हरियाणा के पंचायत चुनाव में इस बार कई नये प्रबंध किये गए। उसमे सबसे महत्वपूर्ण है। पंचायत प्रतिनिधियों के लिए पढाई की अनिवार्यता। इसे लेकर अदालत के दरवाजे भी खटखटाए गए, राजनीतिक दलों के बीच इस विन्दु पर आरोप-प्रत्यारोप की आवाजें भी सुनने को मिली। समाज शास्त्रियों ने सवाल खड़े किये, कहा गया कि बहुत बड़ी आबादी चुनाव लारने से वंचित हो जायेगी। लेकिन पहले चरण के चुनाव में जिस तरह से मतदान प्रतिशत बाधा है उससे यह साफ है की पहली पढ़ी-लिखी पंचायत चुनने के लिए हरियाणा के लोगों ने जबर्दस्त उत्साह दिखाया। पहले चरण में 21 जिलों के 47 ब्लॉकों में लगभग 81.6 % वोटिंग हुई। पिछले पंचायत चुनाव के पहले चरण में 70 प्रतिशत वोट पड़े थे। 10वीं, 8वीं और 5वीं पास होने की अनिवार्यता के साथ ही घर में टॉयलेट होने, बैंक लोन- बिजली बिल भुगतान क्लीयर करने तथा आपराधिक बैकग्राउंड न होने की शर्त के साथ पहली बार पंचायत चुनाव हो रहे हैं। पहली बार सरपंच पदों के लिए भी वोटिंग में ईवीएम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन सब बैटन को लोगों ने सकारात्मक ढंग से लिया है। हालाँकि चुनाव के दोरान हिंसकघटना भी हुई और पलवल में हुई, जहां के रत्तीपुर गांव में हुए पथराव में घायल एक व्यक्ति की मौत हो गई।
पंचकूला में सर्वाधिक मतदान: प्रदेश के चुनाव आयुक्त राजीव शर्मा ने बताया कि प्राप्त रिपार्ट के अनुसार पंचकूला में सर्वाधिक 90.7 प्रतिशत मतदान हुआ। जिले के पिंजौर खंड की गिरड़ां पंचायत के बूथ नंबर 32 पर 100 प्रतिशत तथा बूथ नंबर 33 पर 98.42 प्रतिशत मतदान की सूचना है। उन्होंने कहा कि पलवल, मेवात, रोहतक, भिवानी और फतेहाबाद जिला में कुछ स्थानों पर मामूली हिंसा की खबर है। उन्होंने बताया कि मेवात के पुन्हाना में 2 ईवीएम को नुकसान पहुंचाया गया है। इन स्थानों पर पुनर्मतदान कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पलवल जिला में एक बूथ के बाहर आपसी रंजिश के कारण झगड़ा हुआ है लेकिन इसका चुनाव से कोई संबंध नहीं है।
प्रदेश के चुनाव आयुक्त राजीव शर्मा ने बताया कि प्राप्त रिपार्ट के अनुसार पंचकूला में सर्वाधिक मतदान हुआ। चुनाव आयुक्त राजीव शर्मा के अनुसार रिटर्निंग अधिकारियों से प्राप्त अंतिम रिपोर्ट के बाद ही पंचायत चुनाव के पहले चरण में हुए मतदान के सही स्थिति का आकलन होगा। हालांकि ई-डैशबोर्ड के मुताबिक रविवार रात 8:45 बजे तक प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि पंचकूला में 91.7 प्रतिशत, कैथल में 87.4 प्रतिशत, फतेहाबाद में 88.1 प्रतिशत, यमुनानगर में 90.0 प्रतिशत, अंबाला में 85.1 प्रतिशत, रोहतक में 82.4 प्रतिशत, महेंद्रगढ़ में 81.3 प्रतिशत, झज्जर में 82.0 प्रतिशत, सिरसा में 86.5 प्रतिशत, मेवात में 79 प्रतिशत, पानीपत में 84.1 प्रतिशत, हिसार में 82.8 प्रतिशत, कुरुक्षेत्र में 78.2 प्रतिशत, जींद में 79.9 प्रतिशत, गुड़गांव में 81.9 प्रतिशत, सोनीपत में 74.8 प्रतिशत, फरीदाबाद में 76.8 प्रतिशत, रेवाड़ी में 73.3 प्रतिशत, करनाल में 80.7 प्रतिशत, भिवानी में 67.3 प्रतिशत और पलवल में 64.5 प्रतिशत मतदान हुए हैं। जिले के पिंजौर खंड की गिरड़ां पंचायत के बूथ नंबर 32 पर 100 प्रतिशत तथा बूथ नंबर 33 पर 98.42 प्रतिशत मतदान की सूचना है। उन्होंने कहा कि पलवल, मेवात, रोहतक, भिवानी और फतेहाबाद जिला में कुछ स्थानों पर मामूली हिंसा की खबर है। उन्होंने बताया कि मेवात के पुन्हाना में 2 ईवीएम को नुकसान पहुंचाया गया है। इन स्थानों पर पुनर्मतदान कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पलवल जिला में एक बूथ के बाहर आपसी रंजिश के कारण झगड़ा हुआ है लेकिन इसका चुनाव से कोई संबंध नहीं है।
सूबे के सभी 21 जिलों के 47 ब्लॉकों में पंच, सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के पद के लिए मतदान के प्रति ग्रामीण वोटरों में भरपूर उत्साह नजर आया। पहले चरण में पंच के 26248, सरपंच के 20583 और पंचायत समिति सदस्यों के 1221, जबकि जिला परिषद सदस्यों के 171 पदों के लिए चुनाव हुए। दूसरे चरण में 17 जनवरी को वोटिंग होगी।

