भारत में तेजी से शहरीकरण हो रहा है। बढ़ते शहरीकरण के चलते शहरों में ताजी सब्जियों का बेहद अभाव है। ऐसे में शहरों में बागवानी तेजी से उभर रहा है। लोग अपने गार्डेन और छतों पर ही सब्जियां उगाने के तरीके खोज रहे हैं। शौकिया तौर पर लोग अपने घरों के गमलों में पौधे उगाकर उनसे कुछ महीनों के लिए ढेर सारी सब्जियां उगा लेते हैं। यदि आपको भी खेती में रुचि है और अपने लिए ताजी सब्जियां उगाना चाहते हैं।
बागवानी क्या है?
बागवानी एक कृषि व्यवसाय है। बागवानी के अंतर्गत मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, फूलों और फलों की खेती, चाय बागान इसके अलावा इसमें सब्जियों की खेती आदि की जाती है।
घर की छत पर क्या-क्या उगा सकते हैं ?
छत पर आप आसानी से टमाटर, बैंगन, मिर्च, शिमला मिर्च, पत्ता गोभी, भिंडी, धनिया, अमरूद, अनार, चीकू, सेब, आड़ू, चेरी आदि को कम लागत में उगा सकते हैं। फल-फूल और सब्जियों को आप अपनी घर की छत पर आसानी से उगा सकते है।
छत पर बागवानी करते समय रखें, इन बातों का ध्यान
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किसी भी चीज की बागवानी करते समय उससे जुड़ी सभी जानकारी किसी अनुभवी व्यक्ति से एक बार जरूर राय लें। जिससे आपको काफी फायदा होगा।
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अगर आप बेहतर तकनीक और सही जानकारी से अनुसार अपनी घर की छत पर बागवानी करते हैं, तो आपको इसका बाजार में अच्छा दाम प्राप्त हो सकता है।
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घर की छत पर जैविक तरीके से की गई खेती को ही उत्तम माना जाता है और साथ ही इस खेती के बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं।
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हाइड्रोपोनिक्स विधि
- हाइड्रोपोनिक्स विधि एक विदेशी तकनीक से की जाने वाली बागवानी का आधुनिक तरीका है। यह विधि शहरों के लिए बेहद फायदेमंद है। इसे विधि में बिना मिट्टी का प्रयोग किए आधुनिक तरीके से खेती की जाती है।
हाइड्रोपोनिक खेती में केवल पानी और पानी के साथ पौधों के लिए जरुरी पोषक तत्व को दी जाती है। इस विधि में पाइप में माध्यम से सभी चीजें दी जाती है। इसमें जलवायु नियंत्रण की जरूरत नहीं होती है। लगभग 15 से 30 डिग्री तापमान और 80 से 85 प्रतिशत आर्द्रता (Humidity) में हाइड्रोपोनिक खेती को आसानी से किया जा सकता है।
इस तकनीक के मदद से समय और लागत की बचत होती है। यदि आप भी शहर में रहते हैं और छत पर 50-500 वर्गमीटर की जगह हो तो भी छत पर आसानी से बागवानी कर सकते हैं।

