आधुनिक किसान गढ़ रही है इफको कोर्डेट

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मनीष अग्रहरि

इंडियन फारमर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड ( इफको ) उर्वरक उत्पादन करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी सहकारी कंपनी है,जिसकी स्थापना 3 नवंबर 1967 को की गई। स्थापना से लेकर अब तक इसने उर्वरक कारोबार में नित नये रिकार्ड बनाये है। मौजूदा समय में चालीस हजार सदस्यो के साथ यह पूर्ण रूप से सहकारी संघ के स्वामित्व वाली कंपनी बन चुकी है।

यही कारण है कि इसे साल 2011 में फार्चून इंडिया द्वारा देश की 37 शीर्ष कंपनियो में शुमार किया गया है।इफको इस बार अपनी रजत जयन्ती (50 वाॅं वर्ष) देश के 125 विभिन्न स्थानो पर ‘किसान और सहकार सम्मेलन‘ के रूप में मना रही है। उल्लेखनीय है कि यह कंपनी इस समय रसायनिक उर्वरको के अलावा जैव उर्वरक, बीमा क्षेत्र में भी कारोबार कर रही है।

मगर क्या आपको पता है कि इफको कारोबार के साथ साथ सामाजिक सरोकार भी करती है। जी हां यह पूरे देश के किसानो को आधुनिक कृषि तकनीक से लैस कर उनके आर्थिक स्थिती को भी मजबूत करने में मदद कर रही है, जिससे किसानों की सामाजिक स्थित भी बेहतर हो रही है। खास बात यह है कि कोर्डेट (इफको ) द्वारा यह काम पूरी तरह से निःशुल्क किया जा रहा है जिसका लाभ पूरे देश के किसान ले सकते है।

किसानो को तकनीकी, आर्थिक, मानसिक, और सामाजिक मोर्चे पर मजबूत करने वाले इस अनूठे कार्य को आइये जानते है तफ्सील से ।

आखिर क्या है कोर्डेट, किस तरीके से यह पूरे देश के किसानों को मुफ्त में मदद करती है, और किसान यहां तक कैसे पहुच सकते है, समेत दूसरे कुछ अन्य सवालो के बारे में ।

क्या है कोर्डेट: इफ्को ने वर्ष 1978 में कोआपरेटिव रूरल डेवलपमेंट ट्रस्ट (कोरडेट) का गठन किया। इसका मुख्य उद्देश्य है किसानों को कृषि एवं सहायक क्षेत्रो में प्रायोगिक प्रशिक्षण देना व अपने माडल फार्म पर भ्रमण कराना जिससे उनके क्षमता निर्माण में वृद्वि हो सके और खेती आधारित आजीविका बेहतर बन सके। मौजूदा समय में देश के अंदर इफको के कलोल (गुजरात), कांडला (तटीय क्षेत्र) आंवला (बरेली के निकट), फूलपुर (इलाहाबाद) व पारादीप (उड़ीसा) में उत्पादन यूनिट है, जिनमें से कलोल (गुजरात) और फूलपुर (इलाहाबाद) यूनिटो में कोर्डेट कार्य कर रहा है। इन दोनो यूनिट के कोर्डेट से पूरे देश के किसानों को लगातार लाभ मिल रहा है।

मुफ्त आवाशीय प्रशिक्षण: किसानो को यहां वर्ष भर समूह मे प्रशिक्षत किया जाता है। सभी प्रकार के प्रशिक्षण आवासीय होते है जिसमें रहने, खाने और मनोरंजन की उत्तम व्यवस्था होती है, यही नही प्रशिक्षणार्थियों को आने जाने का यात्रा भत्ता भी प्रदान किया जाता है। अमूमन किसानों को सप्ताहिक प्रशिक्षण दिया जाता है, यह प्रशिक्षण उन्हे समन्वित रूप से खेती बागवानी समेत कृषि के अन्य सहायक रोजगार, धंधे को बेहतर बनाने के लिए होता है। कई बार समन्वित न करके किसी खास तरकीब या कार्य को लेकर भी प्रशिक्षण दिया जाता है। खास बात यह है कि यह प्रशिक्षण प्रायोगिक होता है जिसे किसान यहां के फार्म पर देखते और समझते भी है। खेती की आधुनिक विधियों के साथ साथ आधुनिक तरीके का मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, डेयरी कारोबार व फल आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का भी विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है।

 कोर्डेट, फूलपुर के प्रशिक्षण प्रभारी नंद जी जायसवाल ने बताया कि वर्ष 1980-1981 से मार्च 2017 तक कुल 2908 कार्यक्रमो के माध्यम से बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश समेत अन्य सूबों के 1,57,212 किसानो को प्रशिक्षित किया जा चुका है। उन्होनें आगे बताया कि पूर्वोत्तर के किसान यहां अक्सर एक्सपोजर विजिट पर आते रहते है। अनेक बार नेपाल जैसे कुछ बेहद पिछड़े देश के किसानो को भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

कोर्डेट से मिलने वाले अन्य लाभ: प्रशिक्षण से इतर कोर्डेट में किसानो के लिये कुछ ऐसी उपयोगी सुविधायें व संसाधन है जिससे पूरे देश के किसान आसानी से लाभ ले सकते है ।

मुफ्त मिट्टी जांच: यहां अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एक बड़ी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला है, जिसमें सभी प्रकार के पोषक तत्वों का गहन विश्लेषण करके उसकी रिपोर्ट उर्वरक सिफारिश के साथ किसानो को सौंपी जाती है। यह परीक्षण पूरी तरह से मुफ्त में है। मुफ्त मृदा परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त करने के लिये किसान अपने निकटतम सहकारी समितियों( पैक्स ), अथवा इफ्को के फील्ड आफिसर के माध्यम से मृदा नमूना भेज सकते है। किसान या कोई भी जरूरतमंद सीधे यहां आकर भी इस सुविधा का लाभ ले सकता है।

यहां के मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के कनिष्ठ विश्लेषक डां हरिश्चन्द्र ने बताया कि सितंबर 2016 तक कुल 10,54,393 मृदा नमूनों के माध्यम से विभिन्न प्रदेशो के 70 हजार से अधिक किसानो को उर्वरक संस्तुति के साथ रिपोर्ट दी जा चुकी है। उन्होने आगे बताया कि अगले वित्तीय वर्ष से हम एक साफ्टवेयर के माध्यम से किसानो की मृदा जांच रिपोर्ट को सीधे उनके मोबाइल पर भेजेगें जो पूरे देश में अपने आप में अनूठा प्रयास होगा। साथ ही उन्होनें यह भी कहा कि सभी हिंदी पट्टी राज्यों के जिले की मिट्टी की क्या दशा है यह भी हमारे साफ्टवेयर से कोई भी जान सकता है।

प्रमुख जैव उर्वरक: कोर्डेट बड़े पैमाने पर जैव उर्वरक और तरल जैव उर्वरकों का भी उत्पादन करता है। किसान इन्हे इफको के किसान सेवा केन्द्रों अथवा सहकारी समितियो (पैक्स) से प्राप्त कर सकता है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर इफको के जिला फील्ड आफिसर से संपर्क कर समाधान पा सकते है।

माडल फार्म: कोर्डेट ने अपने विशाल परिसर में फार्म (प्रक्षेत्र) बना रक्खा है, जिस पर आधुनिक तरीके से खेती, बागवानी की जाती है, जिसे देख कर किसान आसानी से उन्नत खेती के गुरू जान सकते है।

बीज उत्पादनः इसमें कोई शक नही कि अच्छे बीजो से ही अच्छी फसल पायी जा सकती है, जब कि इन दिनो उन्नतशील बीजो का आभाव बना रहता है। एैसे में कोर्डेट के फार्म पर बीज उत्पादन की प्रक्रिया को अच्छी तरह से समझ कर भारी मात्रा में पैदावार प्राप्त करने के साथ ही साथ बीज कारोबार से अच्छा मुनाफा भी कमाया जा सकता है। संस्थान के द्वारा तकरीबन 30.5 हैक्टेयर वाले फार्म पर विभिन्न फसलो के लगभग 2 हजार कुंतल बीजों का उत्पादन कर उनकी बिक्री की जा रही है।

डेयरी फार्म: कोर्डेट इस समय सालाना तकरीबन 75 हजार लीटर से अधिक दूध का उत्पादन आधुनिक तौर तरीके से अपने डेयरी फार्म पर करती है, जिसे देख , समझ कर किसान अपने लागत को घटा कर मुनाफा बढ़ा सकते है।

मौन पालन: कोर्डेट के बीरेन्द्र सिंह ने बताया कि साल भर में 25 कुन्तल से अधिक शहद को प्रसंस्कृत कर बिक्री की जाती है, शहद उत्पादन का कार्य यहीं पर मौन बक्सों के माध्यम से किया जाता है। वर्तमान में यहां लगभग 50 मौन वंश है, और प्रसंस्करण व पैकिंग हेतु अत्याधुनिक मशीनें जिसकी जानकारी लेकर किसान मौन पालन में माहिर बन सकते है।

उद्यमी बनती महिलायें: यहां की खाद्य प्रसंस्करण इकाई न केवल महिलाओं को इस बारे में प्रशिक्षित कर पारंगत करती है, बल्कि अपने इकाई से विभिन्न उत्पादो का तकरीबन 7 लाख से अधिक का कारोबार भी करती है। इससे फलों के प्रसंस्करण से तैयार उत्पादो जैसे आचार, सिरका, जैम, जेली, चटनी, मुरब्बा, कैंडी, जूस समेत अन्य चीजो को महिलायें समूह में या व्यक्तिगत रूप से तैयार कर अपने कारोबार को चमका कर आत्मनिर्भर बन सकती है।

विभिन्न प्रकार की गोष्ठी: संस्थान द्वारा समय—समय पर अनेक प्रकार की गोष्ठी आयोजित की जाती है जिसमें नामवर विषय विशेषज्ञों के द्वारा उपयोगी जानकारी दी जाती है। इन गोष्ठियों में शामिल होकर किसान अपने तकनीकी ज्ञान में वृद्वि कर सकते है।

गोद लेता गांव: अपने उत्पादन इकाई के इर्द गिर्द आने वाले गांवो में बेहतर शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए कोर्डेट समन्वित ग्रामीण विकास कार्यक्रम (आईआरडीपी) चलाती है। इसके माध्यम से ग्रामीणो को निः शुल्क बीज वितरण, कंप्यूटर ट्रेनिंग, सिलाई मशीन का वितरण समेत अन्य सामग्रियों को वितरित और जागरूक कर सक्षम बनाने का कार्य करती है।

माहिरों का मशविरा: कोर्डेट के प्रधानाचार्य डा मनबोध प्रसाद कहते है “ किसान इस संस्थान से प्रशिक्षण लेकर रोजगार प्रदाता बन सकते है। जिससे उनकी आर्थिक स्थिती के साथ—साथ सामाजिक स्थित भी मजबूत हो सकती है, बस जरूरत है तो मजबूत इरादे की। पिछले वित्तीय वर्ष 2015-2016 में इफ्को द्वारा मिलने वाले अनुदान को कार्डेट ने मना कर अपने संसाधनो और व्यय से सारा कार्यक्रम संचालित कर रही है इससे किसान भाइयों को बड़ी सीख लेनी चाहिए। बता दे कि वित्तीय वर्ष 2015-2016 में संस्थान की वार्षिक वित्तीय स्थित 8 करोड रूपये हो चुकी है। ”

संस्थान के फार्म मैनेजर डीके पांडेय बताते है ” ट्रेनिंग के दौरान किसानो को फार्म पर की जा रही आधुनिक खेती बागवानी और मौन पालन को दिखाया, समझाया जाता है। इसके अतिरिक्त जो किसान सीधे आकर देखना समझना चाहते है, संस्थान में उनका भी स्वागत है। फार्म पर उपलब्ध मशीनों की आॅपरेटिंग वगैरह भी किसान समझ सकते है, ज्यादा से ज्यादा किसानों को हमारे यहा भ्रमण कर लाभ लेना चाहिए। “

कैसे होगा चयन: इस संबंध में प्रधानाचार्य डॉ मनबोध प्रसाद कहते है कि पूरे भारत में इफ्को के फील्ड आफिसर जनपद स्तर पर मौजूद है। उनके माध्यम से अथवा स्थानीय सहकारी समितियों/पैक्स के माध्यम से किसान आवेदन कर प्रशिक्षण हेतु चयनित हो सकते है, जब कि एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम सिर्फ गैर हिंदी पट्टी राज्यों हेतु रखा जाता है।

प्रशिक्षण, एक्सपोजर विजिट अथवा कोर्डेट के अन्य किसी भी किसान उपयोगी कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी हेतु फूलपुर (इलाहाबाद) यूनिट के निम्न पता वं नंबर से संपर्क किया जा सकता है।

प्रधानाचार्य,

मोतीलाल नेहरू फारमर्स ट्रेनिंग इन्स्टीटयूट, इफ्को परिसर, पो0 घियानगर, फूलपुर, इलाहाबाद 212404

दूरभाषः 05332-253379,253799, मोबाइल न0 7897740877 फार्म एंड फूड से साभार

 

                                

                                   

 

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