ग्रामीण ओलंपिक का लेना हो मजा तो पहुंचे किला रायपुर, हॉकी से लेकर गिल्ली-डंडा और मटका रेस में जलवा दिखायेंगे खिलाड़ी

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पूजा श्याम

 

Qila Raipur Rural Olympics 2025: हॉकी, फुटबॉल और क्रिकेट जैसे खेलों को तो वैश्विक स्तर पर पहचान मिली ही है लेकिन इस पहचान का आधार है गांव। भारत के ग्रामीण परिवेश में खेले जाने वाले इन खेलों की एक समृद्ध परंपरा है। ये खेल न केवल मनोरंजन के साधन हैं। बल्कि ये हमारी संस्कृति और परंपराओं का भी हिस्सा हैं। बावजूद इसके ये ग्रामीण् खेल गांव की पुलिया तक ही सीमित रह जाते हैं। मगर पंजाब में लुधियाना किला रायपुर में एक ऐसी जगह है। जहां हॉकी, रनिंग और कबड्डी से लेकर गांवों में खेले जाने वाले गिल्ली-डंडा और गिटा पत्थर जैसे खेलों का भी एक ग्रामीण ओलंपिक प्रौग्राम चल रहा है। बड़ी बात यह है कि ग्रामीण खेलों का ये उत्सव मिनी ओलंपिक के नाम से भी मशहूर है। किला रायपुर में ग्रामीण ओलंपिक का प्रारम्भ शुक्रवार 31 जनवरी को हुआ और ये 2 फरवरी तक चलेगा।

क्या है ये ग्रामीण ओलंपिक
दरअसल किला रायपुर में ग्रामीण ओलंपिक एक वार्षिक खेल उत्सव है जो पंजाब के लुधियाना जिले के किला रायपुर गांव में आयोजित किया जाता है। इसे “ग्रामीण ओलंपिक” के रूप में भी जाना जाता है। और यह ग्रामीण ओलंपिक की शुरुआत 1933 में हुई थी। इसकी शुरुआत एक स्थानीय जमींदार, इंद्रजीत सिंह ग्रेवाल ने की थी। उन्होंने गांव के युवाओं को खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए इस उत्सव की शुरुआत की थी। यह उत्सव हर साल फरवरी महीने में आयोजित किया जाता है। देशभर से इस खेल में 6500 से ज्यादा खिलाड़ी शामिल हो ​रहे है। इनमें महिला और पुरुष दोनों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। इसमें हॉकी और कबड्डी जैसे खेलों के अलावा ग्रामीण भारत में प्रसिद्ध गिल्ली-डंडा जैसे खेलों को भी जगह दी गई है। बता दें कि इस मिनी ओलंपिक में 70 से 75 साल के बुजुर्गों की अलग से दौड़ कराई ​जाती है। वहीं ट्रैक्टर के बड़े-बडे़ टायर्स को रोल ऑन करने वाली दौड़ होती है। इसमें ग्रामीण खेल, आधुनिक खेल और परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स शामिल हैं। 4 दिनों तक चलने वाले इस खेल उत्सव को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आ र​हे है।

पहले दिन के खेल
किला रायपुर में चल रहे ग्रामीण ओलंपिक के आयोजक करन सिंह ने बताया कि पुरुष और महिला हॉकी टूर्नामेंट में 8-8 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इसके अलावा आज यानी पहले दिन बाजीगर, एक्रोबैट जैसे खेल हुए। बता दें कि बाजीगर उनको कहते हैं, जो एक गाँव से दूसरे गाँव में कलाबाज़ी का अभ्यास करते हुए घूमते हैं। इसमें मटका रेस 100 मीटर रन और कबड्डी प्रतियोगिता भी हुई है। पहले ही दिन बने खिलाड़ियों के रिकॉर्ड बेहतर साबित हुऐ है। बता दें कि 1500 मीटर की रेस में छोटे-छोटे बच्चों ने हिस्सा लिया। इस दौड़ में मेरठ की शहीद भगत सिंह एकेडमी की 9 साल की एक बच्ची ने रिकॉर्ड बनाया। इस लड़की ने अंडर-10 में 1500 मीटर की गर्ल्स रेस को 5.41 मिनट में दौड़कर पूरा कर लिया। जबकि पहले ये रिकॉर्ड 6.12 मिनट का था।

 

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बंजारों ने दिखाए करतब
इस ग्रामीण ओलंपिक में बंजारों ने एक खेल में खूब करतब भी दिखाए। बंजारे जमीन के अंदर 2 लकड़ियों को गाड़ देते हैं। और फिर उसके आगे मिट्टी का ढेर लगा होता है। इस ढेर के ऊपर पैर रखकर एक सामने रखी खाट पर कूदना होता है।

 

 

ग्रामीण ओलंपिक के खास खेल
कोकला छपकी खेल
इसे खेलने के लिए सभी खिलाड़ी पहले गोलाई में बैठते हैं। और उनमें से एक खिलाड़ी कपड़ा लेकर खड़ा होता है। जो खिलाड़ी बैठे हुए हैं वे पीछे नहीं देख सकते हैं। कपड़ा लेकर चलने वाला खिलाड़ी सभी बैठे हुए खिलाड़ियों के पीछे चक्कर काटता है। इसी दौरान खिलाड़ी उस कपड़े को किसी एक बैठे हुए खिलाड़ी के पीछे रख देता है। फिर जिसके पीछे कपड़ा रखा जाता है वो खिलाड़ी कपड़ा रखने वाले को पकड़ने के लिए दौड़ पड़ता है। इसी दौरान पीछे दौड़ रहे खिलाड़ी की जगह पहले वाले खिलाड़ी को बैठना होता है। इस दौरान अगर वो पकड़ा जाता है तो आउट हो जाएगा।

 

गिटा पत्थर खेल
इस खेल में 5 छोटे पत्थरों का काम होता है। सबसे पहले सभी पत्थरों के टुकड़ों को उछाला जाता है। इसके बाद एक-एक करके उठाया जाता है। इसमें से फिर एक पत्थर को उछाला जाएगा और इसी दौरान नीचे पड़े पत्थरों को इकट्ठा करना होता है। इसके बाद उछाले गए पत्थर को कैच करना होता है। इस तरह से इसमें पहले एक-एक पत्थर उठाना होता है, फिर दो-दो पत्थर और फिर आखिर में सभी पत्थर एक साथ उठाने होते हैं।

किकली खेल
इस खेल में दो लोग होते है। जो आमने-सामने होंगे और एक दूसरे के हाथ पकड़ लेते हैं और गोल-गोल घूमते र​हते हैं। ऐसे ही घूमते हुए जो खिलाड़ी गिर जाता है। वह आउट माना जाता है।

 

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गिल्ली डंडा खेल
ग्रामीण इलाकों में हर कोई गिल्ली डंडा खेलता है। यह खेल क्रिकेट जैसा ही होता है। लेकिन इसमें बल्ले और गेंद की जगह गिल्ली और डंडे का इस्तेमाल किया जाता है। यह खेल बच्चों के बीच बहुत लोकप्रिय है। इस खेल में लकड़ी की एक बड़ी छड़ी होती और दूसरी छोटी होती है जिसके दोनों कोने नुकीले होते हैं जिसे गिल्ली कहते हैं। गिल्ली के किनारे पर डंडे से मारते ही ये हवा में उछलती है और फिर ऐसे में ही डंडे से शॉट लगाया जाता है।

ट्रैक्टर रेस
रूरल ओलंपिक में ट्रैक्टर रेस का भी आयोजन होता है। बता दें कि अभी इन रूरल ओलंपिक में बैलों की रेस पर रोक लगी हुई है। इस वजह से ट्रैक्टर रेस की लोकप्रियता बड़ी है। ट्रैक्टर रेस को देखने के लिए हजारों लोग जुटते हैं।

रस्साकशी
रस्साकशी प्रतियोगिता ताकत का प्रदर्शन है। जिस टीम में सबसे ज्यादा ताकतवर खिलाड़ी होते हैं। उनकी ही जीत होती है। इस खेल में रस्सी के बीच में कपड़ा बांध दिया जाता है और दोनों तरफ दो टीमें होती हैं। इसके बाद खींचतान शुरू होती है। जो टीम रस्सी के बीच बांधे कपड़े को अपनी तरफ खींच लेती है। उसकी जीत होती है।

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