसीटी व्यय का इष्टतम उपयोग करते हुए देश के नागरिकों को ई-सेवाओं की प्रदायगी में तेजी लाने पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। इस परियोजना से अवसंरचना का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित होगा और ई-शासन अनुप्रयोगों के विकास और नियोजन में तेजी आयेगी। मेघराज के अंतर्गत राष्ट्रीय क्लाउड 4 फरवरी, 2014 से प्रचालनरत है और 61 विभाग मेघराज की सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। मेघराज के अंतर्गत एक ई-शासन एप्प (https://apps.nic.in), स्टोर पहले से ही प्रचालनरत है ई-शासन एप्प स्टोर एक केंद्रीय अनुप्रयोग भंडार है जो दोनों क्लाउड और गैर-क्लाउड समर्थित अनुप्रयोगों को होस्ट करेगा।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा दी गई सूचना के अनुसार देश भर में 30.09.2014 की स्थिति के अनुसार 25.44 करोड़ इंटरनेट सब्सक्राइबर हैं। ई-वाणिज्य की तेजी से पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय ऑटिप्कल फाइबर नेटवर्क (एनओएफएन) परियोजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च गति ब्रोडबैंड कनेक्टिविटी की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कदम उठाए हैं।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here